मंगलवार, 17 नवंबर 2020

कामेच्छा

काम पिपासा पुरुष में अपेक्षाकृत अधिक होती है ।
पुरुष की इच्छा शायद 70-80 या उससे अधिक उम्र तक रहती है।
      जबकि 50 (औसत) वर्ष बाद स्त्री का period बंद हो जाता है उसकी कामेच्छा समाप्त हो जाती है । 
यह स्त्री पुरुष के सम्बंध के लिए बहुत बड़ी समस्या हो जाती है ।
       स्त्री की कामेछा समाप्ति के बाद उसे कोई फ़र्क नहीं पड़ता । लेकिन पुरुष की क्षुधा तृप्ति घर में नहीं हो पाती । जिनके हार्मोन ज्यादा बनते हैं वे घर के बाहर भूख मिटाने की कोशिश करते हैं ।
      इससे पति पत्नी के बीच कलह होता है । कोई स्त्री यह सहन नहीं कर पाती कि उसका पति घर के बाहर खाना नास्ता करे । पत्नी यह दे नहीं सकती। उसकी इच्छा नहीं होती ।
       विवाह के समय पति पत्नी के उम्र में यदि अधिक अंतर हो तो यह समस्या कम होती है । यदि दोनों के उम्र में कम अंतर हो या समान हो तो समस्या अधिक होती है । शायद इसी लिये मनु जी ने दोनो की उम्र में आठ साल का अंतर रखने का सुझाव दिया था ।
        यदि स्त्री इस उम्र में पति का ध्यान रखे तो कलह से बचा जा सकता है । 
       एक सुझाव है यदि स्त्री physicaly पूर्णतः स्वस्थ है तो वह रजोनिवृत्ति के बाद किसी अनुभवी स्त्री रोग विशेषज्ञ से hormon treatment ले सकती है । इससे period पांच - सात साल बढ़ जाती है ।

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