पहले युद्ध बहुत होते थे| सैनिक मारे जाते थे| फलस्वरूप. पुरुष की अपेक्षा स्त्रियों की संख्या अधिक होती थी| समायोजन के लिए पुरुष को एकाधिक शादी करने की छूट थी| मुस्लिम अब भी उसे बनाए रखना चाहते हैं|
सत्य को जानने की कोशिश करनी चाहिए. सत्य जानने के लिए उलट पुलट हर तरह के विचार पढ़ कर सोचना चाहिए. किसी लोखी गई या कही गई बात को आँख बंद कर नहीं मानना चाहिए. सत्य ही सुन्दर है. सत्य ही कल्याणकरी है.
शनिवार, 29 अप्रैल 2017
शुक्रवार, 28 अप्रैल 2017
क्रूर बनाम मानवतावादी
भगवान को मानने वाल कई लोग अपराध करते हैं खूब बाद में मंदिरों में पाप मुक्ति के लिए खूब चढ़ावा देते हैं| भगवान को नहीं मानने वाले मानवतावादी होते हैं| कट्टर धार्मिक क्रूर सहिष्णु होते हैं आतंकवादी होते हैं धर्म के नाम पर हत्या करते हैं|
रविवार, 23 अप्रैल 2017
कल पुस्तक दिवस था| याद आ रहे हैं
कलवपुस्तक दिवस था| याद आ रहे हैं_
******
उपन्यास-
प्यारे लाल अवारा, गुलशन नंदा,
कुशवाहा कांत, वेद प्रकाश काम्बोज, वेद प्रकाश शर्मा, ... .
सुरेन्द्र मोहन पाठक, ओम प्रकाश शर्मा,
इब्ने सफी बी ए, कर्नल रंजीत, मीना सरकार. हेडली चेईस, ....
वी वहानवी, मस्त राम, ...
बंकिम चन्द्र, रवीन्द्र नाथ, धर्मवीर भारती, रांगेय राघव, जयशंकर प्रसाद, कृष्ण चंदर, जैनेन्द्र कुमार, भगवती चरण वर्मा, प्रेम चंद, राहिल सांकृत्यायन, राजेन्द्र यादव, चतुरसेन शास्त्री, अमृत लाल नागर, विमल मित्र, ... ..
पत्र पत्रिका_
साप्ताहिक ब्लीट्ज,
कल्याण, अखंड ज्योति, दिव्य ज्योति,
धर्म युग, साप्ताहिक हिंदुस्तान, सारिका,
नुतन पुरातन ज्ञान विज्ञान ...की पत्रिका नवनीत ( भारती भवन से समन्वित से पहले), सरिता, मुक्ता,..
मंगलवार, 18 अप्रैल 2017
लाउड स्पीकर
Loud speaker पे अजान भी बंद हो ,भजन भी बंद हो ,गुरुद्वारा से गुरुवाणी भी बंद हो .....
secularism का मतलब किसी भी धर्म की कोई भी मूर्खता जो नागरिक धर्म का उल्लंघन हो, उसे किसी हालात मॆं इजाजत ना हो ।
चार दीवारों के अंदर , .....बाहर आवाज़ न जाये इस तरीके से जिसे अजान ,भजन कूछ भी और 365*24*7 करने हो तो खुशी से करे ।
धेट इज आल
सोमवार, 17 अप्रैल 2017
धर्म का संशोधित रूप संविधान
जिसका धारण करना अर्थात पालन करना अनिवार्य होता था उसे धर्म कहते थे|| लेकिन देश काल परिस्थिति अनुसार परिवर्तन संशोधन होना चाहिए| अब हमारा धर्म हमारा संविधान होना चाहिए|
गुरुवार, 13 अप्रैल 2017
भीमराव अम्बेडकर को नमन
भीमराव अम्बेडकर को नमन | वे दलितों के नहीं थे हम सबके थे| हमारा संविधान किसी एक वर्ग का नहीं हम सबका है | संविधान ही हमारा धर्म होना चाहिए| संविधान निर्माण करने वालों को नमन | संविधान को मान्य करने वाले सांसदों को नमन |
