मेरे विचार से मृतक भोज के संबंध में किसी जाति समाज द्वारा कोई नियम नहीं बनाना चाहिए । मृतक भोज का बहिष्कार तिरष्कार करना उचित नहीं । जब भी मौका मिला मैं विरोध किया हूं ।
जो मृतक भोज बंद करने की बात करते हैं उन्हें
अपने घर परिवार से पहल करनी चाहिए । स्वयम् अपनी इच्छा लिख कर अपने परिवार तथा समाज के चार - पांच लोगों को दे दें ।
इस संबंध में कोई नियम न बनाएं। कोई भोज दे , न दे । जैसा भोज देना चाहे, मीठा खिलाए जो जो खिलाए अपनी मर्जी ।
मेरा यह विचार पहले भी व्यक्त किया हूं फेसबुक में ।
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मेरा यह भी सुझाव है धनी लोगों के लिये -
70-75 साल उम्र के बाद एक उत्सव मनाएं अपने जीने का । अपने परिवार, रिश्तेदार, मित्र्, परिचितों शुभ चिंतकों को आमंत्रित करें ।
सत्य को जानने की कोशिश करनी चाहिए. सत्य जानने के लिए उलट पुलट हर तरह के विचार पढ़ कर सोचना चाहिए. किसी लोखी गई या कही गई बात को आँख बंद कर नहीं मानना चाहिए. सत्य ही सुन्दर है. सत्य ही कल्याणकरी है.
मंगलवार, 11 जून 2019
मृतक भोज
मनोकामना पूरी होती है
पहले सुना था देवी देवताओं की मुर्तियों के दर्शन करने से मनोकामना पूरी होती है । अब कहने लगे हैं उनकी मुर्तियों के फोटो सोशल मीडिया में शेअर करने से मनोकामना पूरी होती है । गज़ब ।
गुरुवार, 30 मई 2019
मातृ भाषा का महत्व
छत्तीसगढ़ में ओड़िया भाषी कुछ लोग अपने बच्चों को ओड़िया भाषा से दूर रखने की कोशिश कर रहे हैं|
अंग्रेजी माध्यम में पढ़ने वाला आपका बच्चा अपनी मातृ भाषा या राष्ट्र भाषा में ठीक से बात नहीं कर सकता या नहीं समझ सकता तो यह गर्वित होने की नहीं लज्जित होने की बात है|
मंगलवार, 28 मई 2019
अयोध्या में राम मंदिर
अयोध्या में मस्जिद के पास ही राम जी का मंदिर, कोप भवन जानकी रसोई, दरबार.. मुझे याद आ रहे हैं 1981-82 में हम देखे थे । वह सब नहीं हैं क्या?
सोमवार, 27 मई 2019
एक नई पार्टी का गठन हो
कांग्रेस और अन्य सभी दलों को खत्म कर एक नया दल बनाना चाहिए जिसके उद्देश्य हो लोक कल्याण, वैज्ञानिक सोच। पद लोलूप लोगों को न रखें ।
साधु बाबा असामान्य
साधु बाबा लोग असमान्य होते हैं । इन्हें जंगल पहाड़ में रहना चाहिए । आबादी क्षेत्र में निषेध होना चाहिए ।
वोट देने का अधिकार नहीं होना चाहिए ।
गुरुवार, 23 मई 2019
मंगलवार, 21 मई 2019
आर्य और अनार्य
हमारे देश के मूल निवासी ST और OBC हैं ।आर्य बाहर से आये थे । वे मूल निवासियों को अनार्य कहते थे ।
ST को असुर कहते थे और OBC को राक्षस ।
ये मनु के किसी वर्ण में से नहीं हैं ।
कांग्रेस को खत्म कर नया संगठन बनाने का सलाह
गांधी जी के सलाह अनुसार कांग्रेसी "कांग्रेस"को खत्म कर नया संगठन "लोक सेवा दल" बना लेते। तो क्या फ़र्क पड़ता?
