मोर और गाय पर अंधविश्वास जाने सही तथ्य -
=======================इस देश को क्या हो गया है ? जज से लेकर पढे लिखे लोग तक बेवकूफी की बात करने लगे है और फेसबुक पर बहस होने लगती है जबकि ऐसी चीजो पर बहस नही होनी चाहिए उसका पुरजोर खंडन कर देनी चाहिए ।
मोर सिर्फ आसू पीकर गर्भवती हो जाती है कि जानकारी के लिए मै एक प्रोफेसर डाक्टर अजय पांडेय को फोन किया जो zoology मे पीएचडी है ।पहले तो वह हसने लगे और हमे ही बोलने लगे कि आप डाक्टर होकर इस बात को क्यो पूछे ।मोर एक विकसित पक्षी है उसके शरीर की एनाटामी है फिजियोलॉजी है जनन अंग है ।विना sperm और ovum के संयोग से कोई गर्भवती कैसै होगा ।जो ऐसा कहता है बेवकूफ और पागल होगा और बेवकूफ पागलो की बात पर बहस नही करते । जब मैने कहा कि जज ने बोला है तो वे कहने लगे यार कोई काल्पनिक कहानी मे कह दिया होगा ।
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एक दुसरा अंधविश्वास खूब लिखा जा रहा है और भाजपा के विद्वान उसका खूब समर्थन कर रहे है कि गाय आक्सीजन लेती है और आक्सीजन देती है इसलिए पूजनीय है ।उस पर मेरे मित्र ने कहानी वैसै पागलो के कमरे मे दस गाय बांधकर कमरा बंद कर रात भर भक्त को सुला दो सुबह पता चल जायेगा कि आक्सीजन देती है कि कार्बन डाई आक्साईड देती है ।कोई जीव अगर आक्सीजन लेगा तो भोजन पचाने मे आक्सीजन खपत होगी और कार्बन डाई आक्साइड निकलेगी । यह भैस सुवर गदहा सबके लिए सत्य है ।पर कुछ लोग इतने भावुक है कि मान रहे है कि नही गाय आक्सीजन लेती है और छोडती भी है ।यह सोच एकदम वेवकूफी भरा है ।
इस समय मुरखो का जमाना है जरा बच कर रहे ।
सत्य को जानने की कोशिश करनी चाहिए. सत्य जानने के लिए उलट पुलट हर तरह के विचार पढ़ कर सोचना चाहिए. किसी लोखी गई या कही गई बात को आँख बंद कर नहीं मानना चाहिए. सत्य ही सुन्दर है. सत्य ही कल्याणकरी है.
शुक्रवार, 2 जून 2017
मोर, गाय और मुर्खों के विज्ञान
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