रविवार, 2 अप्रैल 2017

युवाओं से

जो लकीर के फकीर नहीं बनना चाहते खास कर
युवा वर्ग के लिए_ ****
            ************
लकीर के फकीर कुछ चालाक और स्वार्थी  लोग नहीं चाहते कि नई पीढ़ी के दिमाग खुले हों|
             **************
जो बिना सोचे समझे दूसरों की हाँ में हाँ मिलाते हैं, लिखी हुई या सुनी हुई बात को बिना विचारे स्वीकार कर लेते हैं वे अपने दिमाग का उपयोग नहीं करते|
              *************
उलट पुलट हर तरह के विचार पढ़ो| इतिहास विज्ञान खूब पढ़ो| पढ़ कर सुन कर सोच विचार करो|
                 ***********
हर बात पर प्रश्न करो| क्या? क्यों? कैसे?
         सबसे महत्वपूर्ण है क्यों???
           *******************
जिनके पास कोई तर्क आधार युक्त जबाब नहीं होता वे गाली देने लगते हैं|
                ***********
जो इंटेलिजेंट होते हैं वे लकीर के फकीर नहीं हो सकते| वे विद्रोही होते हैं|
                *************
दिमाग खुली रखो| तर्क करो| आधार सहित जबाब दो| जबाब न हो तो गाली मत दो|
              **************
जो डिबेट पसंद नहीं करते वे सच जानना नहीं चाहते या जान बूझकर सच को उजागर होने देना नहीं चाहते |
              **************

गुरुवार, 30 मार्च 2017

बहु पत्नी प्रथा

मुस्लिम युद्ध प्रेमी थे| मर्द लड़ाई में मर जाते थे| फलस्वरूप स्त्रियों की संख्या अधिक होती थी| adjustment के लिए पुरुषों को चार बीबी रखने की इजाजत थी| इसी तरह हिंदू राजा, जमीनदार, मालगुजार, गौंटिया भी पहले दो तीन पत्नी रखते थे|

बुधवार, 29 मार्च 2017

ईश्वर पर भरोसा

अगर आस्तिक भगवान को जानते समझते हैं तो अपने घरों में ताला क्यों लगाते हैं? सेना पुलिस की क्या जरूरत है? जो करेगा ऊपर वाला करेगा| अच्छा करेगा| भरोसा करें|

       ************
हम ताला खोलते हैं. भगवान आदेश देता है . खुल जा ताला| चोर ताला तोड़ता है| वह आदेश देता है. टूट जा ताला| वाह क्या बात है|.

ईश्वर

ईश्वर को नहीं जानने वाले भ्रमित  confused  नहीं हैं |  भ्रमित तो वे हैं जो भगवान को जानते नहीं लेकिन मानते हैं |

सोमवार, 27 मार्च 2017

काश्मीर का सच

https://youtu.be/a5blm5ytaBI

राक्षस कुल (ओ बी सी, एस टी) स्वार्थी? बाकी निस्वार्थ?

* स्वर्ग में एयर कंडिशंन्ड सूट के आरक्षण के लिए सत्संग प्रवचन भजन कीर्तन मंदिरों में लुटाओ| खूब लुटाओ| घर परिवार सब छोड़ो| यह सब माया है| कुछ भी लेकर नहीं जाओगे|
* यह सब प्रवचन सत्संग हम राक्षस कुल ( ओ बी सी, एस टी) के लोग ज्यादा सुनते हैं जहां कहा जा रहा है कि राक्षस ही स्वार्थी होते हैं | बाकी सब परमार्थी होते हैं| वाह|.

डिबेट और सच

जो डिबेट पसंद नहीं करते वे सच जानना नहीं चाहते या जान बूझकर सच को उजागर होने देना नहीं चाहते |

रविवार, 26 मार्च 2017

भ्रष्टाचार और रोजगार

भ्रष्टाचार हमारे देश में कम हो या बंद हो जाय तो बहुत अच्छी बात होगी | लेकिन इससे पंडित पुरोहित महंत साधु संत योगियों  को रोजगार नहीं मिलेगा| क्योंकि जब कोई पाप ही नहीं होगा तो पाप मुक्त होने के लिए कोई चढ़ावा नहीं देगा| सब
मंदिर गंगा नदी सूने सूने हो जाएंगे|

