कृपया पूरा पढ़कर अपनी राय दें ।..
लोग सोशल मिडिया पर या कहीं माइक मिल जाए तो इमानदारी भ्रष्टाचार पर बहुत अच्छा भाषण सुनाते हैं ।
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प्रस्तुत है
आय व्यय की अपारदर्शिता के कुछ उदाहरण -
आय व्यय की अपारदर्शिता -
#-मैं तीस साल से अपने सामाजिक संगठन के लिए काम कर रहा हूँ । मैं समाज सेवा करता हूँ और करूंगा । मैं सारे समाज को एकजूट करने के लिए चालीस साल से लगा हूँ । मेरा बहुत समय इसी समाज सेवा में जाता है। मुझे समय नहीं है कि समाज के आय व्यय का हिसाब रखूं । मैं समाज सेवा करूंगा कि रूपये का हिसाब किताब करता रहूंगा । मैं नहीं करता ये सब।
#- हम पंचायत बैठक में आय व्यय का हिसाब बताते तो हैं । और किसके बताएंगे? सबको पूरे गांव के एक अक लोगों को बताएं? अरे हम अपने घर का काम धंधा छोड़ कर पंचायत के काम में लगे रहते हैं । सबको हिसाब बताने के लिए हमारे पास समय नहीं है।
#- हम अपने सामाजिक संगठन के कार्यकारिणी बैठक में आय व्यय बताते हैं। समाज के हर एक सदस्य को, सबको बताना तो संभव नहीं है।
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आज सोशल मिडिया अपनी बात रखने, विचार व्यक्त करने, जानकारी देने के लिए सशक्त माध्यम है।
सभी सरकारी गैर सरकारी, पंजीकृत अपंजीकृत सभी संस्थाओं/ संगठनों, एन जी ओ, राजनीतिक दलों, ग्राम पंचायत नगर निगम, क्लब, समितियों, जाति समाज / संगठनों.... सबको हर माह आय व्यय की जानकारी सोशल मिडिया और प्रिंट मिडिया के माध्यम से दी जानी चाहिए । संभव हो तो पिछले कुछ वर्षों की भी जानकारी देनी चाहिए ।
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इस क्रम में स्कूलों में विद्यार्थियों से ली गई शुल्क का भी हिसाब बताना चाहिए ।
सत्य को जानने की कोशिश करनी चाहिए. सत्य जानने के लिए उलट पुलट हर तरह के विचार पढ़ कर सोचना चाहिए. किसी लोखी गई या कही गई बात को आँख बंद कर नहीं मानना चाहिए. सत्य ही सुन्दर है. सत्य ही कल्याणकरी है.
शुक्रवार, 13 अक्टूबर 2017
आय व्यय की अपारदर्शिता (फेसबुक 13-10-2017)
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