शनिवार, 22 अगस्त 2020

प्रेम और वासना

प्रेम और काम वासना अलग अलग हैं ।
प्रेम सागर है,  आकाश है । वहां कोई स्वार्थ नहीं होता । 

प्रेम और वासना  साथ साथ भी हो सकते हैं,  नहीं भी ।जहाँ सिर्फ सेक्स सम्बन्ध है वहां जरूरी नहीं प्रेम भी हो ।
जहाँ प्रेम हो वहां जरूरी नहीं काम वासना हो ।

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