गुरुवार, 14 मई 2020

OBC कौन? छत्तीसगढ़ में कोलता जाति के लोग भी लिखते हैं उपनाम "गुप्त"

पिछड़ी जाति कौन? -
छत्तीसगढ़ में कोलता जाति के लोग भी उपनाम "गुप्ता" लिखते हैं, ओड़िशा में कोई नहीं लिखता ।

                 आर्यों के मनु स्मृति के चार वर्णों में से तीन वर्ण क्रमशः उच्च माने जाते हैं ब्राह्मण, क्षत्रीय, वैश्य , चौथा वर्ण है शुद्र । 
           शुद्र को अछूत माना गया । ब्राह्मण उनके घर में जाकर जन्म  मृत्यु संस्कार, शादी विवाह, यज्ञ हवन आदि नहीं करते ।
                 आर्य हमारे भारत में आकर बस गये । यहाँ  के मूल निवासी जंगलों में रहने वाले  (S. T.) तथा मैदानी इलाके में रहने वाले (अन्य पिछड़ी जाति O.B.C. मुख्य काम खेती ) को आर्यों राक्षस कहा । आर्यों के पुराणों में इन्हें राक्षस कहा गया है । उनके कथा कहानियों में उन्हें कुरूप, झगड़ालु , बदमाश, मांसाहारी..  बताया गया। आर्यों और राक्षसों के बीच युद्ध होते रहे । राक्षस बलिष्ठ और सरल स्वभाव के  होते थे । आर्यों के कथित उच्च वर्ग (सवर्ण) बड़े दिमाग वाले तथा चालाक होते थे ।
             O.B.C  कोलता अघरिया कुर्मी.....  खुद को सवर्ण वैश्य,  क्षत्रिय कहलाना चाहते हैं खुद को उच्च जाति का बताकर सम्मान पाना चाहते हैं लेकिन शासन द्वारा मिलने वाली सहायता छात्रवृत्ति आरक्षण का लाभ लेते हैं ।
                 हम कोलता भी राक्षस कुल के हैं । विवाह/एकादश कर्म के पूजा हवन में पुरोहित मंत्रोच्चार करते हैं कहते हैं -
जम्बू द्वीपे भारतवर्षे उत्कल देशे राक्षस कुलस्य गुप्त वंशस्य  . ..........
इससे स्पष्ट है छत्तीसगढ़ के हम  (कोलता ) के पूर्वज उत्कल देश (ओड़िशा) से आए हैं । ज्ञातव्य है कि ओड़िशा में कोलता कुल्ता कुलिता कोई अपना उपनाम "गुप्ता " नहीं लिखते ।
                      ओडिशा से कुलिता कुलता छत्तीसगढ़ (पहले मध्यप्रदेश) में आकर कोलता लिखने लगे ।  पधान से प्रधान, भोई से भोय, साहू से साहा साव सा, ....।
            मध्यप्रदेश (वर्तमान छत्तीसगढ़) रायगढ़ पूर्वांचल दो दो विद्वान जो बहुत पढ़ाकू थे महापल्ली के श्री हेम सुंदर प्रधान तथा लोइंग के श्री पूर्ण चंद्र प्रधान अपने कुल / जाति को गर्वित करने के लिए मनु के चार वर्ण में से वैश्य वर्ण का बताने के लिए मनु के निर्देशानुसार सरनेम " गुप्त" लिखने के लिये विचार किये ।
हेम सुंदर जी कोलता जाति को कलिंग से जोड़ा। बताया कि प्रधान और गुप्त पर्यायवाची शब्द हैं इसलिये प्रधान सरनेम वालों को गुप्त सरनेम लिखना चाहिए ।उन्होंने अपना सरनेम गुप्त लिखना आरम्भ किया। लेकिन पूर्ण चंद्र जी चाहते थे पूरी कोलता जाति को वैश्य मनवाने के लिये कोलता जाति के सभी सरनेम वालों को गुप्त सरनेम लिखना चाहिए । लेकिन वे हिंदी के अलावा अंग्रेजी के भी प्रेमी थे । उन्होने अपना सरनेम गुप्त का अंग्रेजी स्टाईल गुप्ता पसंद किया । वे पूर्ण चंद्र गुप्ता लिखने लगे । उनके बड़े भाई इन्द्रो जी भी, फिर लोइंग के गौन्तिया गौटिया परिवार के अधिकतर लोग उपनाम  "प्रधान" लिखना छोड़ कर "गुप्ता" लिखने लगे । (लोइंग के  गौटिया परिवार में भी सरनेम लिखने में एकरूपता नहीं थी। मेरे ताऊ श्री धरनीधर प्रधान, मेरे पिता श्री गजपति प्रधान,  मेरे चाचा श्री जयराम गुप्ता,  श्री उद्धव प्रधान,  चचेरे भाई श्री शशिभूषण प्रधान ) ।
 उसी वंश के दूसरे गांव महापल्ली, केंसरा, तुरंगा, पोटेबिर्नी, ..के लोग भी प्रधान सरनेम छोड़ कर गुप्ता लिखने लगे । यह गुप्ता सरनेम बड़े लोगों का, ऊँचा माना जाना लगा। छत्तीसगढ़ के विभिन्न सरनेम प्रधान, भोई, खम्हारी,  साहू, बारीक, बिश्वाल,  ....  ..अपना उपनाम  गुप्ता लिखने लगे । कालांतर में छत्तीसगढ़ कोलता समाज की बैठक में बहुत विचार विमर्श के पश्चात गुप्ता सरनेम को मान्यता दी गई ।
             ज्ञातव्य है कि मनु स्मृति के अनुसार चार वर्ण ब्राह्मण , क्षत्रीय,  वैश्य, शुद्र का 
काम क्रमशः -
ब्राह्मण - पढ़ना पढ़ाना,  यज्ञ हवन पूजा पाठ करना , दान दक्षिणा लेना। 
क्षत्रीय - अश्त्र शस्त्र धारण कर राज्य के लिये युद्ध करना ।
वैश्य - व्यवसाय करना ।
शुद्र - सेवा करना ।
चारों वर्ण के लिये अलग अलग उपनाम लिखने का निर्देश है ।
ब्राह्मण - शर्मा
क्षत्रीय - सिंह 
वैश्य - गुप्त 
शुद्र - दास 
कालांतर में जनसंख्या वृद्धि के कारण सभी वर्णों के कई कई वर्ग बन गए । तदनुसार अलग अलग सरनेम याने एक उपनाम के कई उपनाम ।
ब्राह्मणों शर्मा के - पंडा , द्विवेदी,  त्रिवेदी. चतुर्वेदी, तिवारी ...
कोलता के - पधान प्रधान, साहू सा साव साहा शाह,  भोई भोय, बारीक, बिश्वाल, खम्हारी  ... .... 
********
मनु के निर्देशानुसार अपने वर्ण के मुख्य उपनाम के साथ उस के वर्ग का उपनाम लिखना चाहिए । 
           आधुनिक काल में साहित्यकारों के द्वारा अपने स्वभाव कर्म योग्यता को व्यक्त करने के लिए कोई अतिरिक्त उपनाम लिखने की परम्परा बनी ।
              मेरे विचार से मनु स्मृति को निम्नांकित दो शिक्षक ठीक ठीक पढ़े और समझे थे । क्यों कि वे अपना नाम मनु के निर्देशानुसार निम्नानुसार  लिखते थे ।
( उनसे कभी मनु स्मृति या जाति उपनाम के सम्बन्ध में मेरी चर्चा नहीं हुई ।
नीलाम्बर प्रसाद शर्मा त्रिपाठी "शास्त्री" ( लोइंग) 
श्कृतार्थ शर्मा "रथ" (नवाँपारा पुसौर ) ।
********************
यदि हमारी जाति "कोलता" को वैश्य मान लें (सच नहीं है) तो लिखना चाहिए -
श्री हेम सुंदर गुप्त प्रधान (महापल्ली )
श्री पूर्ण चंद्र गुप्ता प्रधान (लोइंग )
तदनुसार मैं लिखूं  तो -
नत्थू राम गुप्त प्रधान "सत्यार्थी"
****
कृपया मुझे जातिवादी या मनुवादी न समझें ।
मेरे इस लेख का मकसद किसी को  को ठेस पहुंचाना नहीं है , सच को सामने लाना है ।

