शुक्रवार, 13 अक्टूबर 2017

खतरे में है

कुमार संदीप _
हिन्दू धर्म से नफ़रत,
ये कुरान नहीं कहता।
भारत की मस्जिदें तोड़ो,
ये श्रीराम नहीं कहते।
रोटी का कोई *"धर्म"*नहीं होता
पानी की कोई *"जात"*नहीं होती।
जहाँ *"इंसानियत"* जिन्दा है वहाँ
"मजहब" की बात नहीं होती।
किसी को लगता हिन्दू खतरे में है,
किसी को लगता मुसलमान खतरे में है,
धर्म का चश्मा उतार कर देखो यारो...
पता चलेगा की नेताओं के कारण  हमारा हिन्दुस्तान खतरे में है !!

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