सोमवार, 15 मई 2017

कल्पित किंतु सत्य


Engr Kanwarjit Singh > ‎Dadi Ma Ke Nuske


*एक मुस्लिम,* लन्दन में एक बस में चढ़ा और उस ने बस चालक से अनुरोध किया कि बस में बज रहे पाश्चात्य संगीत को तत्काल बन्द कर दे...बस चालक ने इस का कारण पूछा तो मुस्लिम ने कहा कि इस्लाम की शिक्षा के अनुसार संगीत सुनना हराम है, क्यूँ कि प्यारे नबी के समय संगीत नहीं था और विशेष रूप से पाश्चात्य संगीत...

बस चालक ने विनम्रतापूर्वक रेडियो बन्द कर दिया , बस का दरवाज़ा खोला और मुस्लिम को बस से नीचे उतर जाने का निवेदन किया... मुस्लिम ने इस का कारण पूछा...

बस चालक ने विनम्रता से उत्तर दिया.." हे भाई प्यारे नबी के समय कोई टेक्सी नहीं थी, कोई बस नहीं थी , कोई बम नहीं थे, हवाई जहाजों का अपहरण करने वाले नहीं थे , मसजिद में शोरगुल मचाने वाले लाउड स्पीकर नहीं थे , कोई आत्मघाती हमले नहीं होते थे , आर डी एक्स नहीं था, ए के 47 नहीं थी, सर्वत्र केवल शान्ति थी ! अतः चुपचाप नीचे उतर जाओ और गंतव्य तक पहुँचने के लिए ऊँट का इन्तजार करो...

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