सत्य को जानने की कोशिश करनी चाहिए. सत्य जानने के लिए उलट पुलट हर तरह के विचार पढ़ कर सोचना चाहिए. किसी लोखी गई या कही गई बात को आँख बंद कर नहीं मानना चाहिए.
सत्य ही सुन्दर है. सत्य ही कल्याणकरी है.
रविवार, 1 अक्टूबर 2017
राष्ट्र पिता
सरकारी आदेश से गांधी जी को राष्ट्र पिता नहीं कहा जाता । अपनी मर्जी से लोग कहते हैं । जो कहना नहीं चाहते वे न कहें । नेता जी, महात्मा, लौह पुरुष, कोकिला, गुरू, चाचा, वीर, ... कहने के लिए भी कोई नियम कानून नहीं बनाए गए हैं।
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