मंगलवार, 17 अक्टूबर 2017

दैवीय किताब में लिखी है

आप किसी बात से सहमत भी हो सकते हैं और असहमत भी। लेकिन कोई भी बात बुद्धि और तर्क के आधार पर ही ठीक हो सकती है। इस आधार पर नहीं कि ये किसी "दैवीय" किताब में लिखी है या किसी महान आदमी ने कही है।

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