पहले अपने अंदर के दोष को देखें | अपने और अपने धर्म की बुराई दूर करें तो हम और हमारा धर्म बेहत्तर होंगे| हम सुधरें तो युग सुधरेगा|
सत्य को जानने की कोशिश करनी चाहिए. सत्य जानने के लिए उलट पुलट हर तरह के विचार पढ़ कर सोचना चाहिए. किसी लोखी गई या कही गई बात को आँख बंद कर नहीं मानना चाहिए. सत्य ही सुन्दर है. सत्य ही कल्याणकरी है.
गुरुवार, 24 नवंबर 2016
तीन ब्रह्मचारी
_ तीन ब्रह्मचारी_
ऊंचे पूरे डील डौल वाले साहसी वीर ब्रह्मचारी हनुमान जी श्री राम के भक्त थे | आंशिक नहीं शत प्रतिशत भक्त| अपने प्रभु श्री राम जी जो आज्ञा दें बिना किसी संशय के तत्काल पालन करने वाले|
ऐसे ही ऊंचे पूरे कद काठी वाले साहसी आर एस एस के परम भक्त ब्रह्मचारी मोदी जी ने भारत मेें नोटबंदी कर दिया अपने प्रभु की आज्ञा से | परिणाम देख रहे हैं हाहाकार| अंतिम परिणाम कालाधन का एक भाग खत्म| नक्सलवाद को चोट|
राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के वरीष्ठ सदस्य संवेदनशील कवि हृदय अजानुबाहु ब्रह्मचारी अटल बिहारी वाजपेयी जी से अगर यह नोटबंदी करने के लिए कहा जाता तो वे हरगीज तैयार नहीं होते चाहे जो भी परिणाम होता|
आत्मा की अवधारणा
एक अनुत्तरित, मन को अशांत कर देने वाला प्रश्न - मृत्यु पश्चात क्या? इसका जबाब है आत्मा की कल्पित अवधारणा मन को सकून तो देता है मान लेने से|
गीता में कहा है- जिस तरह शरीर पूराने वस्त्र को त्याग कर नया धारण करता है वैसे ही आत्मा समय आने पर पूराने शरीर को त्याग कर नए रूप में जन्म लेती है|
मंगलवार, 22 नवंबर 2016
धार्मिक आजादी
हमें अंग्रेजों से आजादी मिली किंतु अपनी इच्छा से धर्म के चयन की आजादी नहीं मिली| जन्म होते ही बच्चा हिंदु मुस्लिम इसाई हो जाता है| फिर Copy Paste चलता रहता है|
सभी धर्म चहते हैं कि हम तर्क न करें, विचार न करें| Copy Paste करते रहें, आंख, दिमाग सब बंद रखें|
निश्चित ही हमारे देश को अंग्रेजों से आजादी दिलाने वाले Copy Paste करने वाले नहीं थे, सोचते विचारते थे|
राष्ट्र भक्त विचारक होते हैं वे Copy Paste करने वाले नहीं होते| धर्म भक्त copy paste करने वाले होते हैं|
हम राष्ट्र भक्ति कभी कभी दिखा देते हैं
हकीकत में हम धर्म भक्त होते हैं|
सरकारी आदेश का पालन करने हम स्वतंत्रता दिवस मनाते हैं|
बिना सरकारी आदेश के हम धार्मिक त्यौहारों को अपने घर में सपरिवार धूमधाम से मनाते हैं लेकिन राष्ट्रीय पर्व नहीं|
वर्तमान सभी धर्म हमारा brain wash करते हैं, फिर हमारे दिमाग में अपनी बातों को भरते हैं| वे चाहते हैं कि हम बिना विचारे उसका पालन करें|
मुझे आश्चर्य होता है छोटे छोटे बच्चे मंदिर मस्जिद.. में जाते हैं नमाज पढ़ते हैं, पूजा अर्चना करते हैं| याने वे ईश्वर को जानते हैं |मैं सड़सठ वर्ष का हो गया लेकिन उस भगवान को नहीं जान सका|
गोबर और परमाणु बम
हा हा हा .गोबर से परमाणु विकिरण से बचाव...
