मंगलवार, 11 जून 2019

मृतक भोज

मेरे विचार से मृतक भोज के संबंध में  किसी जाति समाज द्वारा कोई नियम नहीं बनाना चाहिए । मृतक भोज का बहिष्कार तिरष्कार करना उचित नहीं । जब भी मौका मिला मैं विरोध किया हूं ।
जो मृतक भोज बंद करने की बात करते हैं उन्हें
अपने घर परिवार से पहल करनी  चाहिए । स्वयम् अपनी इच्छा  लिख कर अपने परिवार तथा समाज के चार - पांच लोगों को दे दें ।
इस संबंध में कोई नियम न बनाएं। कोई भोज दे , न दे । जैसा भोज देना चाहे, मीठा खिलाए जो जो खिलाए अपनी मर्जी ।
मेरा यह विचार पहले भी व्यक्त किया हूं फेसबुक में ।
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मेरा यह भी सुझाव है धनी लोगों के लिये -
70-75 साल उम्र के बाद एक उत्सव मनाएं अपने जीने का ।  अपने परिवार,  रिश्तेदार,  मित्र्, परिचितों शुभ चिंतकों को आमंत्रित करें ।

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