सोमवार, 20 मई 2019
कर्म अनुसार वर्ण
कर्म अनुसार वर्ण प्रचलित नहीं है जिस जाति के परिवार में पैदा होता है उसी जाति का माना जाता है कर्म अनुसार वर्ण मान्य होने से कथित शुद्र जाति के परिवार में जन्मे किसी अध्यापक को ब्राह्मण परिवार में जन्मे किसी अध्यापक लड़की के साथ शादी करने में कोई सामाजिक बाधा नहीं होगी । यह बहुत अच्छा होता लेकिन ऐसा होता नहीं है ।
भारत के मूल निवासी राक्षस
भारत के मूल निवासी हैं ST और OBC । ST जंगलों में रहते थे । मैदानी इलाकों में OBC रहते थे जो खेती करते थे । आज कल ST भी खेती करते हैं । भारत के मूल निवासियों को पुराणों में राक्षस कहा गया है ।
ये मनु के चार वर्णों में नहीं आते ।
गुरुवार, 16 मई 2019
समाज सेवा
यह समझ में नहीं आता की साठ बासठ के बाद लोगों को समाज सेवा, भजन कीर्तन, मंदिर मस्जिद, तीर्थ यात्रा, .... की कैसे सूझती है/ यह सब थोडा बहुत पहले से क्यों नहीं होता? कुछ लोग सेवा निवृत्ति पश्चात् पेंट शर्ट छोड़ कर धोती कुरता पहनते हैं, कोई दाढ़ी रखने लगते हैं/ परिवर्तन,,, ..?
एक शिक्षक अपनी सेवानिवृत्ति के अवसर पर बोले "मैं अब भागवत शरण में जीवन बिताऊंगा/ पता नहीं वे अब तक किसके शरण में थे?
शुक्रवार, 3 मई 2019
पूजा आरती की जरूरत नहीं है
मेरे विचार से सर्व शक्तिमान कथित ईश्वर या किसी देवी देवता को हमारी सेवा, पूजा, आरती (प्रशंसा गीत/मस्का) या भोग लगाने की जरूरत नहीं है|
बुधवार, 1 मई 2019
श्री कृष्ण जी
श्रीकृष्ण जी उस जमाने के most intelligennt थे| वे 16 कलाओं में पारंगत थे । याने hero. बहुत सारी लड़कियां उनसे प्रेम करती थीं| कृष्ण जी सबसे प्रेम करते थे| he was a great lover.
इसमें आलोचना की कोई गु्ंजाईश नहीं|
कृष्ण की 8 ही पत्नियां थीं यथा- रुक्मणि, जाम्बवन्ती, सत्यभामा, कालिन्दी, मित्रबिन्दा, सत्या, भद्रा और लक्ष्मणा।
उस जमाने में एकाधिक विवाह करने का रिवाज था| क्योंकि बहुत युद्ध होने के कारण पुरूषों की संख्या कम हो जाती थी|
उस समय विवाहेत्तर प्रेम को समाज बुरा नहीं मानता था| प्रेमिका को कभी पत्नी का दर्जा नहीं मिलता | इसलिए श्रीकृष्ण की 16008 पत्नियां थीं कहना गलत है| आठ के अलावा बाकी सब प्रेमिकाएं थीं| कुछ सच में उनसे यमुना किनारे मिलती थी उनके बाँसुरी के धून का आनंद लेती थी, बाकी मन ही मन उनसे प्रेम करती थीं ।
कृष्ण जी के शानदार व्यक्तित्व के कारण बाद में भी मीरा उन्हें पति मानने लगी| आज भी कई लड़कियां खुद को उनकी प्रेमिका/ पत्नी मानकर किसी और से शादी नहीं करतीं|
हमारा धर्म हमारा संविधान
समाज के लिए बनाए गए नियम धर्म कहलाता जिसका धारण (पालन) करना चाहिए| उसमें देश काल परिस्थिति अनुसार संशोधन परिवर्तन होते रहना चाहिए जैसा कि संविधान| जिसमें परिवर्तन नहीं वहां गति नहीं| जिसमें गति नहीं वह जीवंत नहीं मृत हो जाता है|
हमारा संविधान ही हमारा धर्म|
रविवार, 21 अप्रैल 2019
मतभेद
हर कोई किसी न किसी के विरोध में बोलता है ।
मत भेद हो तो गोली हत्या थप्पड़ मारना गाली गलौच करना आतंकवाद है ।
गुरुवार, 18 अप्रैल 2019
वोट और विकास
यदि गोबर विज्ञान का विकास चहते हैं तो मोदी जी को वोट दें अन्यथा नहीं ।
मोदी हार जाते हैं तो मानना पड़ेगा भारत आगे जाना चाहता है पीछे नहीं ।
सोमवार, 15 अप्रैल 2019
एक हजार का नोट
हमारे देश में आश्चर्य!
