शुक्रवार, 27 नवंबर 2020

गोमाताओं की व्यथा गाथा

शहरों में कुछ गो पालक ऐसे भी होते हैं जिनके पास गाय को रखने की पर्याप्त जगह नहीं होती फिर भी सैकड़ों लिटर दूध का धंधा करते हैं । उनके गाय सड़कों में लावारिस घूमते रहते हैं, जो मिला खाते हैं, कचरा कागज.. आदि भी खा जाते हैं । रात को कहीं भी, बीच सड़क पर भी सो जाते हैं । ट्राफिक के लिए समस्या बनते हैं, जो दुर्घटना के कारक भी होते हैं । सुबह चारा पानी खाने मालिक के पास पंहुच जाते हैं । थोडा दाना पानी देकर आखिरी बूंद तक दूध निकाल कर अपने गायों को सड़क पर छोड़ देते हैं । 
ये है हमारे देश की गो माताओं की दिनचर्या। उनकी व्यथा गाथा ।

मंगलवार, 24 नवंबर 2020

पाप धोने का मतलब

पाप धोने का मतलब अपने किये अपराधों के प्रमाण मिटाकर दंड से बचना । इस तरह के पाप धोने के सरल तरीके जहाँ अधिक होंगे वहां अपराध भ्रष्टाचार भी अधिक होंगे ।

शनिवार, 21 नवंबर 2020

हेप्पी बर्थ डे

घर में कोई अंग्रेजी में बात नहीं करता लेकिन 
हेप्पी बर्थ डे टुयू गाते हैं।

नामकरण

बहुत सारे संस्थाओं के नाम नेहरू इंदिरा के नाम पर हैं ।
प्रधान मंत्री मुख्य मंत्री के नाम से उनके कार्यकाल में किये काम का नाम होना चाहिए । किसी संस्था के लिये जो कुछ खास काम किये हों उनके नाम से भी संस्था हो सकते हैं । लेकिन जिन्होंने उस संस्था के लिए कोई काम न किया हो उनका नाम कदापि नहीं होना चाहिए ।
        ऐसा अब भी होना चाहिए । मोदी जी ने भी जो जो किये उनका नाम भी होना चाहिए ।

बुधवार, 18 नवंबर 2020

प्रतिमाओं को प्रणाम

देवी देवता अपने जमाने में कुछ अच्छा काम किये होंगे देश समाज के लिए, ऐसा मान कर कभी कभी उनकी प्रतिमा को प्रणाम कर देता हूँ ,उनकी पूजा नहीं करता, चढ़ावा नहीं देता, मत्था टेक कर उन से  नहीं मांगता।जीवन में सिर्फ एक मंदिर में चढ़ावा दिया हूं , बटमूल आश्रम साल्हेओना महाविद्यालय महापल्ली में

मंगलवार, 17 नवंबर 2020

कामेच्छा

काम पिपासा पुरुष में अपेक्षाकृत अधिक होती है ।
पुरुष की इच्छा शायद 70-80 या उससे अधिक उम्र तक रहती है।
      जबकि 50 (औसत) वर्ष बाद स्त्री का period बंद हो जाता है उसकी कामेच्छा समाप्त हो जाती है । 
यह स्त्री पुरुष के सम्बंध के लिए बहुत बड़ी समस्या हो जाती है ।
       स्त्री की कामेछा समाप्ति के बाद उसे कोई फ़र्क नहीं पड़ता । लेकिन पुरुष की क्षुधा तृप्ति घर में नहीं हो पाती । जिनके हार्मोन ज्यादा बनते हैं वे घर के बाहर भूख मिटाने की कोशिश करते हैं ।
      इससे पति पत्नी के बीच कलह होता है । कोई स्त्री यह सहन नहीं कर पाती कि उसका पति घर के बाहर खाना नास्ता करे । पत्नी यह दे नहीं सकती। उसकी इच्छा नहीं होती ।
       विवाह के समय पति पत्नी के उम्र में यदि अधिक अंतर हो तो यह समस्या कम होती है । यदि दोनों के उम्र में कम अंतर हो या समान हो तो समस्या अधिक होती है । शायद इसी लिये मनु जी ने दोनो की उम्र में आठ साल का अंतर रखने का सुझाव दिया था ।
        यदि स्त्री इस उम्र में पति का ध्यान रखे तो कलह से बचा जा सकता है । 
       एक सुझाव है यदि स्त्री physicaly पूर्णतः स्वस्थ है तो वह रजोनिवृत्ति के बाद किसी अनुभवी स्त्री रोग विशेषज्ञ से hormon treatment ले सकती है । इससे period पांच - सात साल बढ़ जाती है ।

रविवार, 15 नवंबर 2020

चमत्कार और विज्ञान

संसार में कोई भी चीज चमत्‍कार नही है। हर चमत्‍कार के पीछे ठोस वैज्ञानिक कारण है। हमारी अज्ञानता ही चमत्‍कार है, जब इन  चमत्‍कारों का कारण एक साधारण व्‍यक्ति जान जाता है तो वह विज्ञान कहलाता है और जब ये कारण किसी ठग की जानकारी में आता है तो वह अंधविश्‍वास बन जाता है।

शनिवार, 24 अक्टूबर 2020

DNA Test

सभी जाति में रक्त मिश्रण हुआ है। किसी में कम, किसी में ज्यादा । सभी जाति में गोरे काले सांवले हैं । लेकिन अपनी जाति को श्रेष्ठ मानने वाले  इसे स्वीकार नहीं करते । अन्तर्जातीय विवाह को मान्यता नहीं देते। वे अपनी जाति में रक्त मिश्रण नहीं चाहते । ऐसे जातीय  दम्भ वालों को अपनी अपनी जाति के  सब का DNA test करा लेना चाहिए । 
डी एन ए जांच के बाद परिणाम अनुसार हर जाती को दो भाग बना देना चाहिए । एक शुद्ध , दूसरा मिश्रण। Test में शुद्ध रक्त प्रमाणित लोग ही शुद्ध में रहें बाकी मिश्रण में । अन्तर्जातीय विवाह करने वाले मिश्रण जाति में शामिल हों । इच्छानुसार बिना test कराए मिश्रण में रह सकते हैं 
     

जाति की रक्त शुद्धता

सभी जाति में रक्त मिश्रण हुआ है। किसी में कम, किसी में ज्यादा । सभी जाति में गोरे काले सांवले हैं । लेकिन अपनी जाति को श्रेष्ठ मानने वाले  इसे स्वीकार नहीं करते । अन्तर्जातीय विवाह को मान्यता नहीं देते । वे अपनी जाति में रक्त मिश्रण नहीं चाहते । फिर भी कुछ युवा प्रेम सम्बन्ध के कारण  अंतरतीय विवाह कर लेते हैं । इससे जाती समाज में  विवाद, भेद, विभाजन  होते हैं। उस परिवार को जाति समाज से बहिष्कृत कर दिया जाता है । या उनके घर में अन्तर्जातीय विवाह करने वाले  पुत्र / पुत्री  कभी न आएं का शर्त और समाज द्वारा तय  जुर्माना  भरने से बहिष्कार से मुक्त हो सकते हैं ।
इसी जातीय अहम् के कारण कई युवाओं का जीवन कठिन हो जाता है, कई आत्म हत्या कर लेते हैं, हत्या कर देते हैं । 
ऐसे जातीय  दम्भ वालों को अपनी अपनी जाति के  सब का DNA test करा लेना चाहिए । 
डी एन ए जांच के बाद परिणाम अनुसार हर जाती को दो भाग बना देना चाहिए । एक शुद्ध , दूसरा मिश्रण। 

             Test में शुद्ध रक्त प्रमाणित लोग ही शुद्ध में रहें बाकी मिश्रण में । अन्तर्जातीय विवाह करने वाले मिश्रण जाति में शामिल हों । बिना test कराए मिश्रण में रह सकते हैं 
     ऐसा होने से शुद्ध जाति वालों का श्रेष्ठता का अहं सुरक्षित रहेगा।
इस व्यवस्था से समाज में विवाद, बहिष्कार, आत्म  हत्या... नहीं होंगे ।

क्यों???

