हमारे समाज में अतिशयोक्ति अलंकार का प्रयोग बहुधा होता है . आप अपने दो चार , दोस्तों , रिश्तेदारों या परिचितों के बीच , अपनी शरीर की कोई तकलीफ का जिक्र क्या कर दे , उनमे से कोई शर्तिया , आपको कोई एक देशी इलाज बता देगा और उसका जादुई प्रभाव भी .
इस तरह योग और आयुर्वेद की अपनी सीमाए है . इसे वैकल्पिक तौर पर ही अजमाए . यह डाक्टर सात साल से दस साल , यू ही अपना सिर नही खपाते . रही बात रामदेव बाबा की और आयुष जैसे सरकारी विभाग की , दोनों ने अपनी ' दूकान ' चलानी है.
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