सोमवार, 10 अप्रैल 2017
गंगा नदी
कुछ चालाक लोगों ने गंगा नदी को पाप नाशिनी मोक्ष प्रदायिनी माता बनाकर उसे पवित्र बना दिया| फलस्वरूप वह स्वच्छ नहीं रह गया|
हमारा संविधान महान
हमारा संविधान सभी धर्मों के नियम परम्पराओं के विरुद्ध होते हुए भी महान है| जिन्होंने इसका निर्माण किया, मान्यता दी वे निश्चित ही महान हैं|
रविवार, 9 अप्रैल 2017
भारत की जय
यदि संविधान में यह "भारत माता की जय" राष्ट्रीय नारा घोषित हो या कानून बना दिया जाय बोलने के लिए तब तो बोलना ही पड़ेगा | तब तक भारत की जय |
ईश्वर का जन्म
दरअसल जब संसार का रहस्य कुछ भी समझ में नहीं आया तो ईश्वर की कल्पना की गई| यही उनके जन्म की सच्ची कहानी है|
ईश्वर की सत्ता को मान लेने से सारे प्रश्न.. जन्म मृत्यु जीवन ...समाप्त हो जाते हैं| मन शांत हो जाता है|
शनिवार, 8 अप्रैल 2017
धर्म के परिणाम
विभिन्न धर्मों के परिणाम - ईश्वर अल्लाह गॉड देवी देवताओं को पटाने की कोशिश में हम मनुष्य मनुष्य से दूर होते गए|
शुक्रवार, 7 अप्रैल 2017
गौदान
मरने के बाद आत्मा को गाय की पूँछ पकड़ कर वैतरणी नदी पार करना पड़ता है| आत्मा को तैरना नहीं आता| बाम्हन को एक गाय दान में चाहिए|
मन की शांति के लिए उपाय
मन की शांति के लिए कुछ सरल सुलभ प्रचलित उपाय हैं .
घर परिवार दुनियाँदारी से दूर हो जाना|
1_. कम समय के लिए- मंदिर मस्जिद चर्च, पूजा पाठ, भजन कीर्तन, सत्संग प्रवचन कथा सुनना, ...
2_. कोई नशा शराब गांजा....
३_.अधिक समय के लिए- बाबा बन जाना
क्या जरूरत है
ये पूजा पाठ भजन कीर्तन यज्ञ हवन नमाज प्रार्थना हमारे समाज से बुराइयों को दूर नहीं कर सकते तो इसकी जरूरत क्या है?
पाप मुक्ति के साधनों का आविष्कार
हमारे देश में लगभग सभी लोग धार्मिक आस्थावान पूजा पाठ यज्ञ हवन भक्ति भजन कीर्तन करते हैं फिर भी भ्रष्टाचार अपराध चोरी डकैती मार काट बलात्कार बढ़ रहे हैं लगातार...
******
हमारे सारे पाप से मुक्ति के सरल सुलभ उपाय ब्राह्मणों द्वारा आविष्कार किए गए हैं| परिणाम
हमारे देश में भ्रष्टाचार अपराध चोरी डकैती मार काट बलात्कार बढ़ रहे हैं लगातार...
गुरुवार, 6 अप्रैल 2017
ग्रह दशा
ललित दार्शनिक _
अमेरिका और रूस जैसे देश दूसरे ग्रहों पर जीवन या फ़िर जीवन बचाने के लिये पृथ्वी जैसा दूसरा ग्रह ढूँढ़ने की कोशिश में रात -दिन एक किये हुए हैं वहीँ दूसरी तरफ़ हम अँगूठी में लगे पत्थर के द्वारा उन्हीं ग्रहों की दिशा बदलने में लगे हुए हैं l
पृथ्वी स्थिर है शेषनाग के सर पर
धार्मिक ग्रंथ के अनुसार शेषनाग के सर पर पृथ्वी स्थिर है. सूर्य पूर्व से पश्चिम की ओर प्रति दिन यात्रा करता है|
जो अपने दिमाग का उपयोग न करें. वे स्वीकार कर लेगा लेकिन गेलिलियो नहीं|.
