आर्य खुद को देवता कहते थे। यहाँ के मूल निवासियों राक्षस/दानव ।
आर्यों के क्षत्रिय राक्षसों को साम दाम दंड से परास्त कर राजा बन गये ।
शंकर जी भारत के मूल निवासी अनार्य थे । उनके ज्ञान और शक्ति को परास्त करने का साहस आर्य नहीं कर सके। आर्यों ने शंकर जी को महादेव की उपाधि देकर खुश कर लिये । अपने साथ मिला लिये ।
शंकर जी भोलेनाथ थे मन के सच्चे सरल । उन्हें जो भी कुछ भी माँगता वे तथास्तु कह कर दे देते थे ।
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