सत्य को जानने की कोशिश करनी चाहिए. सत्य जानने के लिए उलट पुलट हर तरह के विचार पढ़ कर सोचना चाहिए. किसी लोखी गई या कही गई बात को आँख बंद कर नहीं मानना चाहिए. सत्य ही सुन्दर है. सत्य ही कल्याणकरी है.
गुरुवार, 26 अक्टूबर 2017
खूब लड़ी मर्दानी वह झांसी वाली रानी थी
संजय कुमार
"खूब लड़ी मर्दानी वह तो झांसी वाली रानी थी "
यह कविता देशभक्ति का पर्याय मानी जाती है और रानी लक्ष्मीबाई को देशभक्तो के शिखर पर माना जाता है क्यों की उन्होंने अंग्रेजो के खिलाफ युद्ध किया था ।
हो सकता है की यह सही हो और रानी लक्ष्मी बाई अंग्रेजो से युद्ध करने के कारण देश भक्त हों ,पर कुछ सवाल है की-
1-यदि अंग्रेजो ने उनके दत्तक पुत्र को राज्य का उत्तराअधिकारी मान लिया होता तो क्या लक्ष्मीबाई अंग्रेजो से लड़तीं?
2-यदि अंग्रेज सरकार लक्ष्मीबाई के पति गंगाधर राव द्वारा अंग्रेजी सरकार से लिए कर्ज की वसूली न करती तो क्या लक्ष्मीबाई अंग्रेजो के खिलाफ युद्ध करतीं?
3- यदि अपने राज को बचाने के लिए अंग्रेजी वकील की सलाह पर लन्दन में दायर याचिका ख़ारिज न होती तो क्या लक्ष्मीबाई अंग्रेजो से युद्ध लड़तीं?
लक्ष्मीबाई ने युद्ध( बगावत) तब किया जब अंग्रेजो ने उनके निजी हित की एक बात भी न मानी अन्यथा वे अंग्रेजो से न लड़तीं ।
यदि अंग्रेज रानी लक्ष्मी बाई को राज करने देते तो शायद सुभद्रा कुमारी चौहान जी ' खूब लड़ी मर्दानी' जैसी कविता लिखने से वंचित रह जातीं :)
- केशव ( संजय)
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