बुधवार, 5 अप्रैल 2017
नास्तिक स्वतंत्र होता है
नास्तिक स्वतंत्र होता है अपनी बुद्धि का प्रयोग करता है| वह किसी ग्रंथ से बंधा नहीं होता|
जो होता है अच्छा होता है|
P.M.Panda Mahapalli_
कहा जाता है कि जो भी होता है अच्छे के लिए होता है। पर आजकल जो घृणित घटनाएँ होती हैं क्या वह किसी अच्छे के लिए है? चार साल की बच्ची के साथ बलात्कार?फिर उसकी हत्या??
ये जो पहले से बनाकर रखी गई अवधारणाएं हैं निहायत ही घटिया व बकवास हैं।
मंगलवार, 4 अप्रैल 2017
धार्मिक ग्रंथों से शिक्षा
कहते हैं धार्मिक ग्रंथों को पढ़ने से कुछ न कुछ शिक्षा मिलती है| इन ग्रंथों का इतना ही महत्व है तो ...
बालीवुड की सभी फिल्मों से कुछ न कुछ शिक्षा मिलती है| बस कुछ सोचने समझने की बात है|
वैसे ही इसी तरह बहुत सारे लेखकों के कथा उपन्यास भी ह क्या इन्हें धार्मिक ग्रंथ का दर्जा दिया जा सकता है?
प्यारे लाल अवारा, गुलशन नंदा,
कुशवाहा कांत, वेद प्रकाश काम्बोज, वेद प्रकाश शर्मा, ... .
सुरेन्द्र मोहन पाठक, ओम प्रकाश शर्मा,
इब्ने सफी बी ए, कर्नल रंजीत, मीना सरकार. हेडली चेईस, ....
वी वहानवी, मस्त राम, ...
बंकिम चन्द्र, रवीन्द्र नाथ, धर्मवीर भारती, रांगेय राघव, जयशंकर प्रसाद, कृष्ण चंदर, जैनेन्द्र कुमार, भगवती चरण वर्मा, प्रेम चंद, राहुल सांकृत्यायन, राजेन्द्र यादव, चतुरसेन शास्त्री, अमृत लाल नागर. ... ..
सम्पूर्ण विश्व के लिए एक धर्म एक संविधान
यः धारयति सः धर्मः| जो धारण करने योग्य हो या धारण करते हैं वह धर्म है|
कुरान, मनु स्मृति, गीता रामायण में बताई गई हर बात/ नियम को क्या पालन करना/मानना संभव है? क्या आप ऐसा करते हैं?
(मैं केवल नमाज अदा करना, पूजा पाठ भक्ति की बात नहीं कर रहा)
धर्मों में बताई/ कही गई बातों के विपरीत भी हैं हमारे संविधान के नियम कानून|
विशिष्ट वर्ग द्वारा समाज के लिए बनाए गए विभिन्न धर्मों के नियमों को आज का शिक्षित वर्ग समाज के हित में मानने को तैयार नहीं है| इसी लिए लोकतंत्र द्वारा राष्ट्र के हित में सम्पूर्ण समाज के लिए नए नियम कानून बनाए गए जो संविधान कहलाता है|
आज का संविधान राष्ट्र के सम्पूर्ण समाज के हित में सभी धर्मों का संशोधित परिवर्तित रूप है|
लेकिन कई लोग वर्तमान संविधान के साथ साथ धर्मों के पुराने नियमों को भी पालन करना चाहते हैं | जबकि पूरा पूरा पालन करना संभव नहीं है|
***
कुछ लकीर के फकीर धर्म में कोई परिवर्तन संशोधन पसंद नहीं करते| धार्मिक नियमों के विपरीत कोई नियम कानून संविधान में भी बनता है तो उसका विरोध करते हैं| उनका वश चले तो धार्मिक नियमों परंपराओं को यथावत संविधान में रख लें|
*****
बेहत्तर है सभी धर्मों का विसर्जन कर अपने अपने संविधान का पालन करें|
उम्मीद करें भविष्य में सम्पूर्ण विश्व के लिए एक संविधान हो|
*****
जय जगत|
*******
सोमवार, 3 अप्रैल 2017
खाली दिमाग
गलत कहते हैं खाली दिमाग शैतान का घर?
दिमाग में कचरा भरा हो तो नई बात कहाँ से घुसेगी| लकीर के फकीरों का दिमाग खाली नहीं रहता|
धर्म ने क्या दिया
बड़े आये आहत होनेवाले धर्म के नाम पर ! और कितना टाइम चाहिए ?
