युवा वर्ग को अपने गांव शहर में विचार गोष्ठी का आयोजन करना चाहिए| रविवार को| शुरू में कम लोग आएं तो निराश न हों, अच्छे काम में लोग जुड़ते जाएंगे| विचार विमर्श डिबेट से व्यक्तित्व विकास तो होगा ही, नए विचार नए कर्तब्य के रास्ते खुलेंगे| डिबेट से सत्य को जानने की कोशिश हो सकती है|
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