रविवार, 3 मई 2020

intellgency

intelligency याने मन में सवाल,  तरह तरह के सवाल ।   प्रश्न??????????????????????????????

श्री राम जी के मन में संदेह था

           श्री राम चंद्र जी राजा रहे थे अपनी नाक बचाने के लिए सीता को छुड़ा कर लाए, सीता से प्रेम के लिए नहीं। उनके मन में सीता जी के लिए संदेह था ।  किसी धोबा का कथन तो एक बहाना था अपनी पत्नी के त्याग के लिए। इसीलिए वे सीता का बार बार सतीत्व परीक्षा ली गई । सीता जी दुखी होकर किसी कुआँ में कूद कर जान दे दी। तब राम जी को समझ आया।  पश्चात्ताप हुआ।  सरयू नदी में डूब कर आत्महत्या कर लिये ।
             वे केवल कैकेई  की इच्छा पूर्ति के लिए 14 साल के लिए राजपाट छोड़ कर चल दिये। जबकि उनके पिता राजा दशरथ की इच्छा नहीं थी।  
 यदि सीता से प्रेम होता, धोबा के कथन को आम जनता का विचार माने तब उन्हें अपनी पत्नी के साथ राजपाट का त्याग कर देना चाहिए था। 

रविवार, 26 अप्रैल 2020

सोशल मीडिया में गाली गलौच

सोशल मीडिया के किसी पोस्ट पर 
गाली गलौच करने वाले मुर्ख नीच स्वार्थी कपटी जलनखोर होते हैं उनके पास कोई आधार तर्क नहीं होता विरोध करने के लिए । लकीर के फ़कीर होते हैं जो सुन पढ़ कर बिना सोचे विचारे मान लेते हैं । ऐसे लोग समझने के लिए अपने दिमाग का उपयोग करना नहीं चाहते ।  जो मिला अपने अणु मस्तिष्क में भरते जाते हैं ।

शनिवार, 25 अप्रैल 2020

मातृ पितृ दिवस


आसाराम ने अपने भक्तों से 14 फरवरी को मातृ पितृ दिवस मनाने के लिए कहा था । उसके पालन में कुछ भाजपा शासित प्रदेशों (हमारे छत्तीसगढ़) के स्कूलों में शासन के आदेशानुसार 14 फरवरी को मातृ पितृ दिवस मनाने के लिए आदेश दिये गये थे ।
अब आसाराम बलात्कार के आरोप में जेल में हैं। 

धर्म परिवर्तन

ये दलित, आदिवासी तो हिन्दू नहीं हैं ये अपनी मर्जी से कोई भी धर्म अपनाएं तो गलत क्या है ?
    मनु अनुसार शुद्र को कोई अधिकार नहीं है तो ये धर्म बदलना चाहें तो आपत्ति क्यों  ? 

शुक्रवार, 24 अप्रैल 2020

पीने वाले जरूरी नहीं बुरे हों

पीने वाले जरूरी नहीं बुरे होते हैं ।
हमने देखा है शराब नहीं पीने वाले शाकाहारी भी गंदे, रिश्वतखोर , सरकारी /गैर सरकारी संस्थाओं का रूपये खाने वाले, भाई बंधु की सम्पति हड़पने वाले,  स्वार्थी,  नीच,  झूठे,  मालिक का रूपया/समय खाने वाले,  देशद्रोही,  दुश्मन देश को खुफिया जानकारी देने वाले,  .... भी होते हैं ।

मंगलवार, 21 अप्रैल 2020

संविधान

 कुरान बाइबिल या मनु स्मृति के निर्देश नियम का नहीं , संविधान का पालन करना है ।

धर्मों की बुराई

हर  धर्म की कमी बुराई को उजागर करना ही चाहिए । वे ही ऐसा नहीं चाहते जो धर्म को धंधा बनाए हैं ।
*****
कृपया तर्क सम्मत, आधार युक्त प्रतिक्रिया दें । 
पोस्ट पढ़ कर चिढ़ लगे तो block कर दें ।

संविधान ही धर्म

किसी जमाने में देश समाज के संचालन के लिये नियम बनाए ये जिसे धर्म कहा गया।  यः धारयति  सः धर्मः ।
जो धारण  करें वह धर्म ।
   अब हमारा संविधान ही हमारा धर्म होना चाहिये ।

सोमवार, 20 अप्रैल 2020

अंधा के लिए प्रकाश

प्रश्न -
अंधा को प्रकाश के बारे में कैसे समझाएं?
उत्तर - 
1- अंधन को आँख देत,  कोढ़ीन को काया ।
भगवान से प्रार्थना कर आंख दिला सकते हैं । 

2- विज्ञान की मदद से किसी नेत्र दानी की आंख लगाएं।

रविवार, 19 अप्रैल 2020

अणु मस्तिष्क में store


आश्चर्य होता है कुछ युवा भी अपने अणु मस्तिष्क का ही उपयोग करते हैं । सोच विचार नहीं करते । जो मिलता है अपने अणु मस्तिष्क में store कर लेते  हैं ।

शनिवार, 18 अप्रैल 2020

बहुत ज्यादा धार्मिक

कोई कम धार्मिक,  कोई ज्यादा ।
जो बहुत ज्यादा धार्मिक वह देश दुनियां के लिए खतरनाक ।
*****
हमें कोरोना कुछ नहीं करेगा । पाकिस्तानी एक दूसरे से गले मिलो । हमारा कुछ नहीं बिगड़ेगा।

गुरुवार, 16 अप्रैल 2020

कोरोना का प्रभाव दिमाग पर

कोरोना वायरस संक्रमण के कारण... 
अब लोग अपने दिमाग का अधिक उपयोग करेंगे ।
सोच विचार करेंगे ।
बिना सोचे समझे कुछ भी नहीं मानेंगे ।
लकीर के फ़कीरों की संख्या कम होगी ।

बुधवार, 15 अप्रैल 2020

unique

बुद्ध _आत्म दीपो भव ।
unique is natural. 
किसी के जैसा बनने की कोशिश मतलब मुखौटा ।

मंगलवार, 14 अप्रैल 2020

अम्बेडकर का संविधान ???