धर्मों ने क्या दिया हमको ? हमने तो उनको पांच हज़ार साल और चौदह सौ साल दिए ! फिर भी वही युद्ध, वही कुपोषण, वही गरीबी, वही रोग और बीमारियां, वही मुट्ठी भर लोगों का राज, वही औरतों की ग़ुलामी , वही जाति-व्यवस्था, वही प्रकृति का अंधाधुंध नाश ! आप दोनों पंडित-मुल्ला के फेरे में हम रहे तो पांच हज़ार साल बाद लौट कर भी यही देखेंगे। वही युद्ध, गरीबी और रोग-बलाय और आपलोगों का बजता हुआ रिकॉर्ड, "मेरा धर्म बनाम तुम्हारा धर्म !"
.
रविवार, 2 अप्रैल 2017
धर्म का दुश्मन शिक्षा और विज्ञान
धर्म हमेशा शिक्षा और विज्ञान से नफरत करता है. क्योकि उसे पता है "क्यों का जबाब / कारण " और ज्ञान उसके जादुई सोच के खिलाफ सबसे बड़ा हथियार हैं, जो एक दिन उसे खत्म कर देंगे.!
विरोधाभास
धार्मिक नैतिकता का विरोधाभास !
भारत के करोड़ों हिन्दू भक्ति ,पूजा ,प्रार्थना ,तीर्थयात्रा और साधु सेवा में कभी आंच नहीं आने देते ,परन्तु नित्य जीवन मैं नैतिक एवं अन्य अपराध करने से बाज़ नहीं आते। यदि देशभर के जेलों मैं विभिन्न अपराधों के कारण बंद अपराधियों का सर्वेक्षण किया जाये तो ९९ प्रतिशत कैदी विभिन्न धर्मों के कटर अनुयायी मिलेंगे जो जेल मैं भी अपने अपने धरम और उस के रीति रिवाज का पालन कर रहे हैं. उनसभी को पूरा विश्वास है कि अपराध कैसा भी हो,भगवानजी की आराधना एवं तुष्टिकरण से न केवल पापों से मुक्ति मिलती है वरन मरने के पश्चात दूसरे संसार मैं सुख सुविधा का अग्रिम प्रबंध हो जाता है. भगवानजी हमारे अपने आत्मीय हैं और हम उनसे कुछ भी नहीं छुपाते -वह हमारे राज़दार हैं पालनहार हैं।
युवाओं से
जो लकीर के फकीर नहीं बनना चाहते खास कर
युवा वर्ग के लिए_ ****
************
लकीर के फकीर कुछ चालाक और स्वार्थी लोग नहीं चाहते कि नई पीढ़ी के दिमाग खुले हों|
**************
जो बिना सोचे समझे दूसरों की हाँ में हाँ मिलाते हैं, लिखी हुई या सुनी हुई बात को बिना विचारे स्वीकार कर लेते हैं वे अपने दिमाग का उपयोग नहीं करते|
*************
उलट पुलट हर तरह के विचार पढ़ो| इतिहास विज्ञान खूब पढ़ो| पढ़ कर सुन कर सोच विचार करो|
***********
हर बात पर प्रश्न करो| क्या? क्यों? कैसे?
सबसे महत्वपूर्ण है क्यों???
*******************
जिनके पास कोई तर्क आधार युक्त जबाब नहीं होता वे गाली देने लगते हैं|
***********
जो इंटेलिजेंट होते हैं वे लकीर के फकीर नहीं हो सकते| वे विद्रोही होते हैं|
*************
दिमाग खुली रखो| तर्क करो| आधार सहित जबाब दो| जबाब न हो तो गाली मत दो|
**************
जो डिबेट पसंद नहीं करते वे सच जानना नहीं चाहते या जान बूझकर सच को उजागर होने देना नहीं चाहते |
**************
गुरुवार, 30 मार्च 2017
बहु पत्नी प्रथा
मुस्लिम युद्ध प्रेमी थे| मर्द लड़ाई में मर जाते थे| फलस्वरूप स्त्रियों की संख्या अधिक होती थी| adjustment के लिए पुरुषों को चार बीबी रखने की इजाजत थी| इसी तरह हिंदू राजा, जमीनदार, मालगुजार, गौंटिया भी पहले दो तीन पत्नी रखते थे|
बुधवार, 29 मार्च 2017
ईश्वर पर भरोसा
अगर आस्तिक भगवान को जानते समझते हैं तो अपने घरों में ताला क्यों लगाते हैं? सेना पुलिस की क्या जरूरत है? जो करेगा ऊपर वाला करेगा| अच्छा करेगा| भरोसा करें|
************
हम ताला खोलते हैं. भगवान आदेश देता है . खुल जा ताला| चोर ताला तोड़ता है| वह आदेश देता है. टूट जा ताला| वाह क्या बात है|.