भारत में सबसे ज्यादा भगवान,सबसे ज्यादा पाठ पूजा,सबसे ज्यादा कर्म कांड फिर भी इतना भ्रस्टाचार,अन्याय,अव्यवस्था, गंदगी क्यो ??

हजारों में से कोई एक

सब की सोच समान नहीं होती ।
कीमती आभूषण हजारों लोग देखते हैं । उनमें से कोई एक का मन लालच करता है ।
उन हजारों लालची में से कोई एक लूटता है ।
उसी तरह जिस्म देख कर भी..... 

सोच और बलात्कार का सम्बन्ध

सच तो यह है कि कपड़े और बलात्कार का कोई सम्बन्ध नहीं है ।सोच और बलात्कार का सम्बन्ध जरूर है ।
अरे! कोई कीमती आभूषण पहना हो तो देख कर लूट लोगे क्या? 

आस्था और तर्क

श्रद्धा आस्था विपरीत होते हैं तर्क विज्ञान से ।
लेकिन हम 
दोनों से चिपके रहना चाहते हैं 

शुक्रवार, 23 अक्टूबर 2020

समलैगिंक आकर्षण




  समलैगिंक आकर्षण अधिकतर विवाह के पहले होता है । काम क्षुधा की पूर्ति के लिए विपरित लिंग नहीं मिलने से gay या lesbo sex कर के पूर्ति कर लेते हैं । इसे कोई बीमारी समझना उचित नहीं है । यह किसी भी उम्र में हो सकता  है ।

हर जाति का दो भाग बना देना चाहिए


सभी जाति में रक्त मिश्रण हुआ है। किसी में कम, किसी में ज्यादा । सभी जाति में गोरे काले सांवले हैं । लेकिन 
अपनी जाति को श्रेष्ठ मानने वाले  इसे स्वीकार नहीं करते । अन्तर्जातीय विवाह को मान्यता नहीं देते । वे रक्त मिश्रण होने देना नहीं चाहते । फिर भी कुछ युवा प्रेम सम्बन्ध के कारण  अंतरतीय विवाह कर लेते हैं । इससे जातीय  समाज में  विवाद, भेद, विभाजन  होते हैं। उस परिवार को जाति समाज से बहिष्कृत कर दिया जाता है । या उनके घर में अन्तर्जातीय विवाह करने वाले  पुत्र / पुत्री  कभी नहीं आने के शर्त के साथ  समाज द्वारा तय  जुर्माना  भरने से बहिष्कार से मुक्त हो सकते हैं ।
इसी जातीय अहम् के कारण कई युवाओं का जीवन कठिन हो जाता है, कई आत्म हत्या कर लेते हैं, हत्या कर देते हैं । 
ऐसे जातीय  दम्भ वालों को अपनी अपनी जाति के  सब का DNA test करा लेना चाहिए । 
डी एन ए जांच के बाद परिणाम अनुसार हर जाती को दो भाग बना देना चाहिए । एक शुद्ध , दूसरा मिश्रण। 
भविष्य में अन्तर्जातीय विवाह करने वाले मिश्रण जाति में शामिल हों ।
     ऐसा होने से शुद्ध जाति वालों का श्रेष्ठता का अहं सुरक्षित रहेगा।
इस व्यवस्था से समाज में विवाद, बहिष्कार, आत्म  हत्या... नहीं होंगे ।

गुरुवार, 22 अक्टूबर 2020

प्रदर्शन और लालच

 घर के बाहर अपने जिस्म का प्रदर्शन  उचित नहीं है । अच्छे से शरीर को ढक कर बाहर निकलना चाहिये । देख कर कुछ लोगों को लालच आ जाता है ।

उसी तरह 

अपने  धन के प्रदर्शन के लिए कीमती आभूषण  पहन कर घर से बाहर घूमना भी उचित नहीं है। कुछ लोगों का मन बिगड़ जाता है ।

दोनों ही परिस्थितियों  देश समाज की शांति व्यवस्था खराब होती है । पोलिस, अदालत सब परेशान होते हैं ।

बुधवार, 21 अक्टूबर 2020

अंध भक्ति से हानि

उलट पुलट हर तरह के विचार पढ़ना सुनना चाहिए ।
एक ही तरह की बात सुनने पढ़ने से अंध भक्ति होती है । यह भक्ति देश समाज संसार के लिए बहुत हानिप्रद होती है ।
इसी से आतंकवाद, नक्सलवाद, तानाशाही फलता फूलता है ।

मंगलवार, 20 अक्टूबर 2020

बच्चे के खाली दिमाग में धर्म आस्था भर दी जाती है

बच्चा जन्म लेता है तब उसके दिमाग में कोई आस्था धर्म भगवान अल्लाह god... कुछ नहीं होता । उसके माता पिता, परिवार के लोग उसके दिमाग में यह सब भरते हैं जिसे वह मान लेता है ।
   कालांतर में कोई कोई सोच विचार कर अपने दिमाग में भरे हुए आस्था विश्वास आस्तिकता को हटाकर विज्ञान को भरते जाते हैं । ॠषि चार्वाक, ऋषि जाबालि, गौतम बुद्ध, भगत सिंह, डाक्टर कोबूर, पेरियार स्वामी, विश्वनाथ (सरिता के सम्पादक) .....
हमारे छत्तीसगढ़ रायगढ़  जिला  के - 
ग्राम लोइंग के स्व श्री सुभाष चन्द्र गुप्ता (मेरे मित्र, चाचा) पूर्व प्रधान पाठक शास उच्चतर माध्यमिक शाला महापल्ली, 
श्री पद्ममुख पंडा सेवा निवृत्त बैंक मेनेजर निवासी महापल्ली.
पंडरीपानी पूर्व के श्री जगदीश गुप्ता 
रायगढ़ के मुमताज भारती, जयप्रकाश मानस रथ

सोमवार, 19 अक्टूबर 2020

असामान्य लोगों को राजनीति से दूर करना चाहिए

ये बाबा साधु सन्यासी के  विचार, रहन सहन, उपदेश.. आम आदमी से हट कर होता है ।
            असामान्य लोगों को देश की राजनीति में भागीदारी से वंचित करना चाहिए। उनके लिए किसी राजनौतिक मुद्दे पर बात करना , वोट देना प्रतिबंधित होना चाहिए ।

शनिवार, 17 अक्टूबर 2020

कर्म फल और भाग्यफल

कर्म फल वैज्ञानिक सिद्धांत है ।
कर्म का उचित फल मिलता है ।
कारण और परिणाम का सम्बंध वैज्ञानिक है ।
भाग्य फल सिद्धांत कल्पित है झूठ है । इस का प्रचार प्रसार शोषक वर्ग के हित में किया गया ताकि शोषित का शोषण अबाध होता रहे ।