संदर्भ - अम्बेडकर का संविधान 
हमारे देश के संविधान का सर्वाधिकार copy right किसके पास है?
कृपया कोई जानकार बताएं ।

सोमवार, 13 अप्रैल 2020

हमारा मुसलमानों से संबंध

हमारे गाँव लोइंग, महापल्ली,  पंडरीपानी,  सियारपाली  तथा   जिला मुख्यालय रायगढ़  के कई मुसलमान परिवार से हमाराअच्छा सम्बन्ध  है । नाटक वाला नहीं ।

        

धर्म बनाम संविधान

सभी धर्म अपने - अपने के संविधान के विपरीत हैं ।
संविधान ही हमारा धर्म होना चाहिए ।

रविवार, 12 अप्रैल 2020

काम क्षुधा

भूख प्रकृतिक है । उसकी पूर्ति नहीं होने से गलत तरीका अपनाते हैं याने जबर्दस्ती करते हैं । फ़िर पोलिस पकड़ती है । कुछ छूट जाते हैं रसूख, धन बल का उपयोग कर । कुछ लोगों को कानून सजा देता है । 
    भूख प्यास की पूर्ति के सम्भावित विभिन्न साधनों पर विचार करना चाहिए । जड़ से अपराध रोकने का यह सही तरीका होगा ।
      महान मनोवैज्ञानिक सिगमंड फ्रायड ने कहा था -
दमन से वासना विकृत हो जाती है जो समाज के लिए हानिकारक है ।
 स्वप्न से भी काम वासना पूर्ति होती है । 
इस तरह  कई साधन हो सकते हैं जिससे वासना की पूर्ति हो सकती है । मनो वैज्ञानिक बता सकते हैं। 

शराब बिक्री

शराब बेंचने  से बहुत ज्यादा लाभ होता है । यह लाभ व्यवसायी ले रहे थे ।  इस बात को छत्तीसगढ़ की रमन सरकार समझ गई । शराब बिक्री सरकार द्वारा की जाने लगी । बहुत अधिक आय हो रही है ।
        जहाँ शराबबंदी है वहां के कुछ लोग चोरी छिपे बाहर से लाकर पीते हैं । याने धनी लोग जो पीना चाहें वे पीते ही हैं ।
         शराब सुलभ होने से मध्यम और निम्न आर्थिक स्थिति वालों के परिवार को सामाजिक आर्थिक कष्ट होता है । फिर भी पीने वाले पीते हैं  
           शराब दुकान में आधार जोड़  कर उन्हें कोई सरकारी सहायता, सुविधा, छूट..नहीं देना चाहिए । शराबियों को कोई सरकारी सुविधा का हक नहीं होना चाहिए ।

सोमवार, 30 मार्च 2020

अपना विचार व्यक्त करना चाहिये

कोरोना वायरस संक्रमण काल में पढ़ाकू लोगों को जो अपने जीवन में हजारों पुस्तकें पढ़े हैं, घर में बैठे बैठे अपना विचार व्यक्त करना चाहिये । खूब लिखना चाहिए गद्य पद्य में । सोशल मीडिया में । बाद में भी... 
यह देश समाज के लिए आपका कर्त्तव्य है ।

रविवार, 29 मार्च 2020

कोरोना वायरस

सोचने की बात... 
कहते हैं कि उपर वाले की इच्छा के बिना एक पत्ता भी नहीं हिलता । स्पष्ट है भगवान ही भेजे होंगे ।

शुक्रवार, 27 मार्च 2020

विरोध

कुछ लोग किसी पोस्ट का जो विरोध करना चाहते हैं लेकिन उनके पास कोई तर्क आधार युक्त जबाब नहीं होता वे अनाप शनाप बकवास करते हैं या गाली गलौच करते हैं । दरअसल ऐसे लोग अपनी बुद्धि का उपयोग नहीं करते । ऐसे लोग विज्ञान का उपयोग तो करते हैं लेकिन मानते नहीं ।

गुरुवार, 19 मार्च 2020

विवाह

विवाह एक अलिखित समझौता है । पति पत्नी एक दूसरे के सुख दुख के साझेदार होते हैं । काम क्षुधा की पूर्ति करते हैं । स्वयम् को अपने  बच्चों के रूप में  पुनरुत्पत्ति करते हैं । शादी के बाद वे प्रेमी प्रेमिका , मित्र  जाते हैं । भले ही उनके विचार पूर्णतः एक नहीं होते ।

मल मूत्र चिकित्सा पद्धति

मल मूत्र चिकित्सा पद्धति-
हमारे देश में कुछ लोग गोमूत्र से चिकित्सा की बात चला रहे हैं,  कुछ लोग पी रहे हैं ।
हमारे प्रधान मंत्री मोरारजी देसाई रोज सुबह स्वमुत्र पान करते थे। 
सभी प्राणियों के मल मूत्र में कुछ तत्व तो होंगे ही । मनुष्य के मल में भी ।
 मल मूत्र सेवन कर इच्छुक लोग प्रयोग कर सकते हैं मानव कल्याण के लिए ।
यह काम हमारे देश के लोगों को करना चाहिए । एक नई चिकित्सा पद्धति (मल मूत्र चिकित्सा पद्धति) की खोज से देश का नाम भी होगा दुनियां में ।

शुक्रवार, 6 मार्च 2020

सोशल मीडिया में आएं

आज कल खरीद कर पुस्तक पढ़ने वाले बहुत कम हैं । अपने विचार, लेख , कविता,  कहानी, कलाकृति. .. social media में post करना  चाहिए । दुनियां के लिए बहुत उपयोगी होगा ।
  विद्वान साहित्यकार वरिष्ठ जन कहते हैं उनसे इस उम्र में facebook चलाना कठिन होगा ।
    जी नहीं,  आसान है आप चला सकते हैं बहुत अच्छी तरह । कृपया आएं facebook में नई पीढ़ी को कुछ देना आपका कर्त्तव्य है । उन्हें सही दिशा मिलेगी ।

आपके विचार को शेअर करें

आज कल खरीद कर पुस्तक पढ़ने वाले बहुत कम हैं । अपने विचार, लेख , कविता,  कहानी, कलाकृति. .. सोशल मीडिया में शेअर करना  चाहिए । दुनियां के लिए बहुत उपयोगी होगा ।

भ्रष्टाचार कायम रहेगा

भ्रष्टाचार कायम रहेगा जब तक ठग लोग पाप धोने के शार्ट कट रास्ते बताते रहेंगे ।
नीचे हरिभूमि समाचार दिनांक 06-03-2020

शनिवार, 29 फ़रवरी 2020

क्या आप मानते हैं?

नाहिद अख्तर का एक नगमा है_
अल्ला ही अल्लाह किया करो|
दुख न किसी को दिया करो||
इसे कितने मुस्लिम मानते हैं?
************
वेद मंत्र है_
सर्वे भवन्तु सुखिनः सर्वे  सन्तु निरामयाः|
इसे कितने हिंदू मानते हैं!

दूर हो जांय जो धर्मनिरपेक्ष नहीं

हमारे संविधान के धर्म निरपेक्ष होने से जिन्हें चिढ़ है वे मुझ से दूर हो जांय दूर्र र्र... 

