सत्य को जानने की कोशिश करनी चाहिए. सत्य जानने के लिए उलट पुलट हर तरह के विचार पढ़ कर सोचना चाहिए. किसी लोखी गई या कही गई बात को आँख बंद कर नहीं मानना चाहिए. सत्य ही सुन्दर है. सत्य ही कल्याणकरी है.
गुरुवार, 26 अक्टूबर 2017
इंसान बनो
Swami Balendu
70 साल हो गए आपको राजनैतिक रूप से स्वतंत्र हुए, परन्तु यदि आप किसी भी संगठित धर्म के अनुयायी हैं तो आपका मन मस्तिष्क अभी भी गुलाम है! हर संगठित धर्म आपके सोचने समझने की शक्ति पर कुठाराघात करके काल्पनिक भ्रम, भय और लालच में फँसा देता है. सही मायने में आप स्वतंत्र तब होंगे जबकि स्त्री और शूद्र को पाप योनि बताने अथवा धरती को चपटी बताने वाली, अन्धविश्वास, रूढ़ियाँ, संकीर्णता और नफरत फैलाने वाली किताबों से स्वयं को मुक्त करके अपने विषय में कुछ खुद के दिमाग से भी विचार करेंगे. याद रखिये हजारों सालों से मानवता की जितनी हानि धर्म ने करी उतनी किसी ने भी नहीं करी. आज भी इन मजहबों के कारण इंसानियत का खून बह रहा है. स्वतंत्र करो खुद को इनसे, हिन्दू और मुसलमान नहीं इंसान बनो.
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