विवाह एक अलिखित समझौता है । पति पत्नी एक दूसरे के सुख दुख के साझेदार होते हैं । काम क्षुधा की पूर्ति करते हैं । स्वयम् को अपने बच्चों के रूप में पुनरुत्पत्ति करते हैं । शादी के बाद वे प्रेमी प्रेमिका , मित्र जाते हैं । भले ही उनके विचार पूर्णतः एक नहीं होते ।
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