बुधवार, 26 फ़रवरी 2020

हमारा धर्म


हिं क्लिं फट स्वाहा.. 
जाति धर्म का विनाश हो ।
हमारा संविधान ही हमारा धर्म हो ।

रविवार, 2 फ़रवरी 2020

धर्मों की बुराई /कमी /आलोचना

अगर कोई  केवल दूसरे धर्म की बुराई करे. अपने धर्म की आलोचना कभी न करे तो निश्चित ही उसका उद्देश्य नफ़रत फ़ैलाना  है ।
   वास्तव में सभी धर्मों में कुछ अच्छाई कुछ बुराई है । अपने अपने धर्म की जानकारी ज्यादा रहती है, दूसरे धर्म की कम ।बेहतर है हम अपने अपने धर्म की बुराई कमी को बताएं । ताकि उसमें संशोधन परिवर्तन हो ।

शनिवार, 1 फ़रवरी 2020

शांति की खोज

शांति पाने के लिए _
घर परिवार, ड्युटी duty से भाग जाएं| अवश्य शांति मिलेगी| मंदिर मस्जिद . .कहीं भी या फिर पिकनिक. जंगल. . 
जंगल में ही रह जाएं तो और अच्छा ।
          कहते हैं नशा भी तनाव दूर करता है| शराब गांजा सेवन करें ।
          या कहीं एकांत में कुछ भी बुदबुदाइए .बोलिए चाहे निरर्थक ही हो ..उडु्ग बुड़ुग अगडम बगडम नमो वमो कुडुम. कर के देखिए| 
            सब कुछ भूल कर नाचें गाएं कोई भजन हो या कोई फिल्मी गीत कुछ भी|  खूब गाएं। या 
             जोर जोर से हंसें या खूब जोर से चिल्लाएं| पागल जैसा ।
      जो भी करें दिन भर करें.. दिन रात जब तक जागते रहें वही करें ।  
संक्षेप में जीवन से भागें | जब तक भागेंगे तनाव से दूर रहेंगे| शांति मिलेगी| पूरी शांति ।

मंगलवार, 28 जनवरी 2020

हमारा संविधान

हमाते संविधान सभा में 200 सदस्य को थे । सभा द्वारा अम्बेडकर जी को ड्राफ्टिंग कमेटी का अध्यक्ष मनोनीत किया गया था ।
संविधान के प्रारूप कमेटी के अध्यक्ष की मनमानी नहीं चल सकती थी ।

गुरुवार, 23 जनवरी 2020

GK & Reasoning का महत्व

GK और Reasoning दोनो का अलग अलग महत्व है ।
GK याद कर अणु मस्तिष्क में भरते हैं । इससे जानकारी बढ़ती है । व्यक्तित्व विकास होता है ।
Reasoning में तर्क करना पड़ता है । सोच विचार करते हैं । तर्कशीलता बढ़ती है ।  मस्तिष्क का exercise होता है । intelligency बढ़ती है ।

बुधवार, 8 जनवरी 2020

शनिवार, 21 दिसंबर 2019

सोच

जहाँ कट्टरता, लकीर के फ़कीर , मुर्खता ज्यादा होगी वहाँ 
वैज्ञानिक सोच वाले प्रताड़ित होते हैं चाहे वे किसी भी धर्म को मानने वाले हों ।

रविवार, 15 दिसंबर 2019

1/2 वीर सावरकर

सावरकर जी कुछ साल आजादी की लड़ाई में शामिल हुए थे । इसीलिये आर एस एस के वाले उन्हें "वीर सावरकर" कहते हैं ।

। बाद में जेल हुई तब माफ़ी मांग कर छूट गए और वचन दिये कि वे कभी अंग्रेज सरकार के विरुद्ध कुछ नहीं करेंगे ।
      कुछ साल के लिये ही सही वे अंग्रेजी सरकार का विरोध किये ।
      इसके लिए उन्हें "वीर सावरकर" न कहें तो 
"1/2 वीर सावरकर" कहकर उनका सम्मान करना चाहिये ।
           हम तो उनके एक अंश के बराबर भी नहीं करते शायद ।

शनिवार, 14 दिसंबर 2019

मेरी आस्था

मैं पहले बहुत आस्थावान था । लेकिन अब मुझे किसी भी भगवान देवी देवता भूत प्रेत के अस्तित्व पर विश्वास नहीं है । 
मैं यह सार्वजनिक कर रहा हूं । अपना विचार बताना चाहिये । मुझे सिर्फ़ मानवता पर भरोसा है । 
हमारे घर में उन भगवान देवी देवताओं की मुर्ति फोटो हैं क्यों कि घर में मैं अकेला नहीं रहता ।

गुरुवार, 5 दिसंबर 2019

बलात्कार की घटनाएं बढ़ रही हैं


बलात्कार की घटनाएं कुछ ही सालो से बढ़ी है ।

पहले थिएटर टाकीज में हिंदी अंग्रेजी के adult moviie खूब चलते थे । अंग्रेजी बिल्कुल नहीं जानने  वाले ज्यादा देखते थे । अंग्रेजी मुवी अधिकतर porn, blue film जैसे होते थे । हिंदी अंग्रेजी के adult moviie के interval में blue film दिखाया जाता था । लेकिन तब बलात्कार कम होते थे । 

अंग प्रदर्शन से rape बढ़ते तो पश्चिम देशों में बहुत ज्यादा होते । मनुष्य के अलावा बाकी प्राणियों में तो हर दम होते रहते । 
अंग प्रदर्शन से बलात्कार 
तो धन प्रदर्शन से लूट डकैती ?

यह भी सोचने की बात है कि अधिकतर बलात्कार समाज के निम्न वर्ग की लड़कियों के साथ हो रहे हैं ।

शुक्रवार, 22 नवंबर 2019

मधुमेह रोगियों के लिये आहार

मधुमेह रोगियों के लिये उपयुक्त आहार _
बेसन का मोटा चीला जिसमें शिमला मिर्च, बड़े बड़े मोटे लम्बे देशी मिर्च, प्याज, पालक जैसे पत्तेदार भाजी, हरी सब्जी के टुकड़े mix हों । इसमें प्रोटीन सभी खनिज और विटामिन मिल जाएंगे । साथ में सलाद भी लेना चाहिए ।
 फलों में अच्छा है  बीही,....
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चावल गेहूं मौदा से बने खाद्य न लें या बहुत कम लें ।
चावल का माड़ पूरा अलग कर खाएं। याने कूकर से चावल न बनाएं ।
     यह सच नहीं है कि अरवा की अपेक्षा उसना चावल में कार्बोहाईड्रेट कम होता है । भ्रम में न पड़ें ।
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        गन्ना गुड़ शक्कर आलू, केला, मीठे फल, शक्कर कंद,...  में कार्बोहाईड्रेट शर्करा बहुत ज्यादा  होता है । इनसे परहेज करें ।
     इस भ्रम में न रहें कि गुड़ से नुकसान नहीं होगा ।

रविवार, 17 नवंबर 2019

अपने संविधान धर्म की बुराई

किसी को भी अपने संविधान, अपने धर्म की जानकारी अधिक होती है । उसे अपने संविधान, धर्म की बुराई देख समझ कर बतानी चाहिये। अगर वह दूसरे संविधान धर्म की जानकारी रखता है तो उस पर भी बताए लेकिन कम ।
बुराई को जानकर समझ कर देश काल परिस्थिति अनुसार आवश्यक संशोधन होना चाहिए ।

