मंगलवार, 20 जून 2017

कर्म फल

संजय कुमार

चंदू लाल-" तो! तुम ईश्वर को नहीं मानते हो ? फिर तो भगवान कृष्ण के कहे कर्मफल को भी नहीं मानते होंगे जो गीता में उन्होंने कहा है की इस जन्म के कर्मो का फल अगले जन्म में जरूर मिलता है ?

मैं- " जी.....कर्मफल और पुनर्जन्म जैसा कुछ नहीं"

चन्दूलाल को मेरी बात पर गुस्सा आ गया और नथुने फुलाते हुए बोलें-
" कैसी मूर्खता वाली बात करते हो? कर्मफल होता है 
इंसान को आपने कर्मो की सजा जरूर मिलती है ,इस जन्म में नहीं तो अगले जन्म में .... "

मैं और चन्दूलाल बाते करते हुए अभी कुछ दूर आगे बढ़े ही थे की मोड़ पर एक 15-16 साल का लड़का तेजी से मोटर साईकिल चलाते हुआ सामने आ गया। हमें सामने देख घबराहट में उसने तेज ब्रेक लगाएं ,किन्तु अचानक ब्रेक लगाने से बाइक अनियंत्रित हो गई । हम दोनों उछल के एक तरफ हो गएँ किन्तु फिर भी मोटरसाइकिल चन्दूलाल से टकरा ही गई। चन्दूलाल के पैर पर मोटरसाइकिल का पहिया टकराया और वह झटके से सड़क पर गिर गया । टांग में चोट आई गई , मैंने उसे सहारा देके खड़ा कर दिया।

खड़े होते ही चन्दूलाल का चेहरा दर्द और गुस्से से लाल हो गया ,वह माँ बहन की गलियां देते हुए लड़के को मारने दौड़ा। मैंने चंदू लाल को रोकते हुए कहा-

" चन्दूलाल भाई! इसमें लड़के की कोई गलती नहीं है,गलती तुम्हरी थी ... कर्मफल के अनुसार तुम्हे अपने पिछले जन्म के कर्मो की सजा मिली है ....."

अब चन्दूलाल लड़के को छोड़ मुझे गालियां देने लगा .....मैंने कुछ गलत कह दिया था क्या?😛

-संजय

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