500, 2000 के नोट चल रहे हैं लेकिन 1000 का क्यों बंद किया गया? 1000 के नये नोट क्यों नहीं ?
कोई तर्क सम्मत कारण है तो कृपया कोई जानकार बताएं ।
या यही मान लें कि मोदी जी की कोई सनक है या यह नोट उनके लिए किसी गोबर वैज्ञानिक ने अशुभ बताया है?
भारत का संविधान हमारा है
हमारे देश के संविधान को अम्बेडकर का संविधान कहना कहाँ तक उचित है?
अगर उनका है तो उस पर सर्वाधिकार उनके उत्तराधिकारियों का होना चाहिए । तब तो उनके उत्तराधिकारियों की अनुमति के बिना उसमें कोई संशोधन परिवर्तन नहीं हो सकता ।
***
यह भारत का संविधान हमारा संविधान है ।
ज्ञातव्य है कि संविधान सभा में 200 सदस्य थे ।
सभा द्वारा गठित drafting comittie का प्रमुख अम्बेडकर जी को मनोनीत किया गया था ।
बेशक उन्होने अपनी पूरी योग्यता का उपयोग कर संविधान निर्माण में बहुत श्रम किया ।
निश्चित ही अम्बेडकर जी महान थे ।
शुक्रवार, 5 अप्रैल 2019
मैं किसी का भक्त नहीं
मैं एक बात स्पष्ट कर देना चाहता हूँ कि
# मैं किसी भी राजनैतिक दल का भक्त नहीं हूं । आज कुछ भाजपा के विरुद्ध कुछ लिख रहा हूं तो कल कांग्रेस के विरुद्ध भी लिख सकता हूँ ।
# एक बात और कांग्रेस ने देश के लिए बहुत किया है इसे मैं कभी नकार नहीं सकता ।
सोमवार, 1 अप्रैल 2019
आस्था पर चोट
धार्मिक आस्था के विरुद्ध कोई लिखता है कहता है तो धार्मिक लोगों की आस्था को चोंट पहुंचती है । ऐसे विचार को कानून अनुसार दंडनीय माना जाता है । facebook में comlaint होने से delete कर देते हैं ।
यह उचित नहीं है । हमारी वैचारिक स्वतंत्रता का हनन है ।
किसी अंधेविश्वासी, झूठ, अवैज्ञानिक लेख विचार से हमारी वैज्ञानिक सोच पर चोंट ठेस पहुंचती है ।
रविवार, 31 मार्च 2019
हम ही भ्रष्ट हैं
sex रैकेट चलाने वाले, गोशाला घपला करने वाले , बैंक का करोड़ों रूपये लेकर विदेश भाग जाने वाले और बलात्कारी बाबा लोग सभी हिंदू हैं ।
याने कि हम भ्रष्ट हैं ।
वे अंधे नहीं
वे अंधे नहीं हैं ।कांग्रेस कार्य काल का विकास देखना नहीं चाहते. जानना नहीं चाहते । उन्हें जो बताया जा रहा है वे बिना सोचे समझे मान लेते हैं ।यही उनकी खासियत होती है ।
वे जानना चाहते तो अपने घर परिवार के बुजूर्गों से पूछ लेते उनके जमाने में क्या स्थिति थी?
शनिवार, 30 मार्च 2019
इलाज
आजादी के बाद से जनसंघ, हिन्दू महासभा, आर एस एस भाजपा वालों की सरकार होती तो किसी इन्जेक्शन टेबलेट की जरूरत ही नहीं होती ।
सारे इलाज मंत्र हवन पूजा पाठ से हो जाते ।
स्कूल में विद्यार्थी बिना समझे रट रहे हैं
मैं सेवा निवृत्ति के बाद अपने क्षेत्र के विभिन्न प्राथमिक, पूर्व माध्यमिक तथा उच्च माध्यमिक विद्यालयों में कक्षा लिया हूँ.. मैंने देखा कि विद्यार्थी पाठ को बिना समझे रटते हैं | प्राथमिक तथा पूर्व माध्यमिक विद्यालयों के अधिकतर विद्यार्थी अपनी पाठ् पुस्तक के पाठ को अपनी मातृभाषा (छत्तीसगढ़ी, ओडिया ) में नहीं सुना सकते
हमारे देश में आरक्षण
-हमारे देश में आरक्षण -
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संविधान में दलित शोषित जन को मुख्य धारा में जोड़ने. उनके आर्थिक सामाजिक विकास के लिये कुछ साल के लिये आरक्षण का प्रावधान रखा ।
जब देखा गया कि उस वर्ग का पर्याप्त विकास नहीं हुआ है तब आरक्षण की अवधि बढाई . रही ।अब भी यह जारी है । इससे अनारक्षित वर्ग को निश्चित ही नुकसान हो रहा है । वे इस आरक्षण से बहुत चिढ़ते हैं । समय समय पर विरोध करते हैं ।
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कहा जाता है कि वोट बैंक के कारण कांग्रेस ने आरक्षण को जारी रखा।
तो फ़िर भाजपा ने पूर्ण बहुमत होते हुए भी क्यों बंद नहीं किया?