सोमवार, 11 नवंबर 2019

सरकार द्वारा नीजी स्कूलों को बढ़ावा नहीं देना चाहिए

शिक्षा का अधिकार के तहत छत्तीसगढ़ सरकार नीजी स्कूलों को बढ़ावा दे रही है ।
नीजी स्कूलों में BPL परिवार के विद्यार्थियों के लिये 25% आरक्षण है । उनका पूरा शुल्क सरकार वहन करती है । 
इसी लिये धनी गरीब सभी अपने बच्चों को नीजी स्कूलों में पढ़ाना चाहते हैं ।
मेरे विचार से नीजी स्कूल में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को सरकार द्वारा कोई सहयोग सहायता नहीं देनी चाहिए । जो पढ़ें अपने बल बूते पर पढ़ें.
सरकार द्वारा इस तरह नीजी स्कूलों को बढ़ावा नहीं देना चाहिए 
या तो सभी सरकारी स्कूल बंद कर देना चाहिए ।

सोमवार, 28 अक्टूबर 2019

विश्व गुरू

सबका एक धर्म हो अपना संविधान।
उसका पालन सब ईमानदारी से करें तो हमारा देश निश्चित ही विश्व गुरू बन सकता है ।

संशोधन परिवर्तन


हर धर्म, संविधान की कमी, बुराई की आलोचना होनी चाहिए.  उनमें देश काल परिस्थिति अनुसार आवश्यक संशोधन परिवर्तन होना चाहिए ।

रविवार, 27 अक्टूबर 2019

परिवर्तन ही गति है वर्ना मौत

कोई भी अपने समाज ,धर्म , अपने देश के संविधान को अधिक जानता समझता है, दूसरे का कम ।
इसलिये अपने समाज धर्म संविधान की कमी को उजागर कर उसमें संशोधन परिवर्तन के लिये सोच विचार करना चाहिए ।
परिवर्तन ही गति है वर्ना मौत ।

भारत के मूल निवासी

भारत में  राक्षस रहते थे ST और OBC.
बाद में ये मनुवादी सवर्ण आकर रहने लगे ।

रविवार, 20 अक्टूबर 2019

घास फूस कविता हम भी करते हैं

जो लिखता है वह लेखक है चाहे चिट्ठी ,डायरी ही ही लिखे या अपने स्कूल में स्वतंत्र निबंध लिखे ।
जो रचना करे वह रचनाकार है चाहे उसे कचरा, घास फूस कहा जाय ।  लेकिन ऐसे लेखकों रचनाकारों को साहित्यकार नहीं कह सकते ।
उच्च स्तर के लेखकों कवियों को को पढ़ने से बहुत मिलता है लेकिन कचरे घास फूस से भी कुछ तो मिलता है ।
      लेख,  कहानी,  कविता रचना है जो एक विचार ही होता है, भाषा शैली का स्तर ऊंच नीच हो सकता है ।
   हम भी घास फूस कविता लिखते हैं ।
घास फूस को साहित्य नहीं कहा जा सकता ।

घास फूस कविता हम भी करते हैं

अब पहले जैसे पाठक कम हैं जो साहित्य के स्तर को परखें ।
वैसे जो लिखता है वह लेखक है चाहे चिट्ठी ,डायरी ही ही लिखे या अपने स्कूल में स्वतंत्र निबंध लिखे ।
जो रचना करे वह रचनाकार है चाहे उसे कचरा, घास फूस कहा जाय ।
उच्च स्तर के लेखकों कवियों को को पढ़ने से बहुत मिलता है लेकिन कचरे घास फूस से भी कुछ तो मिलता है ।
      लेख,  कहानी,  कविता रचना है जो एक विचार ही होता है, भाषा शैली का स्तर ऊंच नीच हो सकता है ।

मंगलवार, 8 अक्टूबर 2019

गांधी सुभाष के रास्ते अलग किंतु मकसद एक देश की आजादी

कांग्रेस के अधिकतर सदस्य गांधी जी के शांतिपूर्ण अहिंसक आंदोलन के समर्थक थे जबकि सुभाष जी सशस्त्र आंदोलन के समर्थक थे । जयप्रकाश नारायण ने अपनी आत्म कथा में लिखा है -  'गांधी जी का रास्ता सुविधाजनक लगा इसलिए हम उनके साथ हो गए ।"
      गांधी और सुभाष के रास्ते अलग अलग थे किंतु मकसद एक ही था देश की आजादी ।

भारत को विश्व गुरू बनाने के लिए

साधु साध्वी बाबा बाबी को ही विधायक सांसद मंत्री संत्री बने तो भारत विश्व गुरू पक्का ।
ये लोग बच्चे पैदा नहीं करेंगे,  भ्रष्टाचार नहीं करेंगे । गोबर विज्ञान और
मंत्र तंत्र,  पूजा पाठ,  यज्ञ हवन,  भजन किर्तन से सभी समस्याओं का समाधान हो जाएगा ।
आतंकवाद नक्सलवाद पाकिस्तान सब खतम ।

गुरुवार, 3 अक्टूबर 2019

बाबा का संविधान? किसका संविधान ?

प्रेमचंद का गोदान, तुलसी का राम चरित मानस, धर्मवीर भारती का गुनाहों का देवता.....
ये सब तो ठीक है.
लेकिन कुछ लोग बार बार अलापते रहते हैं
बाबा का संविधान ,
अम्बेडकर का संविधान ..
ये क्या कहना चाहते हैं ।

जेनेरिक दवा

branded और generic दवा में quality की दृष्टि से कोई अंतर नहीं है ।  branded दवा का दाम अनाप शनाप होता है जब कि generic का दाम बहुत कम । इसीलिए सरकारी आदेश है सबको generic दवा prescribe करें । सरकारी अस्पतालों में सबको generic दवा ही दी जाती है । इससे बहुत बचत है ।

गोड़से भक्तों की सोच

कुछ गोडसे भक्त कह रहे हैं _
सरकार को इतिहास की किताबों में गोडसे को गांधी का हत्यारा पढ़ाने के साथ-साथ गोडसे का अंतिम बयान भी पढ़ाया जाना चाहिए, की उसने आखिर गांधी जी की हत्या क्यों की थी?
        ******
तब तो आतंकवादियों नक्सलियों बलात्कारियों चोर हत्यारे डाकू. , ,  . सबसे पूछ लो वे ऐसा क्यों बने? वे क्यों करते हैं ऐसा?
अपने परिवार के बच्चों को वह सब भी पढ़ाओ ।

बुधवार, 2 अक्टूबर 2019

भारत का बंटवारा

गांधीजी ने भारत को बाँटा तो RSS और हिन्दू महा सभा वाले क्या कर रहे थे? नफ़रत के बीज बोने में व्यस्त थे ।
भारत का बंटवारा गांधी जी नहीं चाहते थे । परिस्थिति अनुसार उन्हें मानना पड़ा ।

शनिवार, 21 सितंबर 2019

जेनेरिक दवा

branded और generic दवा में quality की दृष्टि से कोई अंतर नहीं है ।  branded दवा का दाम अनाप शनाप होता है जब कि generic का दाम बहुत कम । इसीलिए सरकारी आदेश है सबको generic दवा prescribe करें । सरकारी अस्पतालों में सबको generic दवा ही दी जाती है । इससे बहुत बचत है ।