कीवर्ड्स:#विश्व हिंदू परिषद#राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ#रेडियोऐक्टिविटी#गौरक्षा#गौमूत्र#गोबर#गाय और इस्लामनई दिल्लीगौ कल्याण के लिए आवाज उठाने वाले राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ को गौरक्षाका एक और जरूरी कारण मिल गया है। गौमूत्र को कैंसर से लेकर दांत सलामतरखने के लिए जादुई रूप से असरकारी बताने के बाद अब संघ के एक धड़े 'मुस्लिम राष्ट्रीय मंच' ने दावा किया है कि गाय का गोबर आपको परमाणु विकिरण के खतरे से भी बचा सकता है।द हिंदू में छपी एक खबर के मुताबिक, संगठन का दावा है कि परमाणु बमों के खतरनाक असर को गाय का गोबर बेअसर करने की ताकत रखता है। संगठन द्वारा प्रकाशित एक बुकलेट के अनुसार, अगर किसी जगह को गाय के गोबर सेलीप दिया जाए तो रेडियोऐक्टिविटी का असर खत्म हो जाएगा। किताब में दावा किया गया है कि जिस जगह को गाय के गोबर से लीपा जाता है वहां रेडियोऐक्टिविटी असर नहीं करती और अगर करती भी है तो उसका असर बेहद मामूली होता है।
सोमवार, 21 नवंबर 2016
भक्तों की गुंडागर्दी
भक्तों ने शिकायत वापस ली . यही प्रमाण है कि वे घटिया नीच बेईमान भ्रष्ट मूर्ख हैं|
अब उन्हें पोलिस द्वारा बीच बाजार लात घूंसा पिटाई कर जेल दाखिल करनी चाहिए|
***********"*"
बद्री प्रसाद पुरोहित_
मित्रो! २१नवम्बर २००८ को मेरी एक कविता स्थानीय साप्ताहिक में प्रकाशित हुई थी।धर्मान्धों नें आस्था पर ठेस ,ईश निंदा के नाम पर बसना थाने में एफ आई आर किया और मेरे विद्यालय में आकर मुझे बेहिसाब लात घूंसों से मारा।कुछ उन्मादी तो कह रहे थे कि पेट्रोल लाओ जला देते हैं।खैर मेरे चाचा और एक दो सहकर्मियों के बिच बचाव के बाद मेरे प्राण बचे,वे तो धमका रहे थे इसे जो बचाने आएगा उसे भी हम जला देंगे खैर मेरी जान बची,पुलिस नें मुझे गिरफ्तार कर लिया।उन्मादियों ने थाने और अदालत को घेर लिया था।जज नें तो जमानत दे दी पर एस डी एम् ने जमानत न देकर मुझे उपजेल भेज दिया।फिर न्याय प्रेमी ,शान्ति प्रेमी जनताऔर मेरे मित्र परिजन भी संगठित होकर थाना और अदालत पहुचे और मेरी जमानत करवाई और भारी दबाव डालने के बाद मुझे मारने वालों में से 7 को गिरफ्तारी कर तत्काल जमानत दे दी। लगभग तीन साल अदालत पेशी जाते रहा मैं तो अदालत से अपनी कविता को जंचवाना चाहता था पर शिकायत कर्ताओं ने अपनी शिकायत वापस ले ली और उस मुकदमे का पटाक्षेप हो गया।भय, अपमान और जिल्लत झेलने के बाद भी मैंने लिखना बंद नहीं किया ।प्रस्तुत है एक रचना। #
मैं कैसे भूल जाऊँ#
विश्व नहीं भूलता
हिटलर,इदी अमिन,चंगेज खान की बर्बरता
हिरोशिमा ,नागाशाकी में हुआ अणुबम संहार
भारत नहीं भूलता गुलामी का दंश