ईश्वर
ईश्वर को नहीं जानने वाले भ्रमित confused नहीं हैं | भ्रमित तो वे हैं जो भगवान को जानते नहीं लेकिन मानते हैं |
सोमवार, 27 मार्च 2017
राक्षस कुल (ओ बी सी, एस टी) स्वार्थी? बाकी निस्वार्थ?
* स्वर्ग में एयर कंडिशंन्ड सूट के आरक्षण के लिए सत्संग प्रवचन भजन कीर्तन मंदिरों में लुटाओ| खूब लुटाओ| घर परिवार सब छोड़ो| यह सब माया है| कुछ भी लेकर नहीं जाओगे|
* यह सब प्रवचन सत्संग हम राक्षस कुल ( ओ बी सी, एस टी) के लोग ज्यादा सुनते हैं जहां कहा जा रहा है कि राक्षस ही स्वार्थी होते हैं | बाकी सब परमार्थी होते हैं| वाह|.
डिबेट और सच
जो डिबेट पसंद नहीं करते वे सच जानना नहीं चाहते या जान बूझकर सच को उजागर होने देना नहीं चाहते |
रविवार, 26 मार्च 2017
भ्रष्टाचार और रोजगार
भ्रष्टाचार हमारे देश में कम हो या बंद हो जाय तो बहुत अच्छी बात होगी | लेकिन इससे पंडित पुरोहित महंत साधु संत योगियों को रोजगार नहीं मिलेगा| क्योंकि जब कोई पाप ही नहीं होगा तो पाप मुक्त होने के लिए कोई चढ़ावा नहीं देगा| सब
मंदिर गंगा नदी सूने सूने हो जाएंगे|
शनिवार, 25 मार्च 2017
विद्रोही
जो इंटेलिजेंट होते हैं वे लकीर के फकीर नहीं होते विद्रोही होते हैं| परंपराओं को चुपचाप ढोते नहीं तोड़ते हैं|
श्रीकृष्ण, गौतम बुद्ध, जाबाली ऋषि, चार्वाक ऋषि, गेलिलियो, डॉ कोबूर, गांधी, नेहरू......, सुभाष भगत सिंह ....... ,
ईश्वर की मर्जी
ईश्वर की मर्जी के बिना एक पत्ता भी नहीं हिलता| सब उनकी मर्जी से सब हो रहा है? भ्रष्टाचार, चोरी डकैती, हत्या बलात्कार, आतंकवाद नक्सलवाद,,,?
शुक्रवार, 24 मार्च 2017
धर्मराज
अपनी साझा पत्नी को जूए में दांव पर लगाने वाले युधिष्ठिर को धर्मराज कहकर सम्मान देना क्या उचित है!
बुधवार, 22 मार्च 2017
शास्त्री जी की मृत्यु
फेसबुक में एक पोस्ट_
"""""" अंत मे शास्त्री जी युद्ध के बाद समझोता करने ताशकंद गए ! और फिर जिंदा कभी वापिस नहीं लौट पाये !! पूरे देश को बताया गया की उनकी मृत्यु हो गई ! जब कि उनकी ह्त्या कि गई थी !!