बुधवार, 11 सितंबर 2019

भ्रष्टाचार कायम रहेगा

हमारे धर्म में पाप अपराध से मुक्ति के short cut रास्ते बताए गए हैं । फलस्वरूप दिनों दिन भ्रष्टाचार बढ़ रहा है । भगवान, देवी देवताओं के ये चालाक एजेंट जब तक ऐसे  कल्पित रास्ता सुझाते रहेंगे भ्रष्टाचार कायम रहेगा ।

सोमवार, 19 अगस्त 2019

सेवा निवृति के बाद

मैं सेवा निवृत शिक्षक हूं.  सेवा निवृत्ति के बाद हमारे अंचल के  प्राथमिक,  पूर्व माध्यमिक,  उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों में जाता हूं।  अपने अध्यापन अनुभव बाँटता हूं। कक्षा में सामान्य ज्ञान,  तर्क,  अंधेविश्वास, स्वास्थ्य,  पर चर्चा करता हूँ।,  विज्ञान, गणित , भाषा की बुनियादी बातें बताता हूं। अंत में कुछ प्रश्न पूछता हूं । अच्छे जबाब देने वाले को प्रोत्साहनार्थ एक कलम प्रदान करता हूँ । रोज नहीं जाता ।

रविवार, 18 अगस्त 2019

मुंडे मुंडे मतिर्भिन्ना

किसी का समर्थन या विरोध देश भक्ति का पैमाना नहीं होता ।
मुंडे मुंडे मतिर्भिन्ना । वर्ना लोग रोबोट हो जाएंगे । यह दुनियां के लिये अच्छी बात नहीं होगी ।
लेकिन हिटलर यही चाहता था कि लोग रोबोट हो जांय याने बिना सोचे समझे मान जांय ।

MSSSU

एक नई university बनाएं  M S S S U  मोदी संस्कारी संस्कृति संस्कृत विश्वविद्यालय जहाँ केवल संस्कार संस्कृति और संस्कृत की पढ़ाई हो ।
उम्मीद है पूरी दुनियां से विद्यार्थी प्रवेश लेंगे ।

मंगलवार, 6 अगस्त 2019

अब POK पाकिस्तान का, हमारा काश्मीर हमारा ।


काश्मीर समझौता के किसी शर्त का पालन नहीं करने का मतलब वह समझौता निरस्त ।
अब तक हम कहते रहे कश्मीर समझौता अनुसार
पाक अधिकृत कश्मीर भी हमारा है। लेकिन हम संसद में भी बस कहते रहे ऐसा। वह कभी हमारा होना यह सम्भव नहीं था ।
      अब POK पाकिस्तान का,  हमारा काश्मीर हमारा। बात खत्म ।
सिद्धांत रूप से हमने पाक अधिकृत कश्मीर पर से अपना अधिकार छोड़ दिया है।
कुछ साल पहले फारुख अब्दुल्ला ने सुझाव दिया था कि पाकिस्तान से समझौता कर के कश्मीर के उनके हिस्से को उन्हें दे दिया जाये और भारत वाले कश्मीर को भारत ले लेवे जिस पर सभी पार्टियां लगभग सहमत हो जायेंगी। परंतु फारुख अब्दुल्ला के इस सुझाव की खिल्ली उड़ाई गई थी और उसे देश द्रोही कहा गया था। आज उसी सुझाव को लगभग मान लिया गया है और कार्यरूप भी दे दिया गया है।

शनिवार, 27 जुलाई 2019

Pornography

pornography
भारतीय संस्कृति के ठेकेदार महान संस्कारी पार्टी भाजपा भारतीय संस्कृति रक्षा के लिए भारत में porn प्रतिबंधित किया। लेकिन सब कुछ लेकिन लेकिन हो रहा है । लगातार भाजपाइयों के porn video सोशल मीडिया में आ रहे हैं ।
  यह सब Pornography बंद होने के कारण हो रहे हैं,  बलात्कार भी इसी कारण बढ़े हैं ।
मनोवैज्ञानिक फ्रायड के अनुसार काम वासना का दमन करने से विकृत रूप धारण कर लेती है। काम की पूर्ति होना स्वास्थ्य के लिए आवश्यक है । कामुक स्वप्न से भी सेक्स की पूर्ति होती है ।
***
वयस्कों के लिये पोर्न फोटो वीडियो देखने की छूट होने से उनकी कामवासना की कुछ पूर्ति हो सकती है। इससे अवैध संबंधों और बलात्कार में कमी हो सकती है ।

धर्म ग्रंथ और संविधान सब पढ़ना चाहिए

सभी धर्म ग्रन्थों को पढ़ कर सोच विचार करना चाहिए फिर जो उचित लगे उसे मानना चाहिए ।
अपने देश के संविधान को पढ़ कर समझ कर ईमानदारी पूर्वक मानना चाहिए ।

मंगलवार, 23 जुलाई 2019

अन्तर्जातीय विवाह वाले का बहिष्कार

इस पोस्ट में कही गई नियोग प्रथा यदि भारत में प्रचलित थी तो स्पष्ट है कि पहले अंतर्जातीय संबध/ विवाह समाज में मान्य था| शायद इसीलिए हमारे भारत के  किसी भी एक जाति के लोग एक ही रंग के  त्वचा वाले नहीं होते अर्थात गोरे काले सांवले होते हैं ।
      जातियों में जातीय श्रेष्ठता का अहंकार बेकार है| अंतर्जातीय विवाह को समाज द्वारा मान्यता न देना उचित नहीं| मान्यता न दें तो सामाजिक बहिष्कार तो कदापि उचित नहीं है ।

सोमवार, 22 जुलाई 2019

कुछ अवैज्ञानिक बातें

कुछ अवैज्ञानिक बातें
जो आस्था को बनाए रखने के लिए कभी कभी प्रचारित की जाती हैं । जान बूझ कर अफ़वाह फ़ैलाने का मकसद कुछ स्वार्थ हो हो सकता है ।
* पीपल के पेड़ और तुलसी के पौधे रात में भी आक्सीजन छोड़ते हैं ।
* मोटर साइकल के पेट्रोल टंकी में तुलसी के पत्ते डालने से माइलेज बढ़ जाता है ।
* गोबर लेप  खतरनाक विकिरण से सुरक्षा देता है ।
* गंगा का पानी कभी नहीं सड़ता,  उसमें वेक्टेरिया नहीं पनपते ।
गंगा के पानी का एक बूंद किसी कुंआ,  तालाब में डाल देने से पूरा पानी का अपवर्तनांक बढ़ जाता है ।
... ...,...
कुछ आप भी बताएं

कुछ अवैज्ञानिक बातें

कुछ अवैज्ञानिक बातें
जो आस्था को बनाए रखने के लिए कभी कभी प्रचारित की जाती हैं । जान बूझ कर अफ़वाह फ़ैलाने का मकसद कुछ स्वार्थ हो हो सकता है ।
* पीपल के पेड़ और तुलसी के पौधे रात में भी आक्सीजन छोड़ते हैं ।
* मोटर साइकल के पेट्रोल टंकी में तुलसी के पत्ते डालने से माइलेज बढ़ जाता है ।
* गोबर लेप  खतरनाक विकिरण से सुरक्षा देता है ।
* गंगा का पानी कभी नहीं सड़ता,  उसमें वेक्टेरिया नहीं पनपते ।
गंगा के पानी का एक बूंद किसी कुंआ,  तालाब में डाल देने से पूरा पानी का अपवर्तनांक बढ़ जाता है ।
... ...,...
कुछ आप भी बताएं

