किसी भी जाति समाज के नेताओं के द्वारा अपने पद और अपने संगठन से जुड़े लोगों की संख्या बताकर वोट दिलाने का आश्वासन देकर किसी राजनैतिक दल से रकम लेना बहुत घटिया काम है| ऐसे स्वार्थी नेताओं को समाज में कोई पद नहीं देना चाहिए|
किसी जाति समाज द्वारा समाज के लोगों से किसी को वोट देने के लिए अपील नहीं करना चाहिए| इसके लिए कोई नियम आदोश निर्देश जारी करना उचित नहीं|
सत्य को जानने की कोशिश करनी चाहिए. सत्य जानने के लिए उलट पुलट हर तरह के विचार पढ़ कर सोचना चाहिए. किसी लोखी गई या कही गई बात को आँख बंद कर नहीं मानना चाहिए. सत्य ही सुन्दर है. सत्य ही कल्याणकरी है.
शुक्रवार, 19 अक्टूबर 2018
वोट और स्वार्थ
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