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निश्चित ही इससे प्रतिभा को नुकसान होता है । प्रतिभा का नुकसान याने देश का नुकसान ।
लेकिन प्रतिभा का नुकसान तब भी होता था जब शम्बुक, अम्बेडकर जैसे विद्वान को जाति आधार पर प्रताड़ित किया गया ।
वैसे हमने यह भी देखा है कि अनारक्षित लोग भी देश का बहुत नुकसान करते हैं । -
वे दुश्मन देशों को देश की गोपनीय जानकारी देकर पकड़े जाते हैं ।
वे सर्जन किसी के पेट में सर्जरी के बाद कैंची और रुई छोड़ देते हैं ।
वे गोशाला घोटाले में पकड़े जाते हैं ।
उनके सेक्स रेकेट पकड़े जाते हैं ।
उनके द्वारा बनाए बड़े बड़े पूल भवन गिर जाते हैं ।
वे आय कर विभाग द्वारा आय कर चोरी के मामले में पकड़े जाते हैं ।
वे बड़े बड़े भ्रष्टाचार मामले में पकड़े जाते हैं ।
वे ही बैंकों से करोड़ों रूपये लेकर विदेश भाग जाते हैं ।
. और भी कई....
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कहा जाता है कि आरक्षण का लाभ आर्थिक सामाजिक रूप से उच्च स्तर के परिवार को भी लाभ मिल रहा है ।
इस पर अवश्य विचार कर उचित निर्णय लेना चाहिए ।
वैसे ही गरीबी रेखा से नीचे का लाभ कुछ धनीमानी लोग भी ले रहे हैं ।
धर्म का अर्थ
यः धारयति सः धर्मः|
जो धारण करने योग्य है, जो धारण करते हैं ,
जो धारण करना चाहिए वह धर्म है|
आत्म दीपो भव_ गौतम बुद्ध
अपना धर्म सोच समझकर स्वयं निश्चित करें कि हमें क्या धारण करना चाहिए|
सोमवार, 25 मार्च 2019
धार्मिक ग्रन्थों की पढ़ाई
हमारे पूरे भारत के सभी स्कूल कालेजों में एक और optional art group होना चाहिए "हमारे धर्म "। ( गीता, रामायण, चारों वेद, सभी पुराण, भागवत कथा, श्री राम कथा....के अलावा बाइबिल, कुरान...... ..सभी धार्मिक ग्रंथ )
मुझे लगता है धार्मिक कट्टर लोग अपने बच्चों को यही संकाय पढ़ने के लिये कहेंगे लेकिन आज के विद्यार्थी निश्चित ही intelligent हैं । वे यह सब पढ़ कर इनकी माञताओं से दूर हो जाएंगे और वैज्ञानिक सोच वाले बन जाएंगे ।
शुक्रवार, 15 मार्च 2019
मन की बात
मोदी जी रेडियो में मन की बात सुनाते हैं ।
बाकी समय जो कहते हैं वह सब किसके मन की बात होती है ?
सत्ता की बागडोर
ये तो बता दो कोई 15 अगस्त 1947 को तिरंगा फ़हराने के लिये मोदी जी, हिन्दू महासभा या आर एस एस के किसी को क्यों नहीं बुलाये? इन्हें सत्ता की बागडोर क्यों नहीं सौंपे?