शोषण

जो भी होता है उपर वाले की मर्जी से होता है ।
उसकी इच्छा के बिना एक पत्ता भी नहीं हिलता 
जो होता है सब भाग्य फल होता है। जैसा किस्मत में लिखा होगा वैसा ही होगा ।

इन धार्मिक भावना से शोषित का शोषण करने में शोषको को सुविधा होती है ।
क्यों कि शोषित संतुष्ट रहता है ।

मन की शांति

जो होता है वही करता है.. 
मान लेने से दिमाग के सारे प्रश्न समाप्त हो जाते हैं । मन शांत हो जाता है । कुछ सोच विचार करने की जरूरत नहीं रह जाती ।
जो भी घटना दुर्घटना हो उसके कारण, निवारण के उपाय जानने करने की जरूरत नहीं । क्यों कि जो हो रहा है सब उसकी इच्छा से हो रहा है ।

शुक्रवार, 16 अक्टूबर 2020

आशीर्वाद

#  "कैसे हो? "
#  "सब आपके आशीर्वाद से अच्छा हूं गुरू जी "
#  बहुत अच्छा लेकिन मेरे आशीर्वाद से नहीं, तुम्हारी अपनी कोशिश से "
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शुक्रवार, 9 अक्टूबर 2020

परम्परा

पुरानी परम्पराओं के औचित्य पर सोच विचार कर उसका त्याग या पालन करना चाहिए ।
परम्परा -
परम्परा हमारे व्यवहार के तरीकों की द्योतक है।
 परम्परा का अर्थ उन सभी विचारों आदतों और प्रथाओं का योग है, जो व्यक्तियों के एक समुदाय का होता है, और एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी को हस्तान्तरित होता ।

रविवार, 4 अक्टूबर 2020

अम्बेडकर का संविधान या हमारा संविधान

प्रेमचंद का गोदान, तुलसी का राम चरित मानस, धर्मवीर भारती का गुनाहों का देवता..... 
ये सब तो ठीक है. 
लेकिन कुछ लोग बार बार अलापते रहते हैं 
बाबा का संविधान ,
अम्बेडकर का संविधान ..
ये क्या कहना चाहते हैं ।
अम्बेडकर का संविधान होने से तो सर्वाधिकार उनके परिवार का होता, पुस्तक विक्री की रायल्टी भी उन्हें मिलती । उनकी अनुमति के बिना उसमें कोई संशोधन सम्भव नहीं होता ।

शनिवार, 26 सितंबर 2020

अजपाजप

किसी के नाम को जपने से ज्ञान प्राप्त नहीं होता । ध्यान (सोच विचार) करने से ज्ञान प्राप्त होता है ।

गुरुवार, 24 सितंबर 2020

हमारा भारत

पहले यहाँ सिर्फ मूल निवासी रहते थे । वे जंगलों में कंद मूल फल मांस खाते थे । उनके अलग अलग कबीले होते थे।  हर कबीला का एक सरदार याने राजा होता था। 
बाद में कुछ होशियार लोग मैदानी इलाकों में रहकर खेती और पशु पालन करने लगे जो आज OBC कहलाते हैं । अलग अलग क्षेत्रों में अलग अलग राज्य के राजा होते थे ।
  बहुत बाद में आर्य आये । ब्राह्मण,  क्षत्रिय , वैश्य अपने साथ अपनी सेवा कराने के लिये कुछ दास लेकर आये वे जिन्हें शुद्र कहते थे । जो आजकल SC में आते हैं। 
आर्य अपने तीन उच्च वर्ण के लोगों को "आर्य" कहकर सम्बोधन करते थे । वे भारत के मूल निवासियों को राक्षस, दैत्य , असुर कहते थे ।
धीरे धीरे आर्य भारत के मूल निवासियों के कबीले,  राज्यों को साम दाम दंड भेद से जीत कर एक कर लिये जिसे व आर्यावर्त कहा गया । कालांतर में आर्यों के छोटे छोटे टुकड़े टुकड़े राज्य हो गये ।
जिन्हें मुगलों ने जीत कर एक बादशाह के अधीन  कर दिया जो हिन्दुस्तान कहलाया । जिसमें अधिकतर राजा हिन्दू थे ।
अंग्रेज आकर सबको जीत कर एक india बना दिए ।
1947 आजादी के बाद हमारे देश का नाम भारत,  india हुआ ।
पाकिस्तान अलग हो गया ।
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अब तो सभी हर तरह का काम धंधा करते हैं। 

धर्म परिवर्तन

मुस्लिम,  इसाई धर्म में कोई भी शामिल हो सकता है लेकिन हिन्दू धर्म में मुस्लिम इसाई शामिल नहीं हो सकते । 
लेकिन हम कहते हैं 
"वसुधैवेकम् कुटुंबकम् "
पूरी पृथ्वी एक परिवार है ।

प्रेम

 कई संकीर्ण लोग प्रेम कथा पढ़ते सुनते देखते हैं लेकिन अपने परिवार जाति समाज में हो तब उन प्रेमियों के प्रेम को सहन नहीं कर पाते याने प्रेम करने वालों से जलते हैं ।

बुधवार, 23 सितंबर 2020

हमारा भारत

हमारे भारत के हजारों टुकड़ों को जीत कर मुगलों ने जोड़ दिया।
अंग्रेजों ने हमारे भारत के सैकड़ों टुकड़ों को जोड़ कर एक कर दिया।

आर्थिक विकास

आर्थिक विकास के लिए सरकार और नागरिक द्वारा उत्पादक कार्यों में खर्च होना चाहिए अनुत्पादक कार्य में नहीं ।

सोमवार, 21 सितंबर 2020

स्त्री अबला

पहले स्त्री अबला मानी जाती थी पुरुष द्वारा । स्त्री भी इसे मान लेती थी । इसलिये मनु ने यह व्यवस्था दी थी कि स्त्री की रक्षा उसका पिता,  भाई,  पति करेगा ।
अब स्त्री अबला नहीं है । संविधान ने उसे ताकत दी है ।

बुधवार, 16 सितंबर 2020

पूरी दुनियां का एक धर्म

मनु स्मृति,  कुरान,  बाइबिल.... पुराने जमाने में अपने अपने समाज के लिये संविधान थे ।
अब तो अपने अपने देश का संविधान है । यही हमारा धर्म होना चाहिए ।
       एक दिन आएगा  सरहदें नहीं होगी,  संयुक्त राष्ट्र संघ का संविधान ही पूरी दुनियां का धर्म होगा ।
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जय जगत _ बिनोबा भावे

धर्म

हमारा संविधान ही हमारा धर्म होना चाहिए ।

शनिवार, 29 अगस्त 2020

मन की बात

हमारे प्रधान मंत्री  मोदी जी को भी अपने मन की बात का संकलन प्रकाशित कराना चाहिए ।

सन्स्थाओं के नाम

कहते हैं कई संस्थाओं के नाम नेहरू इंदिरा के नाम पर हैं। प्रधान मंत्री मुख्य मंत्री के अलावा किसी संस्था के लिये जो कुछ खास काम किये हों उनके नाम से भी हो। जिसने  संस्था के लिए कुछ न किया हो उनका नाम कदापि नहीं होना चाहिए ।
        मोदी जी भी जो जो किये उनका नाम भी होना चाहिए।

गुरुवार, 27 अगस्त 2020

पूजा करने के लिए नहीं, पढ़ने के लिए हैं

गीता रामायण को लाल कपड़े में लपेट कर अपने पूजा घर में रख कर पूजा करने के लिए नहीं हैं । पढ़ कर सोच विचार करने के लिए है ।

भीम ही संविधान सभा थे?

