गुरुवार, 18 मई 2017

कमजोर दिमाग

यादें_
ट्रेन में मेरे सामने सीट पर दो लोग बात कर रहे थे|
एक ने कहा- कमजोर दिमाग वाले लकीर के फकीर होते हैं, मूढ़ होते हैं| वे ही भक्त होते हैं|
दूसरा हां हूं कर रहा था|
पहला समझा रहा था जो ठीक से मुझे सुनाई नहीं दे रहा था,हल्ला गुल्ला के कारण|
मुझे ये भक्त वाली बात समझ में नहीं आई| पूछने का मन कर रहा था| बहुत सारे लोग मंदिर मस्जिद में भक्ति करते हैं वे सब के सब मूढ़ नहीं हो सकते| मोदी जी भी भक्त हैं हमारे देश को चला रहे हैं|
कुछ कहना ठीक नहीं लगा दो की बातचीत में जबर्दस्ती घुसना |

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें