हमारे भारत में विभिन्न चिकित्सा पद्धतियाँ प्रचलित हैं लेकिन सभी कारगर नहीं।
मोरार जी देसाई भी रोज सुबह अपना मूत्र पीते थे । वे प्रधान मंत्री बने तब यह सार्वजनिक हुआ । उसी दौरान स्वमूत्र चिकित्सा पर कुछ पुस्तकें भी प्रकाशित हुई जिसमें अपने मूत्र से सभी रोगों का इलाज बताया गया था ।
पता नहीं आजकल वे पुस्तकें दुकानों में है या नहीं ।
सत्य को जानने की कोशिश करनी चाहिए. सत्य जानने के लिए उलट पुलट हर तरह के विचार पढ़ कर सोचना चाहिए. किसी लोखी गई या कही गई बात को आँख बंद कर नहीं मानना चाहिए. सत्य ही सुन्दर है. सत्य ही कल्याणकरी है.
शनिवार, 13 जुलाई 2019
स्वमूत्र चिकित्सा
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