हमारा  संविधान, उसके सारे नियम कानून अम्बेडकर का है । याने बाबा भीम ही संविधान सभा थे ? जी नहीं ।
संविधान सभा में 200 सदस्य थे । कई कमेटी बनाई गई थी । drafting commitee  के अध्यक्ष थे भीम अम्बेडकर ।
दरअसल संविधान सभा में विचार विमर्श पश्चात जिन पर सहमति होती थी उस सब को भीम राव अम्बेडकर अच्छे से drafting करते थे ।
हमारा संविधान, उसके सारे नियम कानून अम्बेडकर का है । याने बाबा भीम ही संविधान सभा थे ? जी नहीं ।
संविधान सभा में 200 सदस्य थे । कई कमेटी बनाई गई थी । drafting commitee  के अध्यक्ष थे भीम अम्बेडकर ।
दरअसल संविधान सभा में विचार विमर्श पश्चात जिन पर सहमति होती थी उस सब को भीम राव अम्बेडकर अच्छे से drafting करते थे ।से drafting करते थे ।
जो नियम कानून बने सभा की सहमति से, अकेले अम्बेडकर की मर्जी से नहीं।

ईश निंदा

ईश्वर की निंदा करने वाले को ईश्वर ही दंड देंगे ।
इसके लिए मनुष्य को चिंता करने की जरूरत नहीं ।

शादी और प्रेम

प्रेम विवाह हो चाहे अरेंज विवाह,  यदि अन्य सब बातें यथावत रहें सामान्य रहें तो शादी के बाद पति पत्नी के बीच प्रेम दिनों दिन प्रगाढ़ होता जाता है ।

लड़कियों के ड्रेस

लड़कियों के ड्रेस पर बहुत चर्चा होती है ।
सार्वजनिक स्थान में देश के संविधान और कानून का पालन करते हुए वस्त्र धारण करना चाहिए । बस। कानून अनुसार हो तो कोई आलोचना नहीं होनी चाहिए । कानून का उल्लंघन हो हो तो पोलिस को शिकायत करना चाहिए ।
देश में नंगे, अधनंगे साधु बाबा सार्वजनिक स्थानों,  तीर्थ स्थलों में दिखाई देते हैं । संसद में भाषण देते हैं ।
नागा,  जैनी साधु तो शहरों के आम सड़क में भी जुलुस के साथ होते हैं ।

बुधवार, 26 अगस्त 2020

नीजीकरण

नीजीकरण 
से संस्था अच्छी चलती है तो 
पूरे देश को किसी कम्पनी या किसी देश के हवाले कर दें तो नीजीकरण का ज्यादा लाभ मिलेगा देश वासियों को ।
केन्द्र सरकार को इस पर विचार के लिए संसद में प्रस्ताव रखना चाहिए । सहमति होने से यथा शीघ्र निविदा मंगाना चाहिए ।

most intelligent अम्बेडकर जी

अम्बेडकर जी कालेज विद्यार्थी जीवन में तथा बाद में भी बहुत ठाठबाट से रहते थे । अच्छे ड्रेस (सूट  बूट कोट) पहनते थे ।  विमान से विदेश जाते थे । निश्चित ही उनकी अच्छी कमाई होती थी वकील पेशा में । बताते हैं कि दुनियां में सबसे अधिक डिग्री हासिल करने वाले थे। इससे स्पष्ट होता है कि वे most intelligent व्यक्ति थे ।
              मैं सुना पढ़ा था कि आर्यों के ब्राह्मणों का दिमाग सबसे बड़ा होता था । उनकी तुलना में क्षत्रिय वैश्य शुद्र तथा भारत के मूल निवासी (OBC और ST) के दिमाग कमतर होते थे । (बाद में तो सभी जाति में दिमाग छोटे बड़े होने लगे हैं ।)
       तो अम्बेडकर जी इतने अधिक intelligent कैसे हो गये? ऐसा तो नहीं रामायण के रचयीता बाल्मिकी (उस जमाने के most intelligent) ब्राह्मण रहे हों। बाद में उन्हें शुद्र बता दिया गया हो । वैसे ही अम्बेडकर जी भी दलित न हों । बाद में छोटे से बड़ा बताने के लिए, प्रेरणादायक कहानी बनाने के लिए उन्हें शुद्र बताया गया हो ।
    जैसे - कुछ प्रेरणादायक सच्ची कथाएं.. 
जूता पालिशदार से जूता फेक्टरी का मालिक 
भिखारी से राजा 
चाय वाला से मंत्री

महान अम्बेडकर

 ये भीम,  बाबा , जय भीम वाले  महान अम्बेडकर जी को और अधिक महान बनाने के लिए -
        गांधी और नेहरु जी के बारे में झूठ और अफ़वाह फ़ैला रहे हैं ।
       अम्बेडकर के बारे में बढ़ा चढ़ाकर झूठा प्रचार करते हैं ।
        पूजा पाठ का विरोध करते हैं , उपहास करते हैं । लेकिन अम्बेडकर की पूजा करते हैं ।

सोमवार, 24 अगस्त 2020

धर्मो की आलोचना

दूसरों के धर्म की अपेक्षा अपने अपने धर्म के अनुपयुक्त अनुचित नियम परम्परा की आलोचना करनी चाहिए।

अहंकार मंत्र


अपने पक्का मकान और कार से सुख मिलता है लेकिन उसके side effect से बचने के लिए 
इस मंत्र का ध्यान करें ।
झर रे झर मेरे अहंकार 
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 यह  श्री  भवानी प्रसाद षड़ंगी पूर्व प्राचार्य नगर पालिका उच्चतर माध्यमिक शाला रायगढ़ की एक  कविता की प्रथम पंक्ति है ।

रविवार, 23 अगस्त 2020

शनिवार, 22 अगस्त 2020

प्रेम और वासना

प्रेम और काम वासना अलग अलग हैं ।
प्रेम सागर है,  आकाश है । वहां कोई स्वार्थ नहीं होता । 

प्रेम और वासना  साथ साथ भी हो सकते हैं,  नहीं भी ।जहाँ सिर्फ सेक्स सम्बन्ध है वहां जरूरी नहीं प्रेम भी हो ।
जहाँ प्रेम हो वहां जरूरी नहीं काम वासना हो ।

दरवाजा खुला है



मेरे दिल का दरवाजा खुला है सब के लिये ।
इतनी बड़ी दुनियां इतने सारे लोग 
आओ सबसे प्यार करें ।

गुरुवार, 20 अगस्त 2020

अम्बेडकर और संविधान

ये जय भीम वाले कहते हैं 
बाबा का संविधान 
बाबा का कानून ।
 
अम्बेडकर जी संविधान सभा नहीं थे ।
सभा द्वारा बनाए गये प्रारूप कमेटी के अध्यक्ष थे ।

मंगलवार, 18 अगस्त 2020

स्त्री को वस्तु मानते थे

पहले पुरुष स्त्री को वस्तु मानते थे ।
कुछ मुर्ख अब भी कहते हैं.. 
तु चीज बड़ी मस्त मस्त ।

धार्मिक यात्रा के लिए सरकारी खर्च क्यों

हज यात्रा या किसी भी धार्मिक समारोह में जाने के लिए सरकारी खर्च नहीं होना चाहिए । 
जो पुण्य कमाने के लिये तीर्थ यात्रा करना चाहता है वह खुद वहन करे ।

कोरोना मंत्र का रोज जाप करें

अब इस कोरोना मंत्र का रोज जाप करें तो देश समाज का कुछ हित हो सकता है ।
कृपया इसे share करें  ।
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असतो मा सद्गमय ।
यः असत्यम् वदति, भ्रष्टाचारम् करोति , पापम् करोति ।
तस्य शरीरे कोरोना प्रविशतु ।
(जो झूठ कहे, भ्रष्टाचार करे,  पाप करे उसके शरीर में कोरोना प्रवेश करे)

सोमवार, 17 अगस्त 2020

खूबसूरती का आनंद लें, तोड़ें नहीं



स्त्री के अंग प्रदर्शन,  उसके छोटे कपड़े,  उसकी खूबसूरती,  उसकी सेक्सी फिगर, उस का अकेले घूमना,  रात को अकेली यात्रा करना.... ये कोई कारण नहीं कि पुरुष स्त्री को लूट ले ।
 स्त्री के कीमती गहने देख कर लूट लोगे ? 

