🌝ईश्वर और उसकी उपयोगिता
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एक बार बट्रेण्ड रसेल से किसी ने पूंछा " ईश्वर क्या है ?
रसेल का जबाब था , ' मन को शक्ति देने वाली एक अध्यात्मिक कल्पना का नाम ' ईश्वर है '।
आत्म विश्वास को दृढ़ बनाने के लिए ईश्वर का अस्तित्व बनाया गया है ।इसके साथ-- साथ ही ईश्वर की कल्पना मनुष्य को भयभीत भी करती है । एकांत में भी , मनुष्य पाप या गलत कार्य करने में डरे इसी लिए उसे सर्व दृष्टा व सर्वव्यापी बतलाया गया है । एकांत में भी
मनुष्य को सुमार्ग पर चलाने के लिए " ईश्वर " कारगर अस्त्र है ,जो ठीक भी है ।
वास्तविकता तो यह है कि हमारे कर्म ही हमारे भाग्यविधाता हैं । हमें अपने ही कर्मों के फल भोगने पड़ते हैं । सफलता असफलता में कार्यपद्धति ,परिस्थितियां और संयोग की महत्वपूर्ण भूमिका होती है ,परन्तु लोग अपने आलस्य, अकर्मण्यता ,नियति और क्षमता पर पर्दा डालने के लिए इसे भाग्य कहते हैं
सत्य को जानने की कोशिश करनी चाहिए. सत्य जानने के लिए उलट पुलट हर तरह के विचार पढ़ कर सोचना चाहिए. किसी लोखी गई या कही गई बात को आँख बंद कर नहीं मानना चाहिए. सत्य ही सुन्दर है. सत्य ही कल्याणकरी है.
बुधवार, 17 मई 2017
ईश्वर
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