समारोह पूर्वक याद करता है
हर वर्ष स्वाधीनता की वर्षगांठ मनाकर
भोपाल गैस काण्ड के पीड़ित
नहीं भूलते उस सिहराने वाली काली रात को
सिक्ख नहीं भूलते 84 के दंगे
मुस्लिम नहीं भूलते बाबरी ध्वंश
और उत्तर गोधरा के दंगे
साहित्यकार नहीं भूलते
हरिशंकर परसाई की पिटाई
और सफ़दर हासमी की निर्मम हत्या।
लोग इतिहास के बुरे दिनों को याद कर
भविष्य में मानवता को बचाए रखने का संकल्प ही तो लेते हैं
पर मेरे हितैषी
मुझे जाने क्यूँ सलाह देते हैं
मैं उस वाकया को भूल जाऊं और न मनाऊं
अपना दूसरा जन्म दिन
21 नवम्बर 2008 के उस काले दिन की याद में
जब दिन दहाड़े भरी सड़क में
मेरी एक कविता से नाराज
धर्मान्धों के एक गिरोह के हमले में
मैं बाल बाल बचा ।
मैं कैसे व क्यों भुला दूँ
यह भूल जाने लायक वाकया भी नहीं।
_ बद्री प्रसाद पुरोहित
धार्मिक मान्यता
Ramesh Sharma _
कुछ बातें जिसे हम सोच नहीं पाते ,कह नहीं पाते ---------
आज न्यायमूर्ति रोहिंटन एफ. नरीमन की पारसी धर्म पर लिखी किताब " द इनर फायर ,फेथ ,चॉइस एंड मॉडर्न डे लिविंग,इन जोरोएस्ट्रीअनिजम " के विमोचन के अवसर पर भारत के सुप्रीम कोर्ट के प्रधान न्यायाधीश जस्टिस ठाकुर ने कुछ महत्त्व पूर्ण बातें कहीं | उन्होंने कहा कि " इंसान और ईश्वर के बीच का रिश्ता नितांत निजी होता है ,और इससे किसी और को कोई मतलब नहीं होना चाहिए |जितने लोग राजनीतिक विचार धाराओं के कारण नहीं मारे गए उससे कहीं ज्यादा लोगों की जान धार्मिक युद्धों में गई है |धार्मिक मान्यताओं की वजह से इस दुनिया में ज्यादा तबाही, नुकसान और खून खराबे हुए हैं | "
सीजेआई जस्टीस ठाकुर की सारी बातें आज के सन्दर्भ में न केवल महत्वपूर्ण सवालों के साथ सामने आती हैं बल्कि सोचने को भी हमें विवश करती हैं |
शुक्रवार, 11 नवंबर 2016
कबरा पहाड़
हमारे गांव लोइंग जिला रायगढ़ के पास एक पहाड़ है नाम कबरा पहाड़| पहाड़ कुछ झुका हुआ है. वहाँ वर्षा के पानी से बिना भीगे पांच सौ लोग रह सकते हैं| वहां कई कार्यक्रम हुए हैं, गोवर्धन पूजा भी|
मान लीजिए उस जमाने के most intelligent गोपालक श्री कृष्ण जी को उस जगह की जानकारी हो. बारीश से बचने के लिए अपने चरवाहे मित्रों को बुलाकर ले गए हों|
उनके साथी खुश होकर बताए होंगे, जिसे कथा लेखक ने लिख दिया होगा कि श्री कृष्ण ने कबरा पहाड़ को उंगली से उपर उठा दिया|
या फिर मजाक मजाक में अपनी उंगली उपर रख कर बोले हों ..ये मैं कबरा पहाड़ उठा दिया हूँ. आओ यहां पहाड़ के नीचे. भीगने से बचो|
हमारी चालाकी
हम बहुत चालाक हैं इसलिए हमने अधिक भगवान देवी देवता पैदा कर लिए| संतोषी माता और साईं भगवान का जन्म पोस्ट कार्ड से हु़आ|
