जिस के बारे में जानते हैं उसी के बारे में चर्चा होती है.
अपनी जाति समाज , अपने धर्म, अपने देश के संविधान पर चर्चा होती है, आलोचना भी करते है ताकि कमी, बुराई को समझ कर उसे दूर कर सकें, परिवर्तन, संशोधन हो ।आज कल हमारे देश के लोग आरक्षण कानून पर बहुत चर्चा कर रहे हैं । विदेशों के कानून पर नहीं । अपनी जाति समाज, अपने धर्म, संविधान पर चर्चा करनी चाहिए, आलोचना करनी चाहिए, दूसरे जाति समाज, धर्म , संविधान की नहीं ।
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