अनुकरण
हमारी पुरानी परम्पराओं को पकड़ के रखना कोई जरूरी नहीं । जो ठीक लगे, अच्छा लगे मुस्लिम या इसाइयों का अनुसरण अनुकरण करने में क्या बुराई है? लेकिन लकीर के फ़कीर लोगों को कुछ भी नया अच्छा नहीं लगता ।
गुरुवार, 14 मार्च 2019
प्रार्थना
देश में कोई बड़ी दुर्घटना होने से घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की हम कामना करते हैं, भगवान से हम प्रार्थना करते हैं ।
अच्छा होता भगवान से प्रार्थना करते कि हमारे देश में कभी कोई दुर्घटना न हो ।
प्रर्थना
देश में कोई बड़ी दुर्घटना होने से घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना करते हैं, भगवान से हम प्रार्थना करते हैं ।
अच्छा होता भगवान से प्रार्थना करते कि हमारे देश में कभी कोई दुर्घटना न हो ।
सोमवार, 11 मार्च 2019
बात बात पर झूठ बोलने वालों से लोग सबूत मांगते हैं । लेकिन एअर स्ट्राइक के बाद फोटो या वीडियो लेना सम्भव नहीं ।
सवाल और प्रमाण
जब संदेहास्पद बात करे कोई तो सवाल करना, सबूत मांगना गलत नहीं है ।
वैसे पुलवामा के बाद पकिस्तान में सेना द्वारा किये air strike का फोटो या video लेना आसान नहीं था जरूरी भी नहीं था ।
लेकिन ध्यान रहे विज्ञान सवाल और प्रमाण पर ही विकसित होता है ।
सवाल करने वाले प्रमाण मांगने वाले मुर्ख नहीं होते. लकीर के फ़कीर नहीं होते ।
बुधवार, 6 मार्च 2019
ज्ञानी
ये गाली गलौच करने वाले, झूठ अफ़वाह फ़ैलाने वाले, नफ़रत के बीज बोते हैं । वे पुस्तकें पत्रिकायें ग्रंथ पढ़ना जरूरी नहीं समझते । लेकिन बहुत ज्ञानी होते हैं ।
सोमवार, 4 मार्च 2019
वे बहुत ताकतवर हैं
वे बहुत ताकतवर हैं
ज्यादा मत बोलो वर्ना
तुम्हारा मुंह बंद कर देंगे
फिर माफ़ी मांगोगे या
अपनी बात वापस लोगे
तब ओंठों के टाँके खोलेंगे
वे बहुत ताकतवर हैं
ज्यादा मत लिखो वर्ना..
रविवार, 20 जनवरी 2019
मनु स्मृति और कुरान अब नहीं ये हमारे संविधान
कुरान, मनु स्मृति तब के संविधान थे जिसे धर्म कहा गया ।
ये धारयति से धर्मः। जो धारण करने योग्य हो, जिसे धारण करें वह धर्म है।
उनमें देश काल परिस्थिति अनुसार आवश्यक संशोधन नहीं किया गया । फ़लस्वरूप ये खत्म हो रहे हैं ।
अब तो हमारा संविधान ही हमारा धर्म है।
रविवार, 9 दिसंबर 2018
भक्ति ओर श्रद्धा
यज्ञ हवन पूजा पाठ में भक्ति होती है, स्वार्थ होता है, कुछ मांग होती है भगवान देवी देवताओं से| महात्मा गांधी की समाधि पर कोई श्रद्धा सुमन अर्पित करे, प्रणाम करे तो वह स्वार्थ नहीं, कोई मांग नहीं केवल श्रद्धा होती है|
भक्ति ओर श्रद्धाशनिवार, 8 दिसंबर 2018
सब के रास्ते अलग अलग
अगर भगवान अल्लाह सब एक ही हैं तो उनके बताए रास्ते भी एक ही होना चाहिए| हिंदू मुस्लिम सब अलग अलग क्यों?
सभी एक मत होते हैं
कहते हैं उपर वाले की इच्छा के बिना एक पत्ता भी नहीं हिलता| तो ये उपर में रहने वाले अल्लाह भगवान.. सभी किसी पत्तीको हिलाते समय एकमत होते हैं?