गुरुवार, 10 नवंबर 2016
प्रभाव
रूपये 500 और 1000 के नोट बंद होने से काला धन का कुछ हिस्सा चलन से बाहर-
अस्थाई प्रभाव -
मुद्रा प्रसार में कमी - मुद्रा स्थीति कम - सेवा और वस्तुओं की कीमत कम - आम उपभोक्ता खुश <- लाभ कम होने से विनियोगी उत्पादक हतोत्साहित - अर्थ ब्यवस्था में कुछ गड़बड़ |
स्थाई प्रभाव ... बहुत अच्छा|
बुधवार, 9 नवंबर 2016
गणित
---- गणित---
सपना देखा, सत्ताईस साल का हूँ|27|
सुबह नींद खुली सड़सठ हो गया|67|
घटाकर देखा तो चालीस बढ़ गया|40|
लोकिन मन में अंतर कुछ न मिला|0O|
500, 1000 के नोट बंद
मोदी जी के काला धन विरूद्ध साहसिक निर्णय के क्रियान्वयन का परिणाम -
1_ आम जन को अस्थाई परेशानी होगी|
2_ मोदी जी को खूब गालियां मिलेगी लेकिन भक्तों की तरह गंदी गालियों की उम्मीद नहीं है|
सोमवार, 7 नवंबर 2016
एक अफवाह... NASA नासा की नई खोज
इस पोस्ट को शेअर कर पुण्य के भागी बनें|
Bharat Vitthaldas tarkasheel_
💰 भगवान को पैसा चढ़ाया तो मिलेगा दण्ड 💣
💡 नासा (NASA) ने भारत के देवी देवताओं और भगवानों पर रिसर्च की और पाया कि आजकल भगवानों की पालिसी में जबरदस्त बदलाव आया है।उन्हें दान दक्षिणा व चढ़ावे से सख्त घृणा हो गई है। उन्होंने महसूस किया कि दान की रकम का भंयकर दुरुपयोग हो रहा है, मंदिरों की रखरखाव में कोई पैसा खर्च नहीं हो रहा है, मंदिर गन्दे और घुटन भरे हैं
।
💣 इस कारण से देवी देवता अपने भक्तों को ही दंडित कर रहे हैं। कुछ उदाहरण निम्नलिखित हैं-
🏊🏽 बद्रीनाथ - केदारनाथ में देवताओं ने हजारो भक्तों को बाढ़ के पानी में डुबो डुबो कर मारा। इसमें वे लोग बच गए जो मंदिर नहीं जा पाए थे।
🚑 एक मामले में माता पिता अपने एक मात्र लड़के के लिए दुआ मानने वेष्णों देवी गये और वहाँ सोने का हार चढ़ाया। कुछ दिनों में ही उनके लड़के की सड़क दुर्घटना में मौत हो गई।
✉ एक परिवार शिरडी में 50,000/- रुपये चढ़ा कर घर लौटा तो उसके घर में पदावनति (reversion) का आर्डर पड़ा हुआ था।
👀 एक परिवार तिरुपति से सिर मुड़वा कर घर लौटा तो देखा कि उसके घर से करीब 6 लाख रुपये चोरी हो गए थे।
👥👥 रिसर्च में ऐसे लाखों उदाहरण पाये गये जहाँ देवताओं ने भक्तों को दान - चढ़ावा देने पर दण्ड दिया।
🔔 इसलिए सावधान हो जाएं यदि मंदिर जाये भी तो एक भी पैसा, सामान ना चढ़ायें नहीं तो दण्ड भुगतने के लिए तैयार रहें।
👪 दूसरी ओर देवी देवता मंदिर छोड़कर सामान्य आदमी के भेष में रहने लगे हैं जिसके उदाहरण निम्नलिखित हैं-
📘📒📓 एक अध्यापक ने अपनी नौकरानी की लड़कियों को पढ़ने के लिए मुफ्त किताबें दी और ट्यूशन भी दी तो उसके लड़के को मल्टीनेशनल कंपनी में बहुत अच्छी नौकरी मिल गई।
