शुक्रवार, 19 मई 2017

भ्रमजाल


Suresh Soni

धर्म के सही अर्थ से भटकाव के कारण धर्म ने मानव जाति का भला नहीं किया , उल्टे शोषण किया है . आज धर्म से मानवता गायब है | आज धर्म एक संगठन के रूप में काम कर रहा है और इस संगठन की कमान जिसके भी हाथ में है , जिसका ही वर्चस्व है उसने अपने ही हित में धर्म की व्याख्या की है जिसके कारण बस उसी का भला हो रहा है , बाकी आबादी उनके हाथ की कठपुतली है | यह प्रचारित किया गया कि धर्म की समीक्षा समय के अनुसार नही हो सकती | धर्म को भ्रमजाल बना दिया गया है |

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