भगवान सिंह पाश की कविता.. सबसे खतरनाक होता है सपनों का मर जाना

https://youtu.be/9GhJf45t9W8

पाखंड

https://youtu.be/lP5W7NhgjDM

वीर कौन?

https://youtu.be/DlsQ0YUrN2I

शरद यादव के वितार भगवान पर

https://youtu.be/vsappiOR6o0

शनिवार, 25 मार्च 2017

विद्रोही

जो इंटेलिजेंट होते हैं वे लकीर के फकीर नहीं होते विद्रोही होते हैं| परंपराओं को चुपचाप ढोते नहीं तोड़ते हैं|
श्रीकृष्ण, गौतम बुद्ध, जाबाली ऋषि, चार्वाक ऋषि,  गेलिलियो, डॉ कोबूर, गांधी,  नेहरू......, सुभाष भगत सिंह ....... ,

ईश्वर की मर्जी

ईश्वर की मर्जी के बिना एक पत्ता भी नहीं हिलता| सब उनकी मर्जी से सब हो रहा है? भ्रष्टाचार, चोरी डकैती, हत्या बलात्कार, आतंकवाद नक्सलवाद,,,?

शुक्रवार, 24 मार्च 2017

धर्मराज

अपनी साझा पत्नी को जूए में दांव पर लगाने  वाले युधिष्ठिर  को धर्मराज कहकर सम्मान देना क्या उचित है!

बुधवार, 22 मार्च 2017

शास्त्री जी की मृत्यु

फेसबुक में एक पोस्ट_
"""""" अंत मे शास्त्री जी युद्ध के बाद समझोता करने ताशकंद गए ! और फिर जिंदा कभी वापिस नहीं लौट पाये !! पूरे देश को बताया गया की उनकी मृत्यु हो गई ! जब कि उनकी ह्त्या कि गई थी !!
******* मेरा विचार_
पाकिस्तान ने पहले हमला किया था| दोनो. देशों के जन धन की बहुत हानि हो रही थी|| युद्ध में भारत की जीत रहा था| भारतीय सेना  सीमा से आगे दूर तक बढ़ चुकी थी| इस स्थिति में ताशकंद में समझौता हुआ| उसके पालन में युद्ध बंद हुआ| 
हमारे प्रधाम मंत्री लाल बहादुर शास्त्री जी आज के नेताओं जैसे नहीं थे| वे एक सरल स्वभाव के  ईमानदार देश प्रेमी थे| समझौते में हस्ताक्षर करने के बाद रात को सोते समय वे सोचने लगे | यह तो गलत हुआ| पाक ने हमला किया| हम जीत रहे थे| बिना कोई क्षतिपूर्ति लिए, निःशर्त समझौता हमारे हित में नहीं हुआ| बहुत गलत हुआ| वे चाहते तो भारतीय सेना जहां तक पहुंची थी उस पर हमारा कब्जा और क्षति पूर्ति की शर्त रखी जा सकती थी| इसके लिए वे खुद को जिम्मेदार मानकर रात भर छटपटाते रहे| बहुत तनाव में हृदयाघात से मृत्यु हो गई|

गुरुवार, 16 मार्च 2017

मनुस्मृति बनाम हमारा संविधान

मनु स्मृति मनु के विचार थे देश और समाज के लिए| आर्यावर्त में वे नियम कानून थे|
लेकिन लोकतंत्र भारत में बहुमत से देश का संविधान निर्माण किया गया| अब वही देश और समाज के लिए नियम और कानून हैं| वही हमारा धर्म है| बाकी सब बकवास है|
***************
संविधान में संशोधन परिवर्तन हो सकता है बहुमत से चाहे वह कुछ की दृष्टि से अच्छा न हो |
*********
लेकिन मनु स्मृति में कोई परिवर्तन संशोधन करना मनु के साथ धोखा होगा,बेईमानी होगी, अपराध होगा, दंडनीय होगा|
अगर कोई ऐसी कोशिश करे तो निश्चित ही वह बहुत चालाक और स्वार्थी होगा|
************************
विनीत विद्रोही का पोस्ट फेस बुक में_

मंगलवार, 14 मार्च 2017

सोच विचार


सोच विचार , वाद विवाद, से ही सच उजागर होता है,  केवल पढ़ने सुनने से नहीं|
हर गांव शहर में नियमित विचार गोष्ठी का आयोजन होना चाहिए|