🙇🏻 एक व्यापारी ने ठंड से कांपते भिखारी को कम्बल दिया और घर बुला कर खाना खिलाया जिससे उसको व्यापार में तीन गुना लाभ मिला।
🌾🍀 एक धनी किसान ने अपने खेतों में काम करने वाले मजदूरों को सामान्य से दुगुनी मजदूरी दी तो उस साल उसका बहुत फायदा हुआ।
👪 इस प्रकार से देवी देवता आजकल गरीबों के रूप में प्रकट हो रहे हैं इसलिए गरीबों को दान दक्षिणा देने से ही फल मिल रहे हैं।
❌ मंदिर जाना खतरनाक साबित हो रहा है।
☝🏻मंजिल वही सोच नई🙏🏼
(^m^)(^J^)(मन की बात)
Debate
युवा वर्ग को अपने गांव शहर में विचार गोष्ठी का आयोजन करना चाहिए| रविवार को| शुरू में कम लोग आएं तो निराश न हों, अच्छे काम में लोग जुड़ते जाएंगे| विचार विमर्श डिबेट से व्यक्तित्व विकास तो होगा ही, नए विचार नए कर्तब्य के रास्ते खुलेंगे| डिबेट से सत्य को जानने की कोशिश हो सकती है|
रविवार, 6 नवंबर 2016
भ्रष्टाचार
मैं हूं भ्रष्टाचार | मैं सर्वब्यापी| तुम अकेले कहां कहां लड़ोगे मुझसे? मैं| हर कोई मुझे चाहता है अंत समय से कुछ पहले मेरा साथ छोड़ कर परलोक सुधारने की कोशिश करता है|
शनिवार, 5 नवंबर 2016
गीता और कुरान
Radha Krishnan Sharma _
मैं लाता हूँ अपना क़ुरान
तुम अपनी गीता निकालो
दोनों को आग लगाकर
जलालो
उसपर एक पतीला
चावल का चढ़ालो !
देख लेना
तुम्हारे चावल
पकने से पहले ही
आग बुझ जायेगी !
लेकिन...
यह न समझो
इनमें ताक़त नहीं !
रददी के यहि पुलिंदे
पूरे गाँव में
आग लगा सकते है
पूरे शहर को जला सकते है
पूरे मुल्क में
दंगा और फसाद
करा सकते है
लेकिन
घर का चूल्हा
नहीं जला सकते
चावल नहीं पका सकते !
क्योंकि इनका ईजाद
भूख मिटाने के लिए नहीं
बल्कि
घरों को फूंकने के लिए
ही हुआ है !
रद्दी के यही पुलिंदे
गरीब का पेट
नहीं भर सकते
लेकिन
दंगाइयों को नेता
जरूर बना देते हैं !
रद्दी के यही पुलिंदे
एक वक्त का
चूल्हा नहीं जला सकते
लेकिन अमीरों को
सत्ता तक
जरूर पहुंचा सकते हैं !
एक गरीब के लिए
गीता और कुरान
बंदरिया के
मरे हुए बच्चे के समान है
जो बंदरिया उसे
सीने से चिपकाये रहती है !
नेताओ और मठाधीसों के लिए
मुल्लाओं और न्यायाधीशों के
लिए
रद्दी के यही पुलिंदे
जीवंत होते है
उन्हें ऊर्जा देते हैं !
अमन और शांति के लिए
परिवर्तन और क्रांति के लिए
रद्दी के इन पुलिंदों को..
आग में झोंकना ही होगा
आग में झोंकना ही होगा !!
--
-- नदीम हिंदुस्तानी।
ध्यान रखें
Kamomajra_ 👇👇👇👇👇👇👇👇
*यह हमेशा ध्यान रखे*
1) 🤑🌶🍒 *निम्बू-मिर्च* खाने के लिये है.. कही *टाँगने* के लिए नहीं है....
2) 😱🐈 *बिल्लियाँ* जंगली या पालतू जानवर है, बिल्ली के *रास्ता काटने* से कुछ गलत नहीं होता.. बल्कि चूहों से होनेवाले नुक्सान को बचाया जा सकता है.....
.