बैंक में रूपयों की गड्डी देख कर लूट लोगे?
फूलों की खूबसूरती देख कर तोड़ लोगे? 
बिल्कुल गलत ।
          

रविवार, 16 अगस्त 2020

शादी और प्यार

शादी एक अलिखित समझौता है. दोनों   सुख दुःख के भागीदार होते हैं . आनंद पूर्वक एक परिवार का सृजन करते हैं । साथ साथ रहकर स्वावाभाविक रूप से एक दूसरे से प्यार करते हैं । कुछ बुरे लोग होंते हैं  जो समझौता तोड़ देते हैं ।

शनिवार, 15 अगस्त 2020

भोले शंकर जी

आर्य खुद को देवता कहते थे। यहाँ के मूल निवासियों राक्षस/दानव । 
आर्यों के क्षत्रिय राक्षसों को साम दाम दंड से परास्त कर राजा बन गये । 
        शंकर जी भारत के मूल निवासी अनार्य थे ।  उनके ज्ञान और शक्ति को परास्त करने का साहस आर्य नहीं कर सके। आर्यों ने शंकर जी को महादेव की उपाधि देकर खुश कर लिये । अपने साथ मिला लिये ।
         शंकर जी भोलेनाथ थे मन के सच्चे सरल । उन्हें जो भी कुछ भी माँगता वे तथास्तु कह कर दे देते थे ।

पुराने जमाने के संविधान

मनु स्मृति,  कुरान,  बाइबिल.... पुराने जमाने में अपने अपने समाज के लिये संविधान थे ।
अब तो अपने अपने देश का संविधान है । यही हमारा धर्म होना चाहिए ।
       एक दिन आएगा  सरहदें नहीं होगी,  संयुक्त राष्ट्र संघ का संविधान ही पूरी दुनियां का धर्म होगा ।

शुक्रवार, 14 अगस्त 2020

कोरोना मंत्र

इस कोरोना मंत्र का रोज जाप करें तो देश समाज का कुछ हित हो सकता है ।
कृपया इसे share करें  ।
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असतो मा सद्गमय ।
यः असत्यम् वदति, भ्रष्टाचारम् करोति , पापम् करोति ।
तस्य शरीरे कोरोना प्रविशतु ।
(जो झूठ कहे, भ्रष्टाचार करे,  पाप करे उसके शरीर में कोरोना प्रवेश करे) 
 हिं क्लिं फट् स्वाहा। 
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स्वर्ग नर्क

स्वर्ग नर्क की कल्पना समाज से अत्याचार भ्रष्टाचार अपराध दूर करने के लिए की गई थी । लेकिन अब नर्क से बचने,  स्वर्ग में आरक्षण के कई short cut तरीके खोज लिये गये हैं ।




प्रेमिका और पत्नी

प्रेमिका कई हो सकती है । उनकी संख्या घाटती जाती है। 
पत्नी एक ही होती है जो जीवन भर साथ देती है ।

प्यार और इश्क

प्यार = प्रेम ।
इश्क = प्यार + कामेच्छा 
प्रेम हर प्राणी, हर वस्तु से कर सकते हैं । पूरी दुनियां से कर सकते हैं ।
इश्क मनुष्य करते हैं मनुष्य से ।
********
इतनी बड़ी दुनियां 
इतने सारे लोग 
आओ 
सबसे प्यार करें ।

मंगलवार, 11 अगस्त 2020

पति पत्नी का प्यार

कुछ लोग कहते हैं कि पति पत्नी एक दूसरे को जीवन भर झेलते हैं याने उनके बीच प्यार नहीं होता ।
मेरे विचार से यह गलत है ।  साथ साथ रहने से तो मकान की दिवारों से भी प्यार हो जाता है फिर पति पत्नी के बीच क्यों नहीं होगा । अगर दोनों बदमाश नहीं तो निश्चित ही दोनों के बीच जीवन भर प्रेम रहेगा ।

राधा और मीरा को जीओगे तो

आज कृष्ण जी के पहले राधा का नाम लेते हैं । 
राधा कृष्ण राधा कृष्ण
भजते हैं ।
कई जगह राधा कृष्ण के मंदिर भी हैं । 
 उनके जीवन काल में पता नहीं राधा के पति और परिवार की मनोदशा क्या थी ।
आज मीरा राधा को 
गाओगे तो मिलेगी ताली 
जीओगे तो मिलेगी गाली ।

सोमवार, 10 अगस्त 2020

जलाने CO2बनता है

लोबान, धूप अगरबत्ती, घी,  तेल, मोमबत्ती , लकड़ी कुछ भी जलाने कार्बन डाई आक्साइड बनता है । इससे हवा में आक्सीजन  की खपत होती है। याने आक्सीजन कम हो जाता है कार्बन डाई आक्साइड बढ़ जाता है ।

रविवार, 9 अगस्त 2020

लोग क्या कहेंगे

स्त्री को लोग क्या कहेंगे वाला डर ज्यादा होता है पुरुष को यह डर कम होता है ।
इसी लिये पुरुष के कई gf होते हैं लेकिन महिला के आम तौर से एक ।
 इसी लिये पुरुष दुस्साहस कर  कई से सम्बन्ध बना लेते हैं । यही समस्या है परिवार समाज का ।
यदि पपुरुष भी स्त्रियों की तरह डरते तो बदमाशी कम होती ।
खास बात.. ये लोग क्या कहेंगे... में कथित लोग स्त्रियां ही होती हैं  लगभग 90%

शनिवार, 8 अगस्त 2020

प्यार और स्वास्थ्य

प्यार और स्वास्थ्य के बीच धनात्मक सहसम्बन्ध है ।
प्यार को प्रदर्शित करने का भी महत्व है । घर में पति पत्नी प्यार का  इजहार करने में झिझक न करें। अपने घर में खुल्लम खुल्ला प्यार करें । यह सोच कर कि हम तो 50 + हैं गम्भीरता का लबादा न ओढ़ें । कभी कभी शरारत भी करें । पत्नी कहे. . अरे क्या करते हो, दरवाजा खुला है..... 

चेतन कौन

जो बिना सोच विचार किये पढ़े या सुने हुए को मान लेता है वह जड़ । जो बहुत सोच विचार कर मानता है या नकार देता है वह चेतन ।

शुक्रवार, 7 अगस्त 2020

सवाल ???