******* मेरा विचार_
पाकिस्तान ने पहले हमला किया था| दोनो. देशों के जन धन की बहुत हानि हो रही थी|| युद्ध में भारत की जीत रहा था| भारतीय सेना सीमा से आगे दूर तक बढ़ चुकी थी| इस स्थिति में ताशकंद में समझौता हुआ| उसके पालन में युद्ध बंद हुआ|
हमारे प्रधाम मंत्री लाल बहादुर शास्त्री जी आज के नेताओं जैसे नहीं थे| वे एक सरल स्वभाव के ईमानदार देश प्रेमी थे| समझौते में हस्ताक्षर करने के बाद रात को सोते समय वे सोचने लगे | यह तो गलत हुआ| पाक ने हमला किया| हम जीत रहे थे| बिना कोई क्षतिपूर्ति लिए, निःशर्त समझौता हमारे हित में नहीं हुआ| बहुत गलत हुआ| वे चाहते तो भारतीय सेना जहां तक पहुंची थी उस पर हमारा कब्जा और क्षति पूर्ति की शर्त रखी जा सकती थी| इसके लिए वे खुद को जिम्मेदार मानकर रात भर छटपटाते रहे| बहुत तनाव में हृदयाघात से मृत्यु हो गई|
शनिवार, 18 मार्च 2017
गुरुवार, 16 मार्च 2017
मनुस्मृति बनाम हमारा संविधान
मनु स्मृति मनु के विचार थे देश और समाज के लिए| आर्यावर्त में वे नियम कानून थे|
लेकिन लोकतंत्र भारत में बहुमत से देश का संविधान निर्माण किया गया| अब वही देश और समाज के लिए नियम और कानून हैं| वही हमारा धर्म है| बाकी सब बकवास है|
***************
संविधान में संशोधन परिवर्तन हो सकता है बहुमत से चाहे वह कुछ की दृष्टि से अच्छा न हो |
*********
लेकिन मनु स्मृति में कोई परिवर्तन संशोधन करना मनु के साथ धोखा होगा,बेईमानी होगी, अपराध होगा, दंडनीय होगा|
अगर कोई ऐसी कोशिश करे तो निश्चित ही वह बहुत चालाक और स्वार्थी होगा|
************************
विनीत विद्रोही का पोस्ट फेस बुक में_
मंगलवार, 14 मार्च 2017
सोच विचार
सोच विचार , वाद विवाद, से ही सच उजागर होता है, केवल पढ़ने सुनने से नहीं|
हर गांव शहर में नियमित विचार गोष्ठी का आयोजन होना चाहिए|
मंगलवार, 7 मार्च 2017
मंदिर नहीं स्कूल
हेम सुंदर गुप्त शास उच्च माध्यमिक शाला महापल्ली जिला रायगढ़ छत्तीसगढ़ के संस्थापक श्री हेम सुंदर गुप्त का जन्म दिन 05 मार्च को मनाया गया|
हमारे देवी देवताओं ने आम जन की शिक्षा के लिए क्या किया पता नहीं लेकिन ग्राम महापल्ली के हेम सुंदर गुप्ता ने रायगढ़ पूर्वांचल को एक स्कूल दिया|
उस देवता को शत शत नमन|
सोमवार, 6 मार्च 2017
बगावत
बगावत तो सबसे बड़ा धर्म हैं इसलिय पाखंडी और अंधविश्वासी बगावत नही करते । आप एक उदाहरण दीजिये कि फलां पाखंडी ने बगावत की। एक नही मिलेगा। बगावत सच्चा इंसान ही कर सकता है
रविवार, 5 मार्च 2017
सत्य नारायण कथा
सत्य नारायण कथा में सुनाई जाने वाली असत्य कथा कम से कम एक बार अवश्य सुननी चाहिए|
बगल वाले घर मे लड़की की शादी है सत्य नारायण की कथा हो रही है। कथा जिसमें न सत्य है न नारायण सिर्फ़ पंडित का व्यवसाय है प्रकृति सबको पालती है
शनिवार, 4 मार्च 2017
शुक्रवार, 3 मार्च 2017
ताक झांक
गुरमोहर ने सैनिक की हत्या का दोषी किसी दुश्मन देश को नहीं माना| युद्ध को दोषी माना| हमारी मानसिकता को| इसमें गलत क्या था कि कुछ तथाकथित राष्ट्रवादी उसके पीछे पड़ गए|
सोशल मिडिया में प्रसारित गुरमोहर के नाम वाली विडिओ नकली भी हो सकती है| यदि नकली है तो बनाने वाले को जेल दाखिल करना चाहिए|
यदि असली है तो -
किसी की निजी जिंदगी में ताक झांक करना गलत है| उसे प्रसार प्रचार करना निश्चित ही घटिया मानसिकता है|
लड़का मस्ती कर सकता है दारू पी सकता है गाना गा सकता है|
कोई लड़की का मस्ती क्यों नहीं कर सकती? उसकी मस्ती पर दूसरों को क्यों तकलीफ है|
****
गुरमोहर के नाम से प्रसारित कार left driving है|
बुधवार, 1 मार्च 2017
सरहदें
सैनिक की हत्या दुश्मन देश का सैनिक या कोई देश नहीं करता, युद्ध करता है|
जाति धर्म देश की सरहदें मानवता के दुश्मन हैं|
विचार का विरोध
जो भी हो जितना भी मतभेद हो हमारे प्रधान मंत्री मोदी जी के चित्र पर जूता मारना बहुत गलत है|
मतभेद के कारण किसी की हत्या करना भी गलत है|
अपने धर्म को कितना मानते हैं?