गुरुवार, 18 जुलाई 2019

हमारे गाँव लोइंग में हरिजन सम्मेलन


हमारे गांव में हरिजन सम्मेलन
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बहुत पहले हमारे गाँव लोइंग में हरिजन सम्मेलन हुआ था सम्मेलन में हरिजन लोग भी भोजन बनाने में सहभीगी हुए थे । पूरे गाँव के लोगों बीच बस्ती में एक पंगत में भोजन किये । यह सब हमारे परिवार के आदरणीय श्री पूर्ण चंद्र गुप्ता जी के प्रयास से सफल रहा । कई साल तक दूसरे गांव के लोग हमें अछूत मानते थे । बाद में वे कथित महान जातिवाती लोग सब भूल गए ।
  हम 1967-1975 के बीच मेरे मित्र चाचा स्व श्री सुभाष चंद्र गुप्ता जी के साथ हमारे गांव के एक हरिजन मित्र पैनका के घर में चाय पानी पीते थे ।
  आज कल लोग घर के बाहर भोजन करते हैं । कोई नहीं जानता बनाने वाले या परोसने वाले किस जाति के हैं । याने तथाकथित उच्च जाति के लोग कथित शुद्र जाति के लोगों के द्वारा बनाया गया भोजन प्रेम से खाते हैं । इसी तरह रक्त शुद्धता की बात करने वाले जरूरत पड़ने पर शुद्रों का खून अपने शरीर में चढ़ाते हैं ।

बुधवार, 17 जुलाई 2019

जातीय समाज और खाप खत्म हो जाएंगे

जाति को समाज कहना आज उचित नहीं है,  यह संकुचित दायरा है ।आज पूरा विश्व एक समान माना जाता है क्यों कि सबका प्रभाव सब पर पड़ता है । ।
जातीय दम्भ को बकरार रखने के लिए जाति समाज,  खाप पंचायत चलाई जा रही है ।इनका भविष्य में  खत्म हो जाएगा ।जय जगत ।

सम्पूर्ण विश्व एक समाज


समाज का अर्थ जाति समाज कहना ठीक नहीं है । पहले समाज याने एक समुदाय को कहा जाता था जो परस्पर आर्थिक ब्यावसायिक,  सामाजिक सम्बन्धों के साथ मिलकर रहते थे,  सुख दुख के भागिदार होते थे । अब समाज का मतलब जाति से नहीं,  पूरा देश,  पूरा विश्व हो गया है । क्यों कि पूरे विश्व के लोग परस्पर सम्बन्धित होते हैं । एक देश के लोगों की तकलीफ़ से दूसरे देश के लोगों को भी दुख होता है  । एक देश का प्रभाव पूरे विश्व पर पड़ता है । इसिलिये विनोबा जी जय भारत नहीं, जय जगत कहते थे ।

सामाजिक बहिष्कार

चोर, घूसखोर,  अपराधी,  सरकारी पैसा खाने वाले, सरकारी नौकरी करने वाले समय खाने वाले, झूठ बोलने वाले,  रिश्तेदारों का पैसा जमीन हड़पने वालों,  .   ...का बहिष्कार करना चाहिए ।

सोमवार, 15 जुलाई 2019

हिंदू संस्कृति को नष्ट करने की कोशिश

हिंदू एक संस्कृति है । भारतीय संस्कृति । कुछ लोग कोशिश कर रहे हैं इस तहजीब को नष्ट करने की ।

रविवार, 14 जुलाई 2019

unfriend या block कर देना चाहिए

सोशल मीडिया में ऐसे लोगों को unfriend या  block कर देना चाहिए ।

*जो किसी विचार, जानकारी से सहमत नहीं होने से उसका विरोध करना तो चाहते हैं लेकिन उनके पास कोई तर्क आधार नहीं होता ऐसे लोग कुतर्क या गाली गलौच करते हैं  ।

*जो किसी पोस्ट से सम्बधित जबाब न देकर बेकार की बात लिखते हैं ।

शनिवार, 13 जुलाई 2019

स्वमूत्र चिकित्सा

हमारे भारत में विभिन्न चिकित्सा पद्धतियाँ प्रचलित हैं लेकिन सभी कारगर नहीं।
मोरार जी देसाई भी रोज सुबह अपना मूत्र पीते थे । वे प्रधान मंत्री बने तब यह  सार्वजनिक हुआ । उसी दौरान स्वमूत्र चिकित्सा पर कुछ पुस्तकें भी प्रकाशित हुई जिसमें अपने मूत्र से सभी रोगों का इलाज बताया गया था ।
पता नहीं आजकल वे पुस्तकें दुकानों में है या नहीं ।

मुर्खों की मुर्खता

किसी विचार, जानकारी से सहमत नहीं होने से कुछ मुर्ख उसका विरोध करना तो चाहते हैं लेकिन उनके पास कोई तर्क आधार नहीं होता ऐसे लोग कुतर्क या गाली गलौच करते हैं , दूसरों को मुर्ख कहते हैं ।

मुर्खों की मुर्खता

किसी विचार, जानकारी से सहमत नहीं होने से कुछ मुर्ख उसका विरोध करना तो चाहते हैं लेकिन उनके पास कोई तर्क आधार नहीं होता ऐसे लोग कुतर्क या गाली गलौच करते हैं , दूसरों को मुर्ख कहते हैं ।

कट्टर लोगों से दूर रहना चाहिए

जो किसी धर्म या राजनैतिक पार्टी के कट्टर समर्थक हों उनसे दूर ही रहना चाहिए । block कर देना चाहिए । खासकर जो किसी विचार या जानकारी का तर्क आधार युक्त विरोध नहीं कर सकते,  कुतर्क या गाली गलौज करते हैं ।

RSS का गणवेश

लगभग 90 साल तक RSS का गणवेश था ढीला ढाला half pent और टोपी यह समझ में नहीं आता भारतीय संस्कृति के ठेकेदार क्यों पसंद किये?
बहुत आलोचना होने से अब full pent में आ गये। कोई जानकार बताएंगे क्यों ऐसा किया गया?  धोती कुरता  कोई असुविधाजनक नहीं था लाठी चालन और meeting के लिए ।
RSS द्वारा संचालित सरस्वती शिशु मंदिरों में आचार्य और आचार्या शुरू से ही धोती कुर्ता , साड़ी पहनते हैं ।

शुक्रवार, 12 जुलाई 2019

भारत भारत है । हिंदू राष्ट्र का क्या मतलब ?