शुक्रवार, 7 दिसंबर 2018
आघात
-आघात-
छः दिसम्बर ब्यानबे
दिन था रविवार
हम गर्वित थे हर्षित थे
मुस्लिमों को चिढ़ाकर
पुण्य के भागी बने थे
बाबरी मस्जिद गिराकर|
अगला दिन सोमवार
चैन की नींद सोया था
अचानक मैंने देखा
सामने साक्षात भगवान
श्री राम चंद्र विराजे हैं|
मैं आनंद से विभोर
भगवान के चरण स्पर्श
करने हुआ उद्यत
किंतु भगवान राम ने
मारी एक लात
मेरे सीने पर|
कहा - हे मेरे अंध भक्त
तुने क्यों दिल दुखाया
मानवता के भक्तों का
मैं खुशी से रहता था
अयोध्या के मस्जिद में|
तुझे क्या तकलीफ थी
कि उसे ध्वस्त कर दिया
जब तू रह सकता है
फैजाबाद के मुसाफिर खाना में
तो मैं क्यों नहीं रह सकता
अयोध्या के बाबरी मस्जिद में?
अचानक नींद खुली थी
देखा वह तो सपना था
सचमुच एक सपना था
उनका कोई चिन्ह नहीं था
किंतु पदाघात का दर्द
अब भी सीने में था|
शनिवार, 10 नवंबर 2018
ईमानदारी की खोज
हमारे देश के आर एस एस और भाजपा चाहते हैं ईमादारी| इसलिए अटल, मोदी, योगी, ऊमा जी उन्हें पसंद हैं| क्योंकि उनके परिवार नहीं है|
उनके लिए अन्य योग्यता जरूरी नहीं है बस शादी न करें| भूल से कर लिए तो पत्नी का त्याग कर दें|
ये अलग बात है कि आर एस एस और भाजपा के बहुत सारे लोग भी अन्य दलों की तरह भ्रष्टाचारी होंगे|
गुरुवार, 8 नवंबर 2018
बहुत सारे ईश्वर
हमारा धर्म हर प्राणी से प्रेम होना चाहिए | लेकिन सभी धर्म एक दूसरे के विरुद्ध घृणा द्वेष फैला रहे हैं| बहुत सारे ईश्वर भगवान खुदा गॉड हैं जो मनुष्यों के बीच दिवाल खड़े कर रहे हैं|
बुधवार, 24 अक्टूबर 2018
मंगलवार, 23 अक्टूबर 2018
नया जमाना, नई पीढ़ी
लकीर के फकीर कोई नई बात, कोई परिवर्तन सुनना भी पसंद नहीं करते| ऐसे लोग खुद को महा ज्ञानी समझते हैं और नए जमाने को, नई पीढ़ी को बात बात पर खराब बताते हैं|
satyamshiwamsundaram.blogger.com: लोकतंत्र में जाति धर्म
satyamshiwamsundaram.blogger.com: नफरत के बीज
satyamshiwamsundaram.blogger.com: नफरत के बीज
सोमवार, 22 अक्टूबर 2018
नफरत के बीज
गांधी नेहरू सुभाष भगत ... ... .. सबके रास्ते अलग अलग थे लेकिन मंजिल एक थी|
ये गांधी सुभाष को लड़ाने वाले तब अपनी खिचड़ी अलग पका रहे थे झूठ अफवाह के सहारे नफरत के बीज तैयार कर रहे थे|
लोकतंत्र
रोशन अग्रवाल, विजय अग्रवाल, उमेश अग्रवाल, डॉ राजू अग्रवाल...
मतलब अग्रवाल लोग एकजूट नहीं हैं|
होना भी नहीं चाहिए|
लोकतंत्र में जाति धर्म आधारित वोटिंग नहीं होनी चाहिए|
किसी भी जाति समाज में किसी एक उम्मीदवार के लिए सर्वसम्मति नहीं हो सकती|
होना भी नहीं चाहिए| लोकतंत्र में jati dharm आधारित वोटिंग नहीं होनी चाहिए|
जाति धर्म नहीं योग्यता देखकर वोट देना चाहिए|
शनिवार, 20 अक्टूबर 2018
हिंदू धर्म
मनु जी के चार वर्णों ब्राह्मण क्षत्रीय वैश्य शुद्र में से ब्राह्मणों द्वारा रचित वेद पुराण स्मृति को हम हिंदू धर्म मानते हैं| लेकिन हमारे देश के सुप्रीम कोर्ट के अनुसार हिंदू कोई धर्म नहीं है| यह एक संस्कृति है|
जानकार लोग कृपया हिंदू धर्म क्या है? इसकी जानकारी दें|
ईश्वर की खोज
पृथ्वी कैसे बनी, ब्रह्मांड को किसने बनाया? उसका नियमित संचालन कौन करता है? जीवन प्राण कौन देता है? कौन लेता है? मृत्यु के बाद क्या होता है?
इन्हीवअनुत्तरित प्रश्नो के जाबाब के लिए ईश्वर भगवान खुदा अल्लाह गॉड की खोज की गई| इससे मन शांत हो जाता है| सब कुछ वही करता है उसी की मर्जी से होता है ऐसा मान लेने से मन की उद्वीग्नता कम हो जाती है| मन की शांति के लिए यह मनोवैज्ञानिक इलाज है जो माने उसके लिए| जो न माने वह किसी बड़ी दुर्घटना की क्षति को सोच सोच कर अशांत रह सकता है परेशान रह सकता है वर्षों तक या जीवन भर| हो सकता है उस पीड़ा को नहीं झेल पाने से वह पागल हो जाय|
शुक्रवार, 19 अक्टूबर 2018
लोकतंत्र में राजनीति
राजतंत में आम जन को राजनीति से दूर रखा जाता था| लोकतंत्र में हर वयस्क नागरिक से अपेक्षा की जाती है कि वह राजनीति से जुड़े| वोट देना भी राजनीति से जुड़ना है|
वोट मांगना ही राजनीति नहीं, वोट देना भी है|
वोट और स्वार्थ
किसी भी जाति समाज के नेताओं के द्वारा अपने पद और अपने संगठन से जुड़े लोगों की संख्या बताकर वोट दिलाने का आश्वासन देकर किसी राजनैतिक दल से रकम लेना बहुत घटिया काम है| ऐसे स्वार्थी नेताओं को समाज में कोई पद नहीं देना चाहिए|
किसी जाति समाज द्वारा समाज के लोगों से किसी को वोट देने के लिए अपील नहीं करना चाहिए| इसके लिए कोई नियम आदोश निर्देश जारी करना उचित नहीं|
सब कुछ पूर्व निर्धारित
हमारे हिंदू धर्म के अनुसार जो भी होता है पूर्व निर्धारित होता है| याने भगवान द्वारा तय होता है| बाढ़ भूकम्प, युद्ध, दंगे फसाद, हत्या चोरी डकैती, बलात्कार, भ्रष्टाचार... सब कुछ.. यह भी कोई पत्ता हिलता हो तो वह भी उपर वाले की मर्जी से . सब
कुछ वही करता है| गजब है यह मान्यता|
कोई इसे बकवास कहे तो उनकी धार्मिक आस्था को चोट लगेगी| और इन मान्यताओं के प्रचार प्रसार से हमारी वैज्ञानिक आस्था को चोट लगेगी उसका क्या?
बुधवार, 17 अक्टूबर 2018
भारतवर्ष का पुराना संविधान
भारतवर्ष का पुराना संविधान _
***"*************कॉपी पेस्ट संकलित है| यदि कुछ गलत हो तो कृपया सही सही बताएं|
1 - यह जो ब्राम्हण, क्षेत्रीय, वैश्य व शूद्र जो विभाजन है वह मेरा द्वारा ही रचा गया है।
- गीता 4-13
2 - मेरी शरण में आकर स्त्री ,वेश्य , शूद्र भी जिन कि उत्त्पति पाप योनि से हुइ है परम गति को प्राप्त हो जाते है। भगवत गीता 9-32
3 - शूद्र का प्रमुख कार्य तीनो वर्णो की सेवा करना है।
- महाभारत 4/50/6
4 - शूद्र को सन्चित धन से स्वामी कि रक्षा करनी चाहिये। - महाभारत 12/60/36
5 - शूद्र तपस्या करे तो राज्य निर्धनता में डूब जायेगा।
- वाo .रामायण 7/30/74
6- ढोल .गवार .शूद् पशु नारी |
सकल ताड़ना के अधिकारी ||
- रामचरित मानस 59/5
7- पूजिये विप्र सील गुन हीना, शूद्र न गुण गन ग्यान प्रविना।
-रामचरितमानस 63-1
8- वह शूद्र जो ब्राम्हण के चरणो का धोवन पीता है राजा उससे कर TAX न ले।
- आपस्तंबधर्म सूत्र 1/2/5/16
9 - जिस गाय का दूध अग्निहोत्र के काम आवे शूद्र उसे न छुये। कथक सन्हिता 3/1/2
