कपोल कल्पित बातों को सिद्ध करने के लिए किया जाने वाला प्रश्न:-
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प्रश्न - क्या विज्ञान सिद्ध कर सकता है कि ऊपर वाला नहीं है ?
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जवाब -
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जो है ही नहीं उसे कैसे सिद्ध किया जा सकता है ? यदि होता तो आज तक अपने चाहने वालों के लिए क्यों नहीं आया ? दरअसल आप कभी कहते हैं कि उपर वाला सभी के दिलों में है, कभी कहेंगे की कण कण में, कभी मंदिर मस्जिद,चर्च में ढूंढते हैं कभी पृथ्वी पर नीचे से "ऊँगली" करके उपर आकाश की तरफ बताते हैं तो आपको कोई क्या बताए की ऊपर वाला कहाँ हैं, जब आप खुद ही एकमत न होकर बौराए-बौराए घूम रहे हैं !
फिर भी अगर आपको लगता है कि विज्ञान आपकी ऐसी चुनौती को स्वीकार करे तो विज्ञान को जनहित और मानवता के लिए आपकी ये चुनौती स्वीकार है ! लेकिन पहले सभी धर्मों के धर्मगुरु मिलके आपस में समझौता करके तय कर लीजिये कि दरअसल आपका ऊपर वाला है कहाँ ? और मिलकर दीजिये एक साथ चुनौती बिज्ञान को, साथ में यह भी समझौता कर लीजिये कि आपकी बताई हुई जगह पर यदि वैज्ञानिकों को आपका उपर वाला तब भी नहीं मिला तो क्या पूरे विश्व से धर्म का नामोनिशान मिटा दिया जाएगा ? क्या मदिर, मस्जिद,चर्च,गुरुद्वारा के जगह आप स्कूल और अस्पताल बनवा देंगे ? .. फिर देखिये कैसे विज्ञान सिद्ध करता है !
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-mithilesh
सत्य को जानने की कोशिश करनी चाहिए. सत्य जानने के लिए उलट पुलट हर तरह के विचार पढ़ कर सोचना चाहिए. किसी लोखी गई या कही गई बात को आँख बंद कर नहीं मानना चाहिए. सत्य ही सुन्दर है. सत्य ही कल्याणकरी है.
रविवार, 28 मई 2017
ऊपरवाला
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