जब संदेहास्पद बात करे कोई तो सवाल करना, सबूत मांगना गलत नहीं है ।
वैसे पुलवामा के बाद पकिस्तान में सेना द्वारा किये air strike का फोटो या video लेना आसान नहीं था जरूरी भी नहीं था ।
लेकिन ध्यान रहे विज्ञान सवाल और प्रमाण पर ही विकसित होता है ।
सवाल करने वाले प्रमाण मांगने वाले मुर्ख नहीं होते. लकीर के फ़कीर नहीं होते ।
सत्य को जानने की कोशिश करनी चाहिए. सत्य जानने के लिए उलट पुलट हर तरह के विचार पढ़ कर सोचना चाहिए. किसी लोखी गई या कही गई बात को आँख बंद कर नहीं मानना चाहिए. सत्य ही सुन्दर है. सत्य ही कल्याणकरी है.
सोमवार, 11 मार्च 2019
सवाल और प्रमाण
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