10- शूद्र केवल दूसरो का सेवक है इसके अतिरिक्त उसका कोइ अधिकार नही है।
- एतरेय ब्राम्हण 2/29/4
11- यदि कोइ ब्राम्हण शूद्र को शिक्षा दे तो उस ब्राम्हण को चान्डाल की भाँति त्याग देना चाहिये।
- स्कंद पुरान 10/19
12 - यदि कोइ शूद्र वेद सुन ले तो पिघला हुआ शीशा, लाख उसके कान में डाल देना चाहिये।
यदि वह वेद का उच्चारण करे तो जीभ कटवा देना चाहिये। वेद स्मरण करे तो मरवा देना चाहिये।
गौतम धर्म शूत्र 12/6
13 - देव यज्ञ व श्राद्ध में शूद्र को बुलाने का दंड 100 पर्ण।
विष्णु स्मृति 5/115
14 - ब्राम्हण कान तक उठा कर प्रणाम करे, क्षत्रिय वक्षस्थल तक, वैश्य कमर तक व शूद्र हाथ जोड़कर एवं झुक कर प्रणाम करे।
आपस्तंब धर्म शूत्र 1,2,5,/16
15 - ब्राम्हण की उत्पत्ति देवता से, शूद्रो की उत्पत्ति, राक्षस से हुइ है।
तेत्रिय ब्राम्हण 1/2/6/7
17 - यदि शूद्र जप ,तप, होम करे तो राजा द्वारा दंडनिय है।
गौतम धर्म सूत्र 12/4/9
17- यज्ञ करते समय शूद्र से बात नहीं करना चाहिये।
शतपत ब्राम्हाण 3;1/10
18- जो शूद्र अपने प्राण, धन तथा अपनी स्त्री को, ब्राम्हण के लिए अर्पित कर दे ,उस शूद्र का भोजन ग्राहय है।
विष्णु पुराण 5/11
👉महाभारत"कहती है - शूद्र राजा नहीं बन सकता।
👉"गीता" कहती है - शूद्र को ब्राह्मण क्षत्रिय और वैश्यों की गुलामी करनी चाहिए ।
👉"रामायण" कहती है - शूद्र को ज्ञान प्राप्त करने पर मृत्युदंड मिलना चाहिए ।
👉"वेद" कहते है कि शूद्र ब्रह्मा के पैरोँ से पैदा हुआ है इसिलिये वो नीच है ।
👉"मनुस्मृति" के अनुसार - शूद्र का कमाया धन ब्राह्मण को बलात् छीन लेना चाहिए ।
👉"वेद" कहते है - शूद्र का स्थान ऊपर के तीनों वर्णों के चरणों में है।
मंगलवार, 16 अक्टूबर 2018
जगत का कल्याण
पद्ममुख पंडा_
बहुत से धर्माचार्य ईश्वर को अपना रक्षा कवच मानते हैं जिस दिन सिद्ध हो गया कि ईश्वर नहीं है उस दिन इनके आजीविका का माध्यम भी समाप्त हो जाएगा
कहते हैं कि ईश्वर अनुभव में होता है उसे देखने के लिए दिव्य दृष्टि चाहिए क्या ईश्वर नहीं चाहता कि संपूर्ण संसार उसे दिव्य दृष्टि से देखे पूरा विश्व खुशियों से भरा हो?
भ्रांतिपूर्ण स्थिति से उबरने के लिए बुद्धि व तर्क ही एकमात्र उपाय है इसी में जगत का कल्याण निहित है|
सोमवार, 15 अक्टूबर 2018
महा आश्चर्य
बहुत आश्चर्य!
हमारे देश में बहुत सारे लोग ईश्वर को जानते समझते हैं| यह भी सच है कि अधिकतर लोग भ्रष्टाचारी पापी अपराधी स्वार्थी हैं|
आश्चर्य
बहुत आश्चर्य|
मानते हैं ईश्वर सर्वशक्तिमान हैं| सम्पूर्ण ब्रह्मांड का संचालन करते हैं वे फिर भी हम उनके रहने बसने, खाने पीने की चिंता करते हैं| इस चिंता में हम मरते मारते भी हैं|
शुक्रवार, 12 अक्टूबर 2018
पूजे अगर खेत के ढेले
रामधारी सिंह दिनकर_
उठ मंदिर के दरवाजे से,
जोर लगा खेतों में अपने|
पूजे अगर खेत के ढेले,
तो सचमुच कुछ पा जाएगा|
भीख या कि वरदान मांगता
पड़ा रहा तो पछताएगा||