शुक्रवार, 4 नवंबर 2016

धर्म का व्यवसाय

इश्क इश्क़ शर्मा प्यार से _
भ्रष्टाचार पाप व् अपराध में फसे #पापी लोग उबरने को मंदिर मस्जिद जाते है। दान पुण्य कर के स्वर्ग में अपना आरक्षण करते है। उनका धार्मिक होना स्वभाविक है, पर किसी मूर्ति को कही रख वहाँ देवालय स्थापित कर के अपना व्यवसाय बना लेना... सिर्फ भारत देश में होता है..
अन्य देशों में प्रतियोगिता नही चलती मंदिर मस्जिद गिरजाघर या गुरुद्वारा की...!!
वहाँ के लोगो का हृदय के साथ साथ दिमाग भी चलता है।
कण कण में भगवन है, पर किसी particular पत्थर को उठा के भगवान बना देने की कला में भारतवर्ष से आगे कोई नही...💐💐💐
मेरी सोच है, किसी भी धर्म या जाती को ठेस पहुँचाना मकसद नही।।

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