सवाल नहीं करने वाले भक्त बनते हैं जो कुछ पढ़ते सुनते हैं उसे मान लेते हैं ।
सवाल करने वाले वैज्ञानिक सोच वाले होते हैं,  वे सोच समझकर मानते हैं ।

बुधवार, 5 अगस्त 2020

आलोचना

धार्मिक परम्पराओं,  नियमों, मान्यताओं की सार्थक तर्क आधार युक्त वैज्ञानिक दृष्टिकोण से आलोचना करना उचित है । यह किसी धर्म व्यक्ति की भावना को ठेस पहुंचाना नहीं है ।

धर्म

यः धारयति सः धर्मः । जो धारण करने योग्य हो,  जिसे धारण करें वह हमारा धर्म।  
बहुत पहले अलग अलग भू भागों में देश काल परिस्थिति अनुसार अलग अलग धर्म थे । 

हमारा संविधान मानवतावादी है ।
अब हमारा संविधान ही हमारा  धर्म होना चाहिए ।

आर्य अनार्य कौन

आर्य जब भारत में आये अपने साथ अपनी सेवा के लिए शुद्रों को लेकर आये थे या फिर भारत के गरीब जो OBC की सेवा करते थे उन्हें आर्यों ने शुद्र कहा होगा ।
भारत के मूल निवासी OBC और ST को उन्होने राक्षस /अनार्य कहा है ।
आर्य यहाँ के राक्षसों से युद्ध कर साम दाम दंड से अपने अधीन कर लिये । 
पहले ब्राह्मण केवल अपनी जाति,  क्षत्रीय,  वैश्य के घर में पूजा पाठ,  यज्ञ हवन,  .. करते थे । उनकी संख्या कम होने से पर्याप्त आय नहीं होती थी । बाद में कथित अनार्य  राक्षसों के घर भी जाने लगे । उनके घर में भी पूजा पाठ....  करने लगे ।
 इससे OBC और ST अपनी जाति को श्रेष्ठ मानने लगे । वे भी दलितों को हेय दृष्टि से देखने लगे तथा उन्हें अस्पृश्य मानने लगे ।
ज्ञातव्य है कि ब्राह्मण आज भी कथित शुद्र /दकित के घर पूजा पाठ यज्ञ हवन नहीं करते ।
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एक कथित मूल निवासी जय भीम वाले ने facebook पर लिखा कि OBC और ST भी दलित हैं ।
इस से मैं सहमत नहीं हूं । इसलिए उपर्युक्त पोस्ट डाला ।
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स्पष्ट कर देना चाहता हूँ कि मैं मानवता वादी हूं । बचपन से ही छूआ छूत नहीं मानता ।

मंगलवार, 4 अगस्त 2020

राक्षस कौन?

आर्य जब भारत में आये अपने साथ अपनी सेवा के लिए शुद्रों को लेकर आये थे ।
भारत के मूल निवासी OBC और ST को उन्होने राक्षस कहा है ।

बाबा का संविधान नहीं हमारा संविधान

हमारे देश के संविधान सभा में 200 सदस्य थे ।  कई कमेटी बनाई गई थी ।  सब की राय से संविधान की धाराएं तय किये गये । इसलिए हमारे संविधान को अम्बेडकर का या बाबा कासंविधान कहना गलत है । 
            अम्बेडकर जी को ड्राफ्टिंग कमेटी के अध्यक्ष बनाया गया था उनकी योग्यता के लिए । संविधान की ड्राफ्टिंग की  का दायित्व किसी अच्छे ऐडवोकेट को ही दे सकते थे  ताकि संविधान  कानूनी दृष्टि से सटीक हो, स्पष्ट हो।
    
            सभी कार्यालय में लिपिक होते हैं जो ड्राफ्टिंग करते हैं । अधिकारी जो कहते बोलते हैं उसे वे उचित शब्दों में सजाकर लिखते हैं । कोर्ट में जबाब देने के लिए उस लिपिक को ड्राफ्टिंग करने के लिए कहा जाता है जिसे विधि भाषा की कुछ जानकारी हो।

सोमवार, 3 अगस्त 2020

सम्भोग

sex को हिंदी में सम्भोग कहा गया है याने दोनों समान रूप से भोग करें,  समान रूप से आनंद लें। किसी को कोई मानसिक शारीरिक पीड़ा नहीं होनी चाहिए ।

अम्बेडकर का संविधान?

संविधान कोई उपन्यास नहीं है जिसे अम्बेडकर ने लिखा ।
हमारे देश के संविधान को अम्बेडकर का संविधान कहना गलत है।
  यह संविधान अगर अम्बेडकर जी का है तो उस पर सर्वाधिकार उनके परिवार का होना चाहिए । कोई संशोधन संसद में नहीं अम्बेडकर के परिवार में होता ।

गुरुवार, 30 जुलाई 2020

विवाह पश्चात सुखी जीवन

विवाह एक अलिखित समझौता है ।
विवाह पश्चात स्त्री पुरुष आपस में सुख दुःख के भागीदार होते हैं । एक दूसरे को  सुख देकर सुख प्राप्त किया जाता है । जितना देते हैं उससे ज्यादा मिलता है । यह आधिक्य स्त्री पुरुष दोनों पक्ष को मिलता है । यही सुखी जीवन होता है ।

मंगलवार, 28 जुलाई 2020

स्त्री

इज्जत चली जाती है सिर्फ़ स्त्री की ।
संदेह होता है सिर्फ़ स्त्री पर । 
परित्याग किया जाता है सिर्फ़ स्त्री का ।

Pornography


भारतीय संस्कृति रक्षा के लिए भारत में porn प्रतिबंधित किया। लेकिन सब कुछ लेकिन लेकिन हो रहा है । लगातार भाजपाइयों के porn video सोशल मीडिया में आ रहे हैं ।
  यह सब Pornography बंद होने के कारण हो रहे हैं,  बलात्कार भी इसी कारण बढ़े हैं ।
मनोवैज्ञानिक फ्रायड के अनुसार काम वासना का दमन करने से विकृत रूप धारण कर लेती है। काम की पूर्ति होना स्वास्थ्य के लिए आवश्यक है । कामुक स्वप्न से भी सेक्स की पूर्ति होती है । 
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वयस्कों के लिये पोर्न फोटो वीडियो मूवी देखने की छूट होने से उनकी कामवासना की कुछ पूर्ति हो सकती है। इससे अवैध संबंधों और बलात्कार में कमी हो सकती है । 

सोमवार, 27 जुलाई 2020

भगवान पर भरोसा

आश्चर्य 
अधिकतर धार्मिक लोग भगवान पर आधा अधूरा विश्वास करते हैं । घर से बाहर निकलते समय और सोने के पहले main gate में ताला लगाकर दो बार जांच करते हैं ।

बहुत आश्चर्य 
मंदिर का पुजारी मंदिर में ताला लगाकर दो बार जांच करता है ।

रविवार, 26 जुलाई 2020

गुरु

वेतन लेकर पढाने वाला, स्कूल में केवल निर्देशित काम करने वाला शिक्षक होता है , जरूरी नहीं वह गुरू भी हो ।
जो बिना कोई पारिश्रमिक लिये दिशा दे/मार्ग दर्शन करे,  बौद्धिक विकास के लिए सहायता करे वह गुरू होता है। 
     कोई शिक्षक यदि सरकार द्वारा निर्देशित कार्य के अलावा विद्यार्थी को मार्गदर्शन करे, सहायता करे तो वह उसकी गुरूता होगी,  वे भी गुरू।

