गुरुवार, 27 जून 2019

मेरे गुरू


मैं किसी गुरू से कर्ण मंत्र नहीं लिया याने मेरा कोई कान फूंका गुरू नहीं है ।
मेरे गुरू हैं मेरे दादा जी,  माता पिता, मेरे स्कूल शिक्षक,  उपन्यासकार,  कथाकार, कवि,  लेखक,  सम्पादक,  सोशल मीडिया के विचारक, प्रकृति

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