सोमवार, 21 नवंबर 2016

धार्मिक मान्यता

Ramesh Sharma _
कुछ बातें जिसे हम सोच नहीं पाते ,कह नहीं पाते ---------
आज न्यायमूर्ति  रोहिंटन  एफ. नरीमन की पारसी धर्म पर  लिखी किताब  " द इनर फायर ,फेथ ,चॉइस एंड मॉडर्न डे लिविंग,इन जोरोएस्ट्रीअनिजम " के विमोचन के अवसर पर भारत के सुप्रीम कोर्ट के प्रधान न्यायाधीश जस्टिस ठाकुर ने कुछ महत्त्व पूर्ण बातें कहीं | उन्होंने कहा कि  "  इंसान और ईश्वर के बीच का रिश्ता नितांत निजी होता है ,और इससे किसी और को कोई मतलब नहीं होना चाहिए |जितने लोग राजनीतिक विचार धाराओं के कारण नहीं मारे गए उससे कहीं ज्यादा लोगों की जान धार्मिक युद्धों में गई है |धार्मिक मान्यताओं की वजह से इस दुनिया में ज्यादा तबाही, नुकसान और खून खराबे हुए हैं | "

सीजेआई जस्टीस ठाकुर की सारी बातें आज के सन्दर्भ में न केवल महत्वपूर्ण सवालों के साथ सामने आती हैं बल्कि सोचने को भी हमें विवश करती हैं |

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