मंगलवार, 7 मार्च 2017

मंदिर नहीं स्कूल

हेम सुंदर गुप्त शास उच्च माध्यमिक शाला महापल्ली जिला रायगढ़ छत्तीसगढ़ के संस्थापक श्री हेम सुंदर गुप्त का जन्म दिन 05 मार्च को मनाया गया|
हमारे देवी देवताओं ने आम जन की शिक्षा के लिए क्या किया पता नहीं लेकिन ग्राम महापल्ली के हेम सुंदर गुप्ता ने रायगढ़ पूर्वांचल को एक स्कूल दिया|
उस देवता को शत शत नमन|

सोमवार, 6 मार्च 2017

बगावत


बगावत तो सबसे बड़ा धर्म हैं इसलिय पाखंडी और अंधविश्वासी बगावत नही करते । आप एक उदाहरण दीजिये कि फलां पाखंडी ने बगावत की। एक नही मिलेगा। बगावत सच्चा इंसान ही कर सकता है

रविवार, 5 मार्च 2017

सत्य नारायण कथा


सत्य नारायण कथा में सुनाई जाने वाली असत्य कथा कम से कम एक बार अवश्य सुननी चाहिए|

Chetan Swaroop

बगल वाले घर मे लड़की की शादी है सत्य नारायण की कथा हो रही है। कथा जिसमें न सत्य है न नारायण सिर्फ़ पंडित का व्यवसाय है प्रकृति सबको पालती है

शनिवार, 4 मार्च 2017

मानना

कोई बिना पढ़े समझे किसी को नहीं मानता या मानता है तो वह मुर्ख है्|

मन

यह मन बहुत जिद्दी होता है| कभी कभी दिमाग की बात नहीं मानता|

मारकाट का आदेश

कोई अल्लाह भगवान युद्ध या मार काट करने के लिए आदेश नहीं दे सकता|

शुक्रवार, 3 मार्च 2017

ताक झांक

गुरमोहर ने सैनिक की हत्या का दोषी किसी दुश्मन देश को नहीं माना| युद्ध को दोषी माना| हमारी मानसिकता को| इसमें गलत क्या था कि कुछ तथाकथित राष्ट्रवादी उसके पीछे पड़ गए|
सोशल मिडिया में प्रसारित गुरमोहर के नाम वाली विडिओ नकली भी हो सकती है| यदि नकली है तो बनाने वाले को जेल दाखिल करना चाहिए|
यदि असली है तो -
किसी की निजी जिंदगी में ताक झांक करना गलत है| उसे प्रसार प्रचार करना निश्चित ही घटिया मानसिकता है|
लड़का मस्ती कर सकता है दारू पी सकता है गाना गा सकता है|
कोई लड़की का मस्ती क्यों नहीं कर सकती? उसकी मस्ती पर दूसरों को क्यों तकलीफ है|
****
गुरमोहर के नाम से प्रसारित कार left driving है|

बुधवार, 1 मार्च 2017

सरहदें

सैनिक की हत्या दुश्मन देश का सैनिक या कोई देश नहीं करता, युद्ध करता है|
जाति धर्म देश की सरहदें मानवता के दुश्मन हैं|

विचार का विरोध


जो भी हो जितना भी मतभेद हो हमारे प्रधान मंत्री मोदी जी के चित्र पर जूता मारना बहुत गलत है|
मतभेद के कारण किसी की हत्या करना भी गलत है|

अपने धर्म को कितना मानते हैं?

नाहिद अख्तर का एक नगमा है_
अल्ला ही अल्लाह किया करो|
दुख न किसी को दिया करो||
***** इसे कितने मुस्लिम मानते हैं?
************
वेद मंत्र है_
सर्वे भवन्तु सुखिनः सर्वे  सन्तु निरामयाः|
**** इसे कितने हिंदू मानते हैं!

सोमवार, 27 फ़रवरी 2017

धर्म बनाम संविधान

कोई भी धर्म अच्छा नहीं है| सबमें कमी है लेकिन कोई संशोधन परिवर्तन करना नहीं चाहते स्वार्थी लोग|
यदि ईमानदारी से संशोधन हो तो वह देश का संविधान ही रह जाएगा|

संकीर्णता

संकीर्णता और कट्टरता ईसाइयों की अपेक्षा हिंदुओं  में अधिक, हिंदुओं की अपेक्षा मुसलमानों में अधिक है|
यही आतंकवाद का आधार है|

रविवार, 26 फ़रवरी 2017

संकीर्णता बनाम उदारता


हिंदू मुस्लिम की तरह संकीर्ण सोच वाले नहीं होते इसी लिए वे आतंकवादी भी नहीं होते| इसीलिए चार्वाक ऋषि, जाबाली ऋषि, गौतम बुद्ध, भगत सिंह जैैसे नास्तिक भी हुए हमारे देश में|
हां अब हमारे हिंदुओं में भी कुछ संकीर्णता बढ़ रही है|

सब जानते हैं

घोटाला भ्रष्टाचार किसी एक पार्टी की बपौती नहीं, सबका अधिकार है। क्योंकि भगवान और देवी देवताओं को पटाना सबको आता है|

मुखबीरी

कुछ जलनखोर नेहरू जी को बदनाम करने के लिए उन्हें मुखबीर कहते हैं क्योंकि
चंद्रशेखर आजाद नेहरू से मिले, उसके बाद आजाद को पोलिस ने घेर लिया|
याने की उस दिन जो लोग मिले आजाद जी से  पशु पक्षी भी सबने मुखबीरी की थी|
गधे. .

दामोदर सावरकर का नामकरण

कोई बताएंगे श्री विनायक सावरकर को "वीर सावरकर" क्यों कहते है्?
यह  सम्मानित नाम किसने दिया ?

असहमति का जबाब हत्या? जलनखोरी

[2/26, 07:23] N R  Pradhan: नक्सलवाद का उद्देश्य आर्थिक समानतता लाना है मार पीट, लूट मार, चोरी डकैती हत्या करके| क्या उचित कहा जाए?
[2/26, 07:24] N R  Pradhan: वैचारिक असहमति के कारण किसी की हत्या कदापि उचित नहीं|
[2/26, 07:46] N R  Pradhan: जो वर्ग दल तथातथित राष्ट्र भक्त गांधी के हत्यारे का समर्थन करते हैं वे देश की आजादी के लिए कुछ भी नहीं किए थे|

शनिवार, 25 फ़रवरी 2017

क्यों!

कोई बताएं_
मंगल पांडे ने एक अंग्रेज पर गोली क्यों चलाई ?
रानी लक्ष्मी बाई ने अंग्रेज सरकार से क्यों लड़ाई की?

शुक्रवार, 24 फ़रवरी 2017

पढ़ें सोचें समझें

Yogesh Bhoy  ने वाट्सएप ग्रुप विचार मंच में भेजा है_
"""''
ज्वलंत प्रश्न?
मंगल पांडे को फाँसी❓
तात्या टोपे को फाँसी❓
रानी लक्ष्मीबाई को अंग्रेज सेना ने घेर कर मारा❓

एक बात समझ मे नही आती कि भगवान ने गांधी और नेहरु को ऐसे कौन से कवच-कुण्डंल दिये थे❓
जिसकी वजह से अग्रेंजो ने इन दोनो को फाँसी तो दूर , कभी एक लाठी तक नही मारी...❓
उपर से यह दोनों भारत के बापू और चाचा बन गए और इनकी पीढ़ियाँ आज भी पूरे देश के उपर अपना पेंटेंट समझती है❓
गहराई से सोचिए❓❓❓

🚩अखंड हिन्दू🚩
हिन्दू सेवार्थ कटिबद्ध
---------------------***-----------------------------# क्या मंगल पांडे, रानी लक्ष्मी बाई हमारे देश की आजादी के लिए अंग्रेजों से लड़े थे ?
# गांधी नेहरू कांग्रेस ने आजादी के लिए अहिंसात्मक आंदोलन किया था| बिना अस्त्र शस्त्र के| उन्हें कानून के अनुसार पोलिस या न्यायालय द्वारा गोली या फांसी नहीं दी जा सकती|
आज भी अहिंसात्मक हड़ताल, रैली, अनशन करने वाले को गोली फांसी नहीं होती|
# ये अखंड हिंदू हि्दू सेवार्थ वालों को क्यों जलन हो रही है गांधी नेहरू से? इस दल के पूर्वज आजादी के लिए क्या क्या किए थे? यह भी बताना चाहिए| क्या किसी भी तरह वे अंग्रेजों से लड़े थे? वे डरते थे तो कम से कम हमारे तैंतीस करोड़ देवी देवताओं को प्रार्थना कर अंग्रेजों के विरुद्ध लड़ने के लिए भेज देते तो ये अंग्रेज एक पल में खतम हो जाते|
************************"*"****""*""
इतिहास को पढ़ना और समझना चाहिए|. किसी के पोस्ट को बिना सोचे समझे शेअर करना उचित नहीं|
कुछ जलनखोर लोगों को भड़काने अफवाह उड़ाने में लगे हैं सच में कुछ झूठ मिलाकर|
वे जानते हैं कि बार बार कोई बात कहने से कुछ लोग बिना सोचे समझे मान लेते हैं|

बुधवार, 22 फ़रवरी 2017

नहीं समझा

सज्जन हैं तो दुर्जन भी होंगे|
यह तो समझ में आ गया लेकिन ये नहीं समझा
हरिजन है तो .. .
सत्य नारायण हैं तो..
महा लक्ष्मी हैं तो..
धर्म पत्नी हैं तो. .

मंगलवार, 21 फ़रवरी 2017

धर्म पत्नी

Bharat Vitthal ne bheja h whatsapp group me_
धर्म-पिता - मतलब असली पिता नहीं.
धर्म-माता - मतलब असली माता नहीं.
धर्म-पुत्र - मतलब असली पुत्र नहीं.
धर्म-भाई - मतलब असली भाई नहीं.
धर्म-बहन - मतलब असली बहन नहीं.
लेकिन ....
ये जबर्दस्त गलती कैसे हुई.?
धर्म-पत्नी - मतलब असली पत्नी.

पता करो शास्त्रों में कहां गलती हुई...
🤔********
एक पुरानी घटना_
एक शिक्षक ने आवेदन पत्र दिया था जिसमें लिखा था " मेरी धर्म पत्नी के इलाज के लिए"
मैंने पूछा - आपकी धर्म पत्नी के अलावा भी कोई पत्नी है?

मंदिर मस्जिद

अजान नमाज पूजा पाठ यज्ञ हवन से कुछ भी नहीं होता । जो होता है मेहनत से होता है ।
************
काश ये खूबसूरत मस्जिद मंदिर हमारे दिलों को भी खूबसूरत बना देते है ।

सोमवार, 13 फ़रवरी 2017

चौदह फरवरी हैरान परेशान है

अफवाह फैलाने में माहिर कुछ झूठे लोग
सोशल मिडिया में लिख रहे हैं कि भगत सिंह को फांसी का आदेश 14 फरवरी 1930 को हुआ था|
सीधे सादे लोग उसे मानकर प्रचारित भी कर रहै हैं|
सच है  07 अक्टूबर 1930 को
भगतसिंह, सुखदेव तथा राजगुरु को फांसी की सज़ा सुनाई गई।
23 मार्च 1931को उन्हें फांसी दी गई|
******
हमारे देश में महान बलात्कारी आसा राम बापू के परामर्श को मानकर 14 फरवरी को मातृ पितृ दिवस मनाने की कोशिश हो रही है|
********
अब 14 फरवरी को नर्मदा जयंती मनाने की कोशिश शुरू हो गई|
14 फरवरी को वेलेंटाइन डे| कुछ सालों से शहीद भगत सिंह को भिड़ा रहे हैं| कुछ माता पिता को भिड़ा रहे हैं| अब नर्मदा नदी को|
"*********
  चौदह फरवरी हैरान परेशान है|
"""************************

रविवार, 12 फ़रवरी 2017

चार युग

AmartaRam Meghwal Rohina >
आज आप सभी को "युगों" के बारे में बताता हूं :--
1- "सतयुग" = जिस युग में केवल ब्राह्मण ही पढ़-लिख सकता था, इसलिये वह जो बोलता था, वही सत्य समझा जाता था, इसलिये उसे सतयुग कहते हैं ।
2- "द्वापर" = जिस युग में ब्राह्मण के साथ क्षत्रिय भी पढ़ने लगे..यानी दो वर्ण पढ़ने लगे इसलिये उसे द्वापर युग कहने लगे.
3- "त्रेतायुग" = जिस युग में बाह्मण, क्षत्रिय, वैश्य..यानी तीनों वर्ण पढ़ने लगे, इसलिये त्रेतायुग कहने लगे ।
4- "कलयुग" = जिस युग में ब्राह्मण, क्षत्रिय,वैश्य..के साथ-साथ शूद्र /अछूत भी पढ़ने लगे..इसलिये इसे कलयुग यानी अशुभ/अधर्म/पाप का युग कहने लगे ।
अब आप खुद समझ जाइये.....
कलयुग यानी "कल युग" आपके लिये अच्छा है..... / या सतयुग, द्वापर, त्रेता, अच्छा था..... ?????
आप चिंतन स्वयं करें.... !!!

शनिवार, 11 फ़रवरी 2017

पश्चिमी संस्कृति का डर

विदेशों में हमारी संस्कृति का प्रभाव देखकर बहुत खुश होते हैं हम|
लेकिन विदेशी संस्कृति वेलेंटाइन डे का विरोध कर रहे हैं हम_
कुछ साल से उसी दिन मातृ पितृ दिवस मनाकर |
अफवाह फैलाकर कि शहीद भगत सिंह को उसी दिन फांसी की सजा सुनाई गई थी या फांसी दी गई थी|
गार्डन पार्क में वेलेंटाइन डे मनाने वालों को परेशान कर, अपमानित कर|
********"*
विदेशी संस्कृति से इतनी बुरी है या उससे खतरा है तो रहन सहन, खान पान सबमें वापस जाओ पुराने की ओर| कानून बना दो|
कम्प्युटर मोबाइल टी वी मोटर साइकल... .... सब बंद करो, हां विमान रहने दो क्योंकि वेद पुराण में लिखा है|
श्री राम कृष्ण पेंट शर्ट टाई कोट नहीं पहनते थे|
देवी सरस्वती दुर्गा सलवार सूट ब्लाउज ..  नहीं पहनती थी|
आंग्लभाषाया त्यागेत् संस्कृतं वद|
*****
वैसे विदेशी संस्कृति को सबसे पहले 1925 में RSS राष्ट्रीय स्वयं संघ ने पश्चिमी संस्कृति को अपनाया पेंट शर्ट को गणवेष बनाकर|

शुक्रवार, 10 फ़रवरी 2017

नामकरण

गांधी जी को किसी सरकारी आदेश से "महात्मा", "राष्ट्र पिता" या "बापू" नहीं कहा जाता| किसी ने कहा लोगों ने कहा|
आसा राम को कुछ लोग "बापू" कहते हैं|
किसी को भी कोई कुछ नाम दे क्या समस्या है? "भगवान" कहो "महात्मा" कहो .. जो चाहो| जो चाहेगा बोलेगा, जो न चाहे नहीं कहेगा|
कोई किसी के नामकरण के लिए सरकाऱ के आदेश या अनुमति की आवश्यकता नहीं होती|

मंगलवार, 7 फ़रवरी 2017

जयकारा

कोई लड़ रहा हो या लड़ने जा रहा हो तो उसके शुभचिंतकों के द्वारा  प्रोत्साहित करने के लिए जयकारा लगाया जाता है|
वर्तमान कोई भगवान देवी देवता गुरू लड़ाई नहीं करने वाले हैं इसलिए उनका जयकारा लगाना अनावश्यक है|.,,,_
जय ईशु. जय श्रीराम. जय गुरुदेव...  ???

शनिवार, 4 फ़रवरी 2017

राम राज्य का प्रभाव

मैंने भी राम राज्य का प्रभाव देखा है|_
*********
एक शिक्षक कुछ आदिवासी विद्यार्थियों को छड़ी से पीट रहे थे .. तड़ाक .तड़ाक.  क्यों रे पढ़ के कलेक्टर बनोगे? सड़ाक,, ..खेत में कौन काम करेगा रे . सड़ाक सड़ाक..तड़ाक...

मैंने महान गुरू द्रोणाचार्य को भी देखा है| उन्होंने अपने विषय के प्रायोगिक परीक्षा में एक विद्यार्थी को 50 में 50 दिया, किंतु उसे सैद्धांतिक में 150 में मात्र 02 अंक मिला|
दूसरे विद्यार्थी को प्रायोगिक में कम अंक देने के कारण उस एक विषय में डिक्टिंशन नहीं ला सका, बाकी सभी में D मिला|

शुक्रवार, 3 फ़रवरी 2017

अवतार


ईश्वरवादियों द्वारा कल्पित युगों में ईश्वर द्वारा लिए गये अवतारों के विषय में विचार करते हैं। चूंकि सतयुग में चारों चरण पुण्य के ही थे इसलिए इस युग में एक भी पापी व्यक्ति नहीं था तो ऐसी स्थिति में इस युग में ईश्वर को एक भी अवतार नहीं लेना चाहिए था। लेकिन हम पंडितों की पोथियों में देखते हैं कि इस युग में ईश्वर ने मत्स्य, कच्छप, सुकर एवं नृसिंह नामक चार अवतार लिए। अब हमारे सामने प्रश्न यह उपस्थित हो जाता है कि जब इस योग में एक भी पापी नहीं हुआ था, तो ईश्वर ने चार अवतार क्यों लिए ? *...... यशवंत जोगी*

विश्वास

कहते हैं पूरा विश्वास से मानो तो सब कुछ हो सकता है|
मानो तो भगवान, न मानो तो पत्थर|
मान लें कि 2+3=7  तो क्या सही हो जाएगा?

बुधवार, 1 फ़रवरी 2017

शांति पाने के लिए

शांति पाने के लिए _
घर परिवार, ड्युटी duty से भाग जाएं| अवश्य शांति मिलेगी| मंदिर मस्जिद . .कहीं भी या फिर पिकनिक. जंगल. . कहते हैं नशा भी तनाव दूर करता है| या कहीं एकांत में कुछ भी बुदबुदाइए .बोलिए चाहे निरर्थक ही हो ..उडु्ग बुड़ुग अगडम बगडम नमो वमो कुडुम. कर के देखिए| या सब कुछ भूल कर नाचें गाएं भजन हो या कोई फिल्मी कुछ भी|  जोर जोर से हंसें या खूब जोर से चिल्लाएं|
संक्षेप में जीवन से भागें | जब तक भागेंगे तनाव से दूर रहेंगे| शांति मिलेगी|

मंगलवार, 31 जनवरी 2017

स्मार्ट सिटी, बुलेट ट्रेन

हमारे देश में स्मार्ट सिटी कुछ ही शहरों को क्यों? सब को क्यों नहीं? कुछ शहरों के लिए इतना अधिक? गांवों के लिए कुछ नहीं| क्यों?
स्मार्ट सिटी, बुलेट ट्रेन कुछ ही शहरों में| विदेशी वाह वाह करेंगे| हमारा अच्छा इमेज बनेगा विदेशों में

सोमवार, 30 जनवरी 2017

भ्रष्टाचार के संरक्षक

भ्रष्टाचार के संरक्षक हमारे भगवान और देवी देवता हैं| उनका मस्का लगाकर, उनके एजेंटो को कुछ देकर हर तरह के अपराध पाप से मुक्त हो सकते हैं|
इसीलिए यह भ्रष्टाचार सर्वब्यापी हो गया है, दिनोदिन बढ़ता जा रहा है|
अन्ना जी जितना चिल्लाएं, अनशन करें; मोदी जी जितने छापे मारें इसका नाश बहुत मुश्किल है| यह तो घर - घर में, जन जन में विद्यमान है|
खूनी गोडसे को माल्यार्पण|
गाँधी जी को माल्यार्पण|
चेहरे पे चेहरा लगा लेते हैं लोग|

मतभेद

मतभेद होना गलत नहीं, मतभेद के लिए कोई हत्या करे वह निश्चित ही बहुत घटिया होगा उस हत्यारे को सही ठहराने वाले आज भी हैं कुछ नीच और जलनखोर

रविवार, 22 जनवरी 2017

धर्म और संविधान

तथाकथित धर्म वेद पुराण कुरान के नियम परंपराओं से हटकर भी  संविधान में कुछ नियम कानून बनाए गए हैं|
तथाकथित धर्मऔर संविधान का एक साथ पूरा पूरा पालन संभव ही नहीं हैं|
इसलिए हमारा संविधान ही हमारा धर्म होना चाहिए|

वेद और नामकरण

गांधी जी को महात्मा, राष्ट्र पिता; नेहरू को चाचा, सरोजनी नायडू को भारत कोकिला, सुभाष चंद्र बोस को नेता जी..    ...  ये सब नामकरण सरकार द्वारा नहीं किया गया है| लोग अपनी मर्जी से इस तरह का उपनाम जोड़ देते हैं| अगर किसी को इन नामों से आपत्ति जलन हो तो वे उपयोग न करें| साहित्यकार अपना उप नाम वेद से पूछकर नहीं स्वयं अपनी मर्जी से रखते हैं|
किसी का नामकरण वेद से पूछकर नहीं होता| हमारे देश का नामकरण भी नहीं| कौन कौन सा काम वेद अनुसार हो रहा है? देश की आजादी की लड़ाई वेद के अनुसार नहीं होने के कारण वेद के जानकारों ने उस लड़ाई में भाग नहीं लिए क्या? यह लोकतंत्र, चुनाव, शुद्रों के लिए स्कूल, ब्राह्मणों का नौकरी करना, छूआ छूत न मानना, .... यह सब वेद अनुसार हो रहा है क्या?
वेद को जो देखे भी नहीं वे गांधी को राष्ट्र पिता कहने से वेद का हवाला देकर आपत्ति कर रहे हैं|
बौद्ध, जैनी, आर्य समाजी, पं श्री राम शर्मा  गायत्री शक्ति पीठ के अवुयायी.... क्या वेद को मानते हैं?
हम वेद को माने या नहीं यह हमारी मर्जी है| वेद को मानने के लिए हमारे संविधान में कोई कानून नियम नहीं बनाया गया है| हम हमारे संविधान को मानेंगे|
हमारा संविधान ही हमारा धर्म है|

रविवार, 15 जनवरी 2017

शनिवार, 14 जनवरी 2017

अंध भक्त दूर हों

जो अपनी बात सार्वजनिक मंच, सोशल मिडिया, प्रिंट मिडिया में कहने का साहस नहीं करते,  केवल वाट्सएप ग्रुप के किसी मंच में कहते हैं  वे निश्चित ही घटिया मानसिकता के हैं| ऐसे ही जलनखोर लोग कान कान में झूठ अफवाह फैलाने में माहिर होते हैं| ऐसा वे अपनी मूर्खता जलनखोरी और अंधभक्ति के कारण करते हैं|
ऐसे भक्त मुझसे दूर हो जांय, मेरे  वाट्सएप ग्रुप "विचार मंच" मंच में भी न रहें|

मंगलवार, 10 जनवरी 2017

बड़ा दिमाग

दर असल ब्राह्मणों का दिमाग अपेक्षाकृत बड़ा होता है| पुराने जमाने में वे दूसरों को अध्ययन से वंचित रखने की कोशिश किए अपने हित में| उनके बताए मार्ग का लोग आंख बंद कर पालन करने लगे| आम जन के लिए स्कूल खोले गए अंग्रेज शासन काल में| लोगों के बंद दिमाग खुलने लगे| सोच विचार करने लगे| ब्राह्मणवाद का विरोध भी शुरू हो गया| लेकिन इसे ब्राह्मण परिवार में जन्मे लोगों का विरोध नहीं समझना चाहिए| क्योंकि आज वे हर तरह के कार्य कर रहे हैं मंत्री प्रशासक अधिकारी सैनिक अध्यापक व्यवसायी डॉक्टर इंजिनियर चपरासी.

गाली

Bramahan ....  ko... gali..dena ..
..fashion  ho...gaya
hay....
**********
ब्राह्मणवाद की आलोचना होती है, ब्राह्मण परिवार में पैदा होने वालों की नहीं|
यह कोई फैशन नहीं, लोगों के खुले दिमाग का परिणाम है|

रविवार, 8 जनवरी 2017

दिमाग

दिमाग हर व्यक्ति के पास होता है| लेकिन फर्क यह होता है कि कौन कितना उपयोग करता है|

भावना को ठेस

वैज्ञानिक सोच  के विरुद्ध कोई बात कहने से हमारी विज्ञान सम्मत भावना को ठेस पहुंचती है| सरकार, न्यायालय को हमारी भी चिंता करनी चाहिए|

बुधवार, 4 जनवरी 2017

अंतर

हिंदी साहित्य में रुचि रखने वालों से एक प्रश्न-
राजेंद्र यादव तथा राजेंद्र अवस्थी में गुण धर्म आधार पर अंतर बताइए|