रविवार, 25 जून 2017

सूर्य को अर्ध्य

Rattan Lal Gottra > ‎"अंध-भक्त मुक्त भारत" #ABMB

👍👍👉🙏एकबार पंडित लोग गंगा नदी मे खड़े हो कर सूर्य को पानी दे रहे थे। 
👉गुरुनानक जी ने ठीक उनके विपरीत पानी मे खड़े हो कर के पानी फेंकना शुरू कर दिया ।
👉तब पंडितों ने कहा के आप इधर पानी क्यों दे रहे हों? 
👉नानकजी ने सवाल पर सवाल कर दिया के आप लोग उधर पानी क्यों दे रहे हो? 
तब पंडितों ने जवाब दिया कि हम लोग तो सूर्य देवता को पानी दे रहे हैं । 
👉तब नानकजी ने कहा मै भी अपने खेतों को पानी दे रहा हूं जो करतारपुर (पंजाब) मे हैं ।
👉पंडितों ने कहा तूं मूरख लगता है, भला इतनी दूर से खेतों को पानी कैसे पहुंच सकता है?
👉गुरु नानक जी ने कहा जब आपका दिया हुआ पानी लाखों मील दूर सूर्य तक पहुंच सकता है, तो मेरे खेत तो यहां से सिर्फ 250मील ही दूर हैं ।
ये सुन कर पंडित लोग हर बार की तरह शरमिंदा हो गये । 
👉यह है गुरुनानक जी का पाखंड पर चोट करने का एक तरीका था 🙏🙏🙏🙏

सूर्य नमस्कार एक मूरख होने की निशानी है ।
गुरु जी के अनुसार, भारत उन मूरखों से भरा पड़ा है ।

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