3) 🗣💨 *छींकना* एक नैसर्गिक क्रिया है , छींकने से कुछ *अनहोनी* नहीं होती ना हि किसी काम में बाधा आती है- छींकने से शरीर की *सुप्त पेशियां* सक्रीय हो जाती है...
4) 💀🌳 *भूत* पेड़ों पर नहीं रहते - पेड़ों पर *पक्षी*रहते है.....
5) 🔬🔭 *चमत्कार* जैसी कोई चीज नहीं होती - हर घटना के पिछे *वैज्ञानिक* कारण होता है.....
6) ⛄☃ *भोपा, बाबा* जैसे लोग *झुठे* होते है- जिन्हें *शारारिक मेहनत* नहीं करनी ये वही लोग है.....
7) ⛈🌪👺🔥 *जादू टोणा*, या *किसी ने कराया* ऐसा कुछ नहीं होता, ये दुर्बल लोगोंके *मानसिक विकार* है....
जादू-टोणा करके आपके ग्रहो की दिशा बदलने वाले बाबा, हवा और मेघों की दिशा बदलकर बारिश नहीं ला सकते...?⛈☁🌒💫
8 ) 🌏🐠 *वास्तुशास्त्र* भ्रामक है. सिर्फ दिशाओ का *डर* दिखाकर लूट...
वास्तविक तो पृथ्वी ही खुद हर क्षण *अपनी दिशा* बदलती है.... अगर *कुबेर जी* उत्तर दिशा में है तो एक ही स्थान या दिशा में *अमीर* और *गरीब* दोनों क्यों पाये जाते है?..... .
9) 👼🐓🐐🍇🍎 *मन्नत,पूजा, बलि, टिप* या *चढ़ावे* से भगवान प्रसन्न होकर *फल* देते है, तो क्या भगवान् *रिश्वतखोर* है?..... आध्यात्म *मोक्ष* के लिए है, *धन* कमाने के लिए नहीं.....
यह मेसैज 15 दूसरे ग्रूप्स में भेजने से कोई *खुशखबरी* नहीं मिलेगी...और इसको डिलीट करने पर कोई अनहोनी भी नहीं होगी। पर Farword करने से आपके कई मित्र *मेहनत*और *कर्म* का महत्त्व जरूर जान सकेंगे...
🙏🌹🙏🌹🕉🌹🙏🌹🙏
शुक्रवार, 4 नवंबर 2016
पृथ्वी
Shayad kokas Durg_
🔷तो आखिर हमारी पृथ्वी कैसे बनी ?🔷
▪आइये ,इस सिद्धांत के आधार पर देखें कि हमारी पृथ्वी कैसे बनी । साढ़े चार अरब वर्ष पूर्व सूर्य के निकट से एक पिन्ड गुजरा ,दोनों पिन्डों में आकर्षण हुआ । सूर्य से जो तंतु निकला कालांतर में उसके ठंडे होने पर तथा द्रव्य के शीतली करण के कारण उसके छोटे छोटे पिंड बने । ये तमाम पिंड उस सूर्य की परिक्रमा करने लगे जो उनका जनक था । यह सभी पिंड ग्रह कहलाये जिनमें हमारी पृथ्वी भी एक ग्रह है और उसके भाई बहन हैं अन्य ग्रह । इस तरह हमारी पृथ्वी और अन्य ग्रहों का जन्म हुआ ।
▪यहाँ यह प्रश्न उठना स्वाभाविक है कि यह ग्रह आकर्षण के कारण एक दूसरे के करीब आने के बावज़ूद टकराते क्यों नहीं ? इसका उत्तर यह है कि गुरुत्वाकर्षण के कारण सभी ग्रह अपनी-अपनी कक्षा में रहकर सूर्य का चक्कर लगाते हैं । हर ग्रह की वक्रता की एक निर्धारित गति होती है जो उसके जन्म सें निर्धारित हो चुकी होती है और वही बनी रहती है । सब ग्रहों की वक्रता की गति अलग-अलग होती है लेकिन सब एक ही तल पर होते हैं इसलिए एक दूसरे से नहीं टकराते और अपनी अपनी कक्षