मैं पूजा पाठ, अजपाजप, भगवान देवी देवताओं की मुर्तियों के सामने मत्था टेकना उनसे कुछ मांगना सालों से छोड़ दिया । मैं किसी गुरू से कर्ण मंत्र नहीं लिया याने मेरा कोई कान फूंका गुरू नहीं है ।
कभी कभी ध्यान करता हूं ।
मन्दिरों में चढ़ावा नहीं देता जहाँ भगवान देवी देयताओं की मुर्तियाँ होती हैं । सिर्फ़ एक मंदिर में चढ़ावा दिया हूं जहाँ साक्षात् देवी देवता विद्यार्थियों को बहुत कम वेतन में अच्छी शिक्षा देते हैं । वह मंदिर है बटमूल आश्रम महाविद्यालय महापल्ली जिला रायगढ़ ।
मानवता मेरा धर्म है । विद्यार्थियों के हित में कुछ कुछ करता रहता हूं ।
सत्य को जानने की कोशिश करनी चाहिए. सत्य जानने के लिए उलट पुलट हर तरह के विचार पढ़ कर सोचना चाहिए. किसी लोखी गई या कही गई बात को आँख बंद कर नहीं मानना चाहिए. सत्य ही सुन्दर है. सत्य ही कल्याणकरी है.
बुधवार, 26 जून 2019
मेरा धर्म मानवता
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