सामान्यतः लोग हिंदू एक को एक धर्म ही मानते हैं जिसमें भगवान हैं श्री राम,  श्री कृष्ण. श्री विष्णु....
सुप्रीम कोर्ट के अनुसार हिंदू कोई धर्म नहीं,  एक संस्कृति है ।
याने भारत की संस्कृति । भारत की तहजीब ।
तो हिंदू हिंदू क्यों कह रहे हैं भारतीय कहें ।
हिंदू राष्ट्रवाद का क्या मतलब?  भारतीय राष्ट्रवाद कहें । भारत भारत है फ़िर
हिंदू राष्ट्र की बात क्यों जब सारे भारतीय हिंदू हैं ।

भ्रष्टाचार का विकास

भ्रष्ट अपराधी बहुत आस्तिक होते हैं ।आम लोगों की अपेक्षा ज्यादा पूजा पाठ करते हैं ।खूब तीर्थ यात्रा करते हैं । शायद वे अपने गुनाहों से बचने के लिए ऐसा करते हैं । उन्हें लगता है ऐसा करने से भगवान उन्हें माफ़ कर देंगे । इसिलिये हमारे देश में भ्रष्टाचार जोरदार विकास कर रहा है ।

भ्रष्टाचार का विकास

भ्रष्ट अपराधी बहुत आस्तिक होते हैं ।आम लोगों की अपेक्षा ज्यादा पूजा पाठ करते हैं ।खूब तीर्थ यात्रा करते हैं । शायद वे अपने गुनाहों से बचने के लिए ऐसा करते हैं । उन्हें लगता है ऐसा करने से भगवान उन्हें माफ़ कर देंगे । इसिलिये हमारे देश में भ्रष्टाचार जोरदार विकास कर रहा है ।

बुधवार, 10 जुलाई 2019

पेट्रोल का क्या करें

सोशल मीडिया में यह उपदेश दे रहे हैं लोग --

सच्चे हिंदुओं जितना अधिक हो सके, कोशिश करो कि इन मुसलमानों का आर्थिक बहिष्कार करो..आर्थिक चोट, शारीरिक चोट से बढ़कर होती है।
*******
ये तो बतादो पेट्रोल का क्या करें?

मतभेद और मनभेद

अटल बिहारी बाजपेयी जी की एक बात मैं याद रखता हूँ..
मत भेद को मन भेद नहीं बनाना चाहिए ।

रक्ष संस्कृति अर्थात राक्षस

आचार्य चतुरसेन के वयम् रक्षामः में कहा है यः रक्षति सः राक्षसः। राक्षस अर्थात रक्ष संस्कृति, रक्षा करने की संस्कृति ।
********
ये राक्षस भारत के मूल निवासी ST,  और OBC ।
बड़े दिमाग वाले आर्य भारत में आकर राक्षसों के ऊपर हो गये ।

मंगलवार, 9 जुलाई 2019

हिंदी में मात्रा, वर्ण

हिंदी को कुछ अनावश्यक मात्रा वर्णों से मुक्त कर देना चाहिए ।
ँ ,  ,
ऋ,  ष,  ञ,  ङ, त्र , ,

रविवार, 7 जुलाई 2019

कुछ ने तोड़ा सबने नहीं

बौद्ध विहारों को कुछ हिन्दुओं ने तोड़ा,  सभी हिंदुओं ने नहीं ।
सभी मुसलमानों ने जजिया कर नहीं लगाया,  मंदिर नहीं तोड़ा ।

देश भक्ति का चोला

अंग्रेजों के विरुद्ध जिन्होंने कभी आवाज नहीं उठाई वे देश भक्ति का चोला ओढ़े हैं ।

भारत के मूल निवासी

भारत में  राक्षस रहते थे ST और OBC.
बाद में ये मनुवादी सवर्ण आकर रहने लगे ।

मंगलवार, 2 जुलाई 2019

आम सभा

किसी भी संस्था में किसी विशेष उद्देश्य (चुनाव,  बजट प्रस्ताव...) को लेकर आहूत आम सभा के अलावा साल में कम से कम एक बार संस्था के हित में बृहद चर्चा के लिये आहूत करना चाहिए जिसमें संस्था के विकास के लिए  सदस्यों के विभिन्न प्रस्तावों पर चर्चा कर उचित निर्णय लिया जा सके । ऐसे आम सभा एक दो घंटा के लिये नहीं अपितु पूरा दिन हो ताकि सदस्यों को विचार विमर्श के लिये पर्याप्त समय मिल सके ।

आम सभा

किसी भी संस्था में किसी विशेष उद्देश्य (चुनाव,  बजट प्रस्ताव...) को लेकर आहूत आम सभा के अलावा साल में कम से कम एक बार संस्था के हित में बृहद चर्चा के लिये आहूत करना चाहिए जिसमें संस्था के विकास के लिए  सदस्यों के विभिन्न प्रस्तावों पर चर्चा कर उचित निर्णय लिया जा सके । ऐसे आम सभा एक दो घंटा के लिये नहीं अपितु पूरा दिन हो ताकि सदस्यों को विचार विमर्श के लिये पर्याप्त समय मिल सके ।

आम सभा

किसी भी संस्था में किसी विशेष उद्देश्य (चुनाव,  बजट प्रस्ताव...) को लेकर आहूत आम सभा के अलावा साल में कम से कम एक बार संस्था के हित में बृहद चर्चा के लिये आहूत करना चाहिए जिसमें संस्था के विकास के लिए  सदस्यों के विभिन्न प्रस्तावों पर चर्चा कर उचित निर्णय लिया जा सके । ऐसे आम सभा एक दो घंटा के लिये नहीं अपितु पूरा दिन हो ताकि सदस्यों को विचार विमर्श के लिये पर्याप्त समय मिल सके ।

रविवार, 30 जून 2019

सबसे अच्छा सोशल मीडिया

उपन्यास कथा कहानी कविता निबंध में लेखक अपने मन की बात लिखता है । लोग खरीदकर पढ़ते थे लेकिन अब बहुत कम लोग खरीद रहे हैं ।मैं खुद दस बारह साल से छोड़ दिया ।
अब सोशल मीडिया अपना विचार ब्यक्त करने, विचार और जानकारी के आदान प्रदान के लिये सबसे अच्छा साधन है ।

अपने मन की बात

facebook twitter में कोई मेरे मन की बात पोस्ट करता है तो मैं शेअर कर देता हूं । टाईप करने से बच जाता हूँ । वैसे भी और  उनकी तरह अच्छी शैली में निबंध कविता नहीं लिख सकता ।
कभी कभी किसी पोस्ट पर मुझे संशय हो तो debate discuss के लिये और कोई पोस्ट दूसरों की जानकारी के लिये भी शेअर करता हूं ।

शुक्रवार, 28 जून 2019

सपनों के सौदागर सपना दिखाते हैं

सालों से अखंड भारत का सपना दिखाने वाले खुद कुछ किये नहीं , बस सपना दिखाते हैं ये सपनों के सौदागर ।
अब भी यह सपना दिखा रहे हैं कुछ तथा कथित देश भक्त  । क्या पाकिस्तान बंगला देश को भारत में जबर्दस्ती शामिल करने के लिए युद्ध करना उचित होगा?

अखंड भारत का सपना

अखंड भारत का सपना दिखाने वाले कुछ किये नहीं , बस सपना दिखाते हैं ये सपनों के सौदागर ।

गुरुवार, 27 जून 2019

मेरे गुरू


मैं किसी गुरू से कर्ण मंत्र नहीं लिया याने मेरा कोई कान फूंका गुरू नहीं है ।
मेरे गुरू हैं मेरे दादा जी,  माता पिता, मेरे स्कूल शिक्षक,  उपन्यासकार,  कथाकार, कवि,  लेखक,  सम्पादक,  सोशल मीडिया के विचारक, प्रकृति