आजादी के बाद गांधी जी ने कांग्रेस पार्टी को भंग करने की सलाह दी थी क्योंकि कांग्रेस के गठन का मकसद पूरा हो चुका था| लेकिन पार्टी को भंग नहीं किया गया| किसी सलाह को मानने की बाध्यता नहीं होती|
अगर आजादी के बाद कांग्रेस को भंग कर पुनः "कांग्रेस" नाम से ही एक पार्टी का गठन कर लेते| उसमें वही पूर्व कांग्रेसी सदस्य होते| तो क्या नए कांग्रेस दल को बहुमत नहीं मिलता? किसे बहुमत मिला होता| भारतीय जनसंघ, हिंदू महासभा या आर एस एस को?
सत्य को जानने की कोशिश करनी चाहिए. सत्य जानने के लिए उलट पुलट हर तरह के विचार पढ़ कर सोचना चाहिए. किसी लोखी गई या कही गई बात को आँख बंद कर नहीं मानना चाहिए. सत्य ही सुन्दर है. सत्य ही कल्याणकरी है.
मंगलवार, 13 जून 2017
कांग्रेस पार्टी
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