शहरों में कुछ गो पालक ऐसे भी होते हैं जिनके पास गाय को रखने की पर्याप्त जगह नहीं होती फिर भी सैकड़ों लिटर दूध का धंधा करते हैं । उनके गाय सड़कों में लावारिस घूमते रहते हैं, जो मिला खाते हैं, कचरा कागज.. आदि भी खा जाते हैं । रात को कहीं भी, बीच सड़क पर भी सो जाते हैं । ट्राफिक के लिए समस्या बनते हैं, जो दुर्घटना के कारक भी होते हैं । सुबह चारा पानी खाने मालिक के पास पंहुच जाते हैं । थोडा दाना पानी देकर आखिरी बूंद तक दूध निकाल कर अपने गायों को सड़क पर छोड़ देते हैं ।
ये है हमारे देश की गो माताओं की दिनचर्या। उनकी व्यथा गाथा ।
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