नाहिद अख्तर का एक नगमा है_
अल्ला ही अल्लाह किया करो|
दुख न किसी को दिया करो||
***** इसे कितने मुस्लिम मानते हैं?
************
वेद मंत्र है_
सर्वे भवन्तु सुखिनः सर्वे सन्तु निरामयाः|
**** इसे कितने हिंदू मानते हैं!
सोमवार, 27 फ़रवरी 2017
धर्म बनाम संविधान
कोई भी धर्म अच्छा नहीं है| सबमें कमी है लेकिन कोई संशोधन परिवर्तन करना नहीं चाहते स्वार्थी लोग|
यदि ईमानदारी से संशोधन हो तो वह देश का संविधान ही रह जाएगा|
संकीर्णता
संकीर्णता और कट्टरता ईसाइयों की अपेक्षा हिंदुओं में अधिक, हिंदुओं की अपेक्षा मुसलमानों में अधिक है|
यही आतंकवाद का आधार है|
रविवार, 26 फ़रवरी 2017
संकीर्णता बनाम उदारता
हिंदू मुस्लिम की तरह संकीर्ण सोच वाले नहीं होते इसी लिए वे आतंकवादी भी नहीं होते| इसीलिए चार्वाक ऋषि, जाबाली ऋषि, गौतम बुद्ध, भगत सिंह जैैसे नास्तिक भी हुए हमारे देश में|
हां अब हमारे हिंदुओं में भी कुछ संकीर्णता बढ़ रही है|
सब जानते हैं
घोटाला भ्रष्टाचार किसी एक पार्टी की बपौती नहीं, सबका अधिकार है। क्योंकि भगवान और देवी देवताओं को पटाना सबको आता है|
मुखबीरी
कुछ जलनखोर नेहरू जी को बदनाम करने के लिए उन्हें मुखबीर कहते हैं क्योंकि
चंद्रशेखर आजाद नेहरू से मिले, उसके बाद आजाद को पोलिस ने घेर लिया|
याने की उस दिन जो लोग मिले आजाद जी से पशु पक्षी भी सबने मुखबीरी की थी|
गधे. .
दामोदर सावरकर का नामकरण
कोई बताएंगे श्री विनायक सावरकर को "वीर सावरकर" क्यों कहते है्?
यह सम्मानित नाम किसने दिया ?
असहमति का जबाब हत्या? जलनखोरी
[2/26, 07:23] N R Pradhan: नक्सलवाद का उद्देश्य आर्थिक समानतता लाना है मार पीट, लूट मार, चोरी डकैती हत्या करके| क्या उचित कहा जाए?
[2/26, 07:24] N R Pradhan: वैचारिक असहमति के कारण किसी की हत्या कदापि उचित नहीं|
[2/26, 07:46] N R Pradhan: जो वर्ग दल तथातथित राष्ट्र भक्त गांधी के हत्यारे का समर्थन करते हैं वे देश की आजादी के लिए कुछ भी नहीं किए थे|
शनिवार, 25 फ़रवरी 2017
क्यों!
कोई बताएं_
मंगल पांडे ने एक अंग्रेज पर गोली क्यों चलाई ?
रानी लक्ष्मी बाई ने अंग्रेज सरकार से क्यों लड़ाई की?
शुक्रवार, 24 फ़रवरी 2017
पढ़ें सोचें समझें
Yogesh Bhoy ने वाट्सएप ग्रुप विचार मंच में भेजा है_
"""''
ज्वलंत प्रश्न?
मंगल पांडे को फाँसी❓
तात्या टोपे को फाँसी❓
रानी लक्ष्मीबाई को अंग्रेज सेना ने घेर कर मारा❓
एक बात समझ मे नही आती कि भगवान ने गांधी और नेहरु को ऐसे कौन से कवच-कुण्डंल दिये थे❓
जिसकी वजह से अग्रेंजो ने इन दोनो को फाँसी तो दूर , कभी एक लाठी तक नही मारी...❓
उपर से यह दोनों भारत के बापू और चाचा बन गए और इनकी पीढ़ियाँ आज भी पूरे देश के उपर अपना पेंटेंट समझती है❓
गहराई से सोचिए❓❓❓
🚩अखंड हिन्दू🚩
हिन्दू सेवार्थ कटिबद्ध
---------------------***-----------------------------# क्या मंगल पांडे, रानी लक्ष्मी बाई हमारे देश की आजादी के लिए अंग्रेजों से लड़े थे ?
# गांधी नेहरू कांग्रेस ने आजादी के लिए अहिंसात्मक आंदोलन किया था| बिना अस्त्र शस्त्र के| उन्हें कानून के अनुसार पोलिस या न्यायालय द्वारा गोली या फांसी नहीं दी जा सकती|
आज भी अहिंसात्मक हड़ताल, रैली, अनशन करने वाले को गोली फांसी नहीं होती|
# ये अखंड हिंदू हि्दू सेवार्थ वालों को क्यों जलन हो रही है गांधी नेहरू से? इस दल के पूर्वज आजादी के लिए क्या क्या किए थे? यह भी बताना चाहिए| क्या किसी भी तरह वे अंग्रेजों से लड़े थे? वे डरते थे तो कम से कम हमारे तैंतीस करोड़ देवी देवताओं को प्रार्थना कर अंग्रेजों के विरुद्ध लड़ने के लिए भेज देते तो ये अंग्रेज एक पल में खतम हो जाते|
************************"*"****""*""
इतिहास को पढ़ना और समझना चाहिए|. किसी के पोस्ट को बिना सोचे समझे शेअर करना उचित नहीं|
कुछ जलनखोर लोगों को भड़काने अफवाह उड़ाने में लगे हैं सच में कुछ झूठ मिलाकर|
वे जानते हैं कि बार बार कोई बात कहने से कुछ लोग बिना सोचे समझे मान लेते हैं|
बुधवार, 22 फ़रवरी 2017
नहीं समझा
सज्जन हैं तो दुर्जन भी होंगे|
यह तो समझ में आ गया लेकिन ये नहीं समझा
हरिजन है तो .. .
सत्य नारायण हैं तो..
महा लक्ष्मी हैं तो..
धर्म पत्नी हैं तो. .
मंगलवार, 21 फ़रवरी 2017
धर्म पत्नी
Bharat Vitthal ne bheja h whatsapp group me_
धर्म-पिता - मतलब असली पिता नहीं.
धर्म-माता - मतलब असली माता नहीं.
धर्म-पुत्र - मतलब असली पुत्र नहीं.
धर्म-भाई - मतलब असली भाई नहीं.
धर्म-बहन - मतलब असली बहन नहीं.
लेकिन ....
ये जबर्दस्त गलती कैसे हुई.?
धर्म-पत्नी - मतलब असली पत्नी.
पता करो शास्त्रों में कहां गलती हुई...
🤔********
एक पुरानी घटना_
एक शिक्षक ने आवेदन पत्र दिया था जिसमें लिखा था " मेरी धर्म पत्नी के इलाज के लिए"
मैंने पूछा - आपकी धर्म पत्नी के अलावा भी कोई पत्नी है?
मंदिर मस्जिद
अजान नमाज पूजा पाठ यज्ञ हवन से कुछ भी नहीं होता । जो होता है मेहनत से होता है ।
************
काश ये खूबसूरत मस्जिद मंदिर हमारे दिलों को भी खूबसूरत बना देते है ।