मंगलवार, 30 मई 2017

ज्योतिष

ज्योतिष??-
वाट्सएप ग्रुप में शरद कोकस ने भेजा है_
*ज्योतिषियों के सम्मलेन का स्टिंग ऑपरेशन*
*भाग एक* 
एक बार ज्योतिषियों के एक सम्मेलन में जन्म कुंडली को लेकर ज्योतिषियों की बहस चल रही थी । हमारे रिपोर्टर *छन्नू छिद्रान्वेषी* ने यह स्टिंग आपरेशन किया है। जिनके बीच बातचीत हो रही थी उनके नाम तो नहीं पता लेकिन उन्हें एक –दो ऐसे नम्बर दिए गए हैं ।

*ज्योतिषी एक* : भाई, तुम जातक का सही जन्म समय किसे मानते हो ?
*ज्योतिषी दो* : भाई जब बच्चे का जन्म होता है उसे मानते हैं ।
*ज्योतिषी एक* : हां लेकिन जन्म कब होता है ? क्या जब बच्चा मां के पेट से बाहर आता है वही सही जन्म समय है ?
*ज्योतिषी दो* : नहीं, जब उसकी नाल काटी जाती है तब उसका सही जन्म होता है ।
*ज्योतिषी तीन* :नहीं ..जब नर्स प्रसूति गृह से बाहर आकर जो समय बताती है हम उसे सही समय मानते हैं । या फिर जब बच्चा पहली बार रोता है तब उसे जन्म समय मानते हैं ।
*ज्योतिषी चार* :वह सही समय कैसे बता सकती है और बच्चा ..कोई जरुरी नहीं पैदा होते ही रोये ..दरअसल जिस वक्त मां की कोख से बच्चे का सिर बाहर आता है हम उसे सही समय मानते हैं ।
*ज्योतिषी पांच* : सिर्फ सर के बाहर आने से क्या होता है जब तक पैर बाहर नहीं आ जाते तब तक हम नहीं मानते की बच्चे का जन्म हुआ है ।
*ज्योतिषी छह* :तुम सब लोग मूर्खों जैसी बात कर रहे हो , अरे कभी सर पहले आता है कभी पैर बाहर आता है सही तो यह है कि बच्चे का सही जन्म समय होता है जब वह माँ के गर्भ में आता है।
*ज्योतिषी सात* :अरे गर्भ में आ जाने से क्या होता है तब तक तो उसमे प्राण ही नहीं होते । जब आठवां महिना होता है हम तो उसे जन्म का सही समय मानेंगे ,हमने अभिमन्यु की कुंडली इसी आधार पर बनाई थी ।
*ज्योतिषी एक* : हद है अभी बच्चा पैदा नहीं हुआ और आपने उसकी जन्म कुंडली भी बना ली ।
*ज्योतिषी दो* : और बच्चा गर्भ में कब आया इसका ठीक ठीक समय माँ बाप तक नहीं बता सकते फिर आप कैसे बता सकते हैं ?
*ज्योतिषी तीन* : अरे इससे क्या फर्क पड़ता है दस पन्दरह मिनट का फर्क तो चलता है ।
*ज्योतिषी चार* : ऐसे कैसे चलता है ? यहाँ तो हर दस मिनट में ग्रहों की स्थिति बदल जाती है फिर तो आप मिनट क्या महीनों में अंतर बता रहे हैं । गर्भ धारण से जन्म तक नौ माह होते हैं ना
*ज्योतिषी नौ* : छोड़ो यार तुम लोगों की बहस में क्या धरा है । राहू केतु जैसे काल्पनिक ग्रहों की स्थिति से भी क्या फर्क पड़ता है , अपना काम है ,कुंडली और ग्रहों के नाम पर जनता को बेवकूफ बनाना सो बनाते है । जनता तो ...बीप बीप....  है ...बीप बीप ....... बनाओ तो बन जाती है ।
( अगला स्टिंग बस थोड़ी ही देर में )
😀😬😁😂😃😄😇😜😝😛😎🤑😍

*शको कोश*

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें