मनु स्मृति मनु के विचार थे देश और समाज के लिए| आर्यावर्त में वे नियम कानून थे|
लेकिन लोकतंत्र भारत में बहुमत से देश का संविधान निर्माण किया गया| अब वही देश और समाज के लिए नियम और कानून हैं| वही हमारा धर्म है| बाकी सब बकवास है|
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संविधान में संशोधन परिवर्तन हो सकता है बहुमत से चाहे वह कुछ की दृष्टि से अच्छा न हो |
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लेकिन मनु स्मृति में कोई परिवर्तन संशोधन करना मनु के साथ धोखा होगा,बेईमानी होगी, अपराध होगा, दंडनीय होगा|
अगर कोई ऐसी कोशिश करे तो निश्चित ही वह बहुत चालाक और स्वार्थी होगा|
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विनीत विद्रोही का पोस्ट फेस बुक में_
सत्य को जानने की कोशिश करनी चाहिए. सत्य जानने के लिए उलट पुलट हर तरह के विचार पढ़ कर सोचना चाहिए. किसी लोखी गई या कही गई बात को आँख बंद कर नहीं मानना चाहिए. सत्य ही सुन्दर है. सत्य ही कल्याणकरी है.
गुरुवार, 16 मार्च 2017
मनुस्मृति बनाम हमारा संविधान
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