कान फूँका गुरु

कान फूँका गुरू -
      पुराने जमाने से परम्परा चली आ रही है किसी एक गुरु से कर्ण मंत्र लेकर गुरु बनाने का । वह गुरू स्कूल कालेज का शिक्षक नहीं होता, कोई अनपढ़ या प्रायमरी पास भी हो सकता है । ये गुरू नये चेले के कान में धीमी आवाज में एक दो पंक्ति का मंत्र सुनाते हैं ताकि कोई दूसरा सुन न ले । शंख घंट की तेज ध्वनि में जरूरी नहीं वह मंत्र चेला को सुनाई दे। कर्ण मंत्र लेकर शिष्य अपने गुरू को चरण स्पर्श कर प्रणाम करता है,  उपहार और दक्षिणा देता है । लोग  हर साल कम से कम एक बार अपने कान फूँका  गुरू को चढ़ावा देते हैं ।
      ये गुरू लोग (आजकल के स्कूल शिक्षक भी अपने चेलों भक्तों/ विद्यार्थियों को यह खूब सुनाते हैं) -
गुरू गोबिंद दोऊ खड़े हैं, काके लागूं पाँय|
याने अपनी महत्ता का बखान खुद करते हैं|
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             मैं किसी गुरू से कभी कोई कर्ण मंत्र नहीं लिया | कभी लूंगा भी नहीं|
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           मेरे स्कूल के सभी शिक्षकों में से एक शिक्षकमुझे बहुत याद आते हैं। श्री सोनसाय चौहान | उन्होंने मुझे कक्षा पाँचवीं से  उपन्यास कहानी पढने के लिए प्रेरित किया| वे मुझे पढने के लिए  उपन्यास, कहानी देते थे| उनकी प्रेरणा से मैं जीवन में हर तरह के हजारों उपन्यास कहानी पत्रिकाएं कविता संग्रह पढ़ा| वे मेरे जैसे बहुत सारे विद्यार्थियों को रास्ता दिखाए होंगे|
        गाँव के लोग उन्हें "गंड़ा मास्टर" कहते थे| मैं उनके घर पुस्तक लेने जाता था | कभी कभी पानी मांगकर  पी लेता था| हमारे बड़े गुरुजी की पत्नी मुझे डाँटती थी - केंता रे, तुईं परे गंड़ा मास्टर घरें पानी पीइसू? ने जीबू तार घर के | (क्यों रे, तुम गांड़ा मास्टर के यहां पानी पीते हो मत जाना उसके घर |)
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         अर्थ शास्त्र के अनुसार पारिश्रमिक (वेतन) लेकर अध्यापन करने वाले शिक्षक श्रमिक हैं|
          कुछ शिक्षक अपनी निर्धारित ड्यूटी के अलावा भी अपने विद्यार्थियों के लिए कुछ करते हैं, मार्गदर्शन करते हैं । यह उनकी गुरुता है | वे ही गुरू होते हैं|
ऐसे ही मेरे गुरू श्री सोनसाय चौहान को नमन|
          | हमारे महान गांड़ा मास्टर को नमन|

अंतर्जातीय विवाह

अंतर्जातीय विवाह _
         बहुत तकलीफ होती है जब अंतर्जातीय विवाह करने वालों को और उनके घर वालों को जाति समाज द्वारा बहिष्कार का दंड दिया जाता है । इसी डर से माता पिता अपने पुत्र /पुत्रियों को अंतर्जातीय विवाह के लिए सहमति नहीं देते । फल स्वरूप युवक युवती घर से भाग कर शादी करते हैं या आत्म हत्या कर लेते हैं ।
                  संस्कृति की दुहाई देकर अंतर्जातीय विवाह का विरोध किया जाता है । मेरी जानकारी में कोलता,  अघरिया,. . ,  .  . , ... सभी जाति में मांसाहार शाकाहार दोनो प्रचलित है,  अब  सभी जाति में कुछ लोग मुर्गा,  शराब भी चलाने लगे हैं । पहनावा भी समान है । मातृ भाषा, बोली समान होने से भी उनके संस्कार में बहुत अंतर भी देखा गया है । छत्तीसगढ़ के रायगढ़ रायपुर के ओड़िया भाषी और ओडिशा के झारसुगड़ा सम्बलपुर सुंदरगढ़ के ओड़िया भाषी के संस्कार में अंतर देखा गया है । धमतरी  और रायगढ़ रायपुर वालों के संस्कार में बहुत फ़र्क होता है ।
        OBC और ब्राह्मण मारवाड़ी क्षत्रिय के जीवन यापन के पुश्तैनी धंधे अलग अलग हैं लेकिन अब लोग वह छोड़ कर नौकरी करने लगे हैं । आजकल खानपान में भी परिवर्तन हो रहा है । ब्राह्मण मारवाड़ी भी शराब मांस मछली खाने लगे हैं ।
         रक्त मिश्रण की चिंता जता कर अंतर्जातीय विवाह का विरोध करते  हैं लेकिन किसी की जाति बिना देखे आवश्यकता होने से खून ले लेते हैं अपने शरीर में । रक्त मिश्रण तो हो गया ।
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यह पोस्ट विचार विमर्ष के लिए है । अंतर्जातीय विवाह का समर्थन  करें न करें, उन्हें उनके घर आने से जाति बहिष्कार का दंड नहीं होना चाहिए । इसी डर से परिवार वाले अपने पुत्र / पुत्री को अन्तर्जातीय शादी की सहमति नहीं देते । फल युवक युवती स्वरूप आत्म हत्या कर लेते हैं ।

रविवार, 19 जुलाई 2020

अंतर्जातीय विवाह और सामाजिक बहिष्कार

अंतर्जातीय विवाह करने वालों को जाति समाज द्वारा दिया गया सामाजिक बहिष्कार का कठोर दंड 
देश निकाला, आजीवन कारावास या मृत्यु दंड जैसा होता है । कोई रिश्वत खाए,  सरकारी या संस्था का रूपया खाए, बेइमानी करे,  अपने परिवार या दूसरे का जमीन हड़प ले,....  उन्हें कोई समाज कोई दंड नहीं देता । वैसे संविधान विरुद्ध है यह सामाजिक बहिष्कार ।

शनिवार, 18 जुलाई 2020

यमक अलंकार - दो नशा

यमक अलंकार -
एक नशा से मनुष्य कुछ देर प्रभावित होता है ।मस्तिष्क पर नियंत्रण कम हो जाने से मन उड़ने लगता है,  मन का राजा हो जाता है । हिम्मत आ जाती है, जो चाहे कह सकता है गाली गलौच करने लगता है,  कुछ भी कर सकता है, अपराध कर सकता है। इस नशा को पाने के लिए कुछ दाम चुकाना पड़ता है, अपना और परिवार का आर्थिक नुकसान होता भी है ।
  दूसरे नशा से मनुष्य जीवन भर प्रभावित रहता है । सरल सीधे लोग इस से कोई गलत काम नहीं करते, दयालु , ईमानदार होते हैं । जो खर्च करते हैं उससे अपने परिवार और देश समाज की भलाई होती है । कुटिल चालक लोग इस नशे के प्रभाव से स्वार्थ के लिए खूब अपराध भ्रष्टाचार करते हैं 
, कभी कभी अपने किये पाप विभिन्न तरीके से धो लेते हैं । पाप धोने में जितना खर्च करते हैं उससे लाख लाख गुना अर्जित करते हैं । इनके कर्म से देश समाज का बहुत अहित होता है ।

मंगलवार, 14 जुलाई 2020

भ्रष्टाचार में कमी नहीं हो रही

पता नहीं. 
नमाज, बाइबिल, गीता, रामायण पढ़ने से क्या होगा?  कहानी और उनके कही बात को जान लेंगे बस । लेकिन इससे क्या होगा?  बहुत सारे लोग पढ़ते हैं लेकिन दुनियां में मार काट खून खराबा लड़ाई झगड़े,   भ्रष्टाचार,  कम नहीं हो रहे हैं ।

