बुधवार, 17 जुलाई 2019

सम्पूर्ण विश्व एक समाज


समाज का अर्थ जाति समाज कहना ठीक नहीं है । पहले समाज याने एक समुदाय को कहा जाता था जो परस्पर आर्थिक ब्यावसायिक,  सामाजिक सम्बन्धों के साथ मिलकर रहते थे,  सुख दुख के भागिदार होते थे । अब समाज का मतलब जाति से नहीं,  पूरा देश,  पूरा विश्व हो गया है । क्यों कि पूरे विश्व के लोग परस्पर सम्बन्धित होते हैं । एक देश के लोगों की तकलीफ़ से दूसरे देश के लोगों को भी दुख होता है  । एक देश का प्रभाव पूरे विश्व पर पड़ता है । इसिलिये विनोबा जी जय भारत नहीं, जय जगत कहते थे ।

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