मैं पढ़ा था कि गांधी जी ने सेक्स फिलिंग पर अपने कंट्रोल की परीक्षा के लिए एक रात दो नंगी लड़कियों के साथ सोए थे| उन्होंने स्वीकार किया था कि वे सेक्स फिलिंग से परे नहीं हो पाए हैं| यह एक प्रयोग था| हिम्मत है किसी में इस तरह की बात कोई बता सके? जागते हुए आपके मन में और सपने में सेक्स की जो बातें आती है , क्या कोई इमानदारी से उजागर करने का साहस करेगा? नहीं| हममें यह हिम्मत नही् है|
हूंह. दो चार लाइन गांधी के बारे में पढ़ लिए सुन लिए . उन्हें जान लिए?
सभी साधू संत खुद को सेक्स से परे बताते हैं | काम क्रोध लोभ माया से दूर रहने की सलाह देते हैं| लेकिन सच नहीं लगता|
1980-1985 में मैंने कुनकुरी में मिशनरी फादर से पूछा था| उन्होंने कहा वे सेक्स फिलिंग से परे नहीं हो सके. -"जब फिलिंग होती है तो ईशू ईशू बोलता हू्ँ, मन को उधर से हटाता हू्ँ| ऐसे सच को सहजता पूर्वक स्वीकार करना उनकी सरलता और ईमानदारी का परिचायक है|
सत्य को जानने की कोशिश करनी चाहिए. सत्य जानने के लिए उलट पुलट हर तरह के विचार पढ़ कर सोचना चाहिए. किसी लोखी गई या कही गई बात को आँख बंद कर नहीं मानना चाहिए. सत्य ही सुन्दर है. सत्य ही कल्याणकरी है.
रविवार, 28 मई 2017
गाँधी जी और सेक्स
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