धर्म की एक चाल है कि आपके मस्तिष्क को इतना सुन्न कर दिया जाए कि आप उसके आदेशों पर प्रश्न ही ना कर सकें, भले ही वह आदेश कितना भी मूर्खतापूर्ण क्यों न हो। आपसे कहा जा रहा है कि आप अपने दिमाग का दरवाजा बंद करके, जैसा कहा जा रहा है वैसा करते चले जाएँ। --अज्ञात।।
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