गुरुवार, 18 मई 2017

मर्दानगी


Nikhilesh Mishra

लड़की उम्र में बड़ी हो तो मर्दानगी को ठेस लग जाती है, लड़की लंबाई में बड़ी हो तो भी मर्दानगी को चोट लग जाती है, लड़की अधिक कमाती हो तो मर्दानगी हर्ट होती है, लड़की आर्ग्यूमेंटेटिव हो तो मर्दानगी को ठेस, राह चलते समय लड़की दो क़दम आगे चलने लगे तो मर्दानगी घायल हो जाती है, लड़की 'न' कह दे तब तो पक्का मर्दानगी छलनी हो जाती है, बिना पूछे या एक्सप्लेन किये पत्नी किसी पुरुष दोस्त से बात कर ले तो डाह के मारे मर्दानगी दांत पीसने लगती है, फेसबुक पे लड़की की फ़ोटो पे अधिक लाइक आने से भी अधिकांश मर्दों को कलेजा भभक उठता है....मतलब ये कि स्त्री पुरुषों से कमतर रहे, उनके नियंत्रण में रहे, उनपे निर्भर रहे और उनका एहसान मानती रहे तभी मर्दानगी साबित होती है!

मर्दानगी (मैस्क्युलिनिटी) एक कुंठित श्रेष्ठताबोध है! इसका शारीरिक बल से कोई लेना देना नहीं बल्कि ये मानसिक दुर्बलता है, रोग है!
Tara Shanker

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