गुरुवार, 2 जुलाई 2020

संस्थान उपक्रमों के नाम

सोशल मीडिया में चर्चा है कि नेहरू जी के कार्यकाल में जितने संस्थान, उपक्रम  बने सब में  नेहरू जी का नाम जोड़ दिया गया । 
खैर जो हुआ हुआ। 
अब 2014 के बाद सब में  मोदी जी का नाम जोड़ना चाहिए । नये नोट, नये मिसाइल,  सर्जिकल स्ट्राइक,  चीन युद्ध रणनीति , अमेरिका दोस्ती,..... 
भविष्य में भी यह परम्परा जारी रहनी चाहिए ।

बुधवार, 1 जुलाई 2020

आर्य

कहते हैं आर्य कोई जाति नहीं,  गुण  है । आर्य का अर्थ श्रेष्ठ । सवर्ण सवर्ण को आर्य कहकर सम्बोधन करते थे । याने खुद श्रेष्ठ बाकी सब छोटे,  शुद्र,  एकलव्य,  शम्बुक... 

आस्तिक नास्तिक

माना गया है जो वेद को मानता है वह आस्तिक,  जो नहीं मानता वह नास्तिक ।
लेकिन शब्दार्थ अनुसार 
सः (ईश्वर) अस्ति अर्थात ईश्वर है ऐसा मानने वाला आस्तिक ।
सः (ईश्वर) न अस्ति अर्थात वह नहीं है ऐसा मानने वाला नास्ति ।

शनिवार, 27 जून 2020

इम्युनिटी बूस्टर को दवा नहीं कहते ।

इम्युनिटी बढ़ाने वाले,  रोग प्रतिरोध क्षमता में वृद्धि करने वाले किसी विटामिन, खनिज युक्त टैबलेट,  सीरप,  अवलेह , पावडर, काढ़ा, चूर्ण दवा के अन्तर्गत नहीं आते । 
       कहा जाता है वृद्ध च्यवन ऋषि ने एक इम्युनिटी बूस्टर बनाए थे ।  उसका सेवन कर वे जवान हो गये । उसे उन महान आयुर्वेद के जानकार ऋषि च्यवन के नाम से च्यवन प्राश कहा जाता है ।

आयुर्वेद बनाम एलोपैथी

कहते हैं अंग्रेजों ने , कांग्रेस  ने एलोपैथी थोप दी ?
 कांग्रेस काल में बहुत आयुर्वेद अस्पताल खोले ।  सब आयुर्वेद इलाज कराएं।  किसने मना किया? 
अंग्रेजों ने विज्ञान थोप दिया तो मत पढ़ाएं अपने बच्चों को उन्हें वेद पुराण कुरान गीता रामायण पढ़ाएं।  भजन कीर्तन नमाज करते रहें । बिना वैज्ञानिक उपकरणों के जीएं।

राहुल गांधी की जाति से लोगों को तकलीफ हो रही

लगता है राहुल गांधी के जनेऊ धारण, ब्राह्म्ण कहलाने पर ब्राह्मणों को आपत्ति हो रही होगी । उन्हें चाहिए राहुल गांधी परिवार का जाति बहिष्कार कर दें। यह तो वही कर सकते हैं  । यह देश का  कानून तो करेगा नहीं ।

वैदिक विज्ञान

कहते हैं हमारे वेदों में सारा विज्ञान है । ऐसा है तो स्कूल कालेजों में विज्ञान के दो ग्रुप हों । वर्तमान विज्ञान और वैदिक विज्ञान। दोनों में से कोई एक लें विद्यार्थी । वर्तमान सरकार तो यह कर सकती है चाहे तो ।

शनिवार, 20 जून 2020

सहसंबंध

आमतौर से 
मनुष्य की उम्र और सरलता में ऋणात्मक, उम्र और  चालाकी में धनात्मक सहसम्बन्ध होता है ।

सारे प्रश्न समाप्त

मन में बहुत सारे प्रश्न आते हैं जिनका तर्क सम्मत आधार युक्त जबाब नहीं मिलता, मन अशांत हो जाता है । मान लें ईश्वर ही सब कुछ करता है तो  सारे प्रश्न समाप्त हो जाते हैं , मन शांत हो जाता है । 
     प्रश्नों से मुक्ति मिल जाती है ईश्वर की सत्ता को मान लेने से । यह कल्पना करने वालों की चालाकी है । ताकि लोगों की आदत बन जाय मान लेने की,  श्रद्धा विश्वास करने की , तर्क प्रश्न समाप्त हो जाए। इससे उन्हें लाभ होता है ।

मंगलवार, 16 जून 2020

आलोचना

जिस के बारे में जानते हैं उसी के बारे में चर्चा होती है. 
अपनी जाति समाज , अपने धर्म,  अपने देश के संविधान पर चर्चा होती है, आलोचना भी करते है ताकि कमी, बुराई को समझ कर उसे दूर कर सकें, परिवर्तन, संशोधन हो ।आज कल हमारे देश के लोग आरक्षण कानून पर बहुत चर्चा कर रहे हैं । विदेशों के कानून पर नहीं  । अपनी जाति समाज, अपने धर्म, संविधान पर चर्चा करनी चाहिए, आलोचना करनी चाहिए, दूसरे जाति समाज,  धर्म , संविधान की नहीं ।

सोमवार, 15 जून 2020

करेण्येव अधिकारस्ते

उपदेशक, शिक्षक ज्ञानी जन कहते हैं_
भगवद् गीता के अनुसार कर्म करना चाहिए किंतु फल की आशा नहीं करनी चाहिए| 
गीता में ऐसा नहीं कहा है|
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गीता के "कर्मेण्येव अधिकारस्ते मा फलेषु कदाचन" में  परिणाम की आशा नहीं करने के लिए नहीं कहा गया है| कर्म में हमारा अधिकार है चाहे हम करें न करें जैसा करें| कर्म करने के बाद हमारे कर्म के परिणाम में हमारा कोई अधिकार नहीं होता| हर विद्यार्थी परीक्षा में सफलता के लिए मेहनत करता है किंतु उसके परिणाम में उसका अधिकार नहीं होता| किसान फसल लगाता है.... व्यापार, खेल, युद्ध, ...
   वांछित परिणाम की आशा से ही कर्म करते हैं|फल की आशा करें किंतु फल के प्रति आसक्त न हों| आसक्ति होने से इच्छानुसार परिणाम प्राप्त करने के लिए गलत तरीके अनुचित साधनों का प्रयोग करते हैं  | परिणाम के प्रति आसक्ति न हो तो इच्छानुसार परिणाम नहीं मिलने से कर्ता दुःखी नहीं होता हताश नहीं होता, कोई गलत कदम नहीं उठाता आत्म हत्या नहीं करता| पुनः पुनः श्रम करता है |

गुरुवार, 11 जून 2020

गांधी उपनाम

फ़िरोज गांधी इंदिरा गांधी से उनके परिवार में गांधी लिखना चल रहा है । इसमें मजाक उड़ाने की क्या बात है ? जवाहर लाल नेहरू और उनके पूर्वज नेहरू लिखते थे । 
      जिन्हें उनके गांधी लिखने से आपत्ति है उन्हे कोर्ट जाना चाहिए । वैसे चाहें तो वे या कोई भी अपना उपनाम गांधी लिख सकता है । मर्जी अपनी अपनी ।