हमारे गांव में हरिजन सम्मेलन
***********
बहुत पहले हमारे गाँव लोइंग में हरिजन सम्मेलन हुआ था सम्मेलन में हरिजन लोग भी भोजन बनाने में सहभीगी हुए थे । पूरे गाँव के लोगों बीच बस्ती में एक पंगत में भोजन किये । यह सब हमारे परिवार के आदरणीय श्री पूर्ण चंद्र गुप्ता जी के प्रयास से सफल रहा । कई साल तक दूसरे गांव के लोग हमें अछूत मानते थे । बाद में वे कथित महान जातिवाती लोग सब भूल गए ।
हम 1967-1975 के बीच मेरे मित्र चाचा स्व श्री सुभाष चंद्र गुप्ता जी के साथ हमारे गांव के एक हरिजन मित्र पैनका के घर में चाय पानी पीते थे ।
आज कल लोग घर के बाहर भोजन करते हैं । कोई नहीं जानता बनाने वाले या परोसने वाले किस जाति के हैं । याने तथाकथित उच्च जाति के लोग कथित शुद्र जाति के लोगों के द्वारा बनाया गया भोजन प्रेम से खाते हैं । इसी तरह रक्त शुद्धता की बात करने वाले जरूरत पड़ने पर शुद्रों का खून अपने शरीर में चढ़ाते हैं ।
सत्य को जानने की कोशिश करनी चाहिए. सत्य जानने के लिए उलट पुलट हर तरह के विचार पढ़ कर सोचना चाहिए. किसी लोखी गई या कही गई बात को आँख बंद कर नहीं मानना चाहिए. सत्य ही सुन्दर है. सत्य ही कल्याणकरी है.
गुरुवार, 18 जुलाई 2019
हमारे गाँव लोइंग में हरिजन सम्मेलन
सदस्यता लें
टिप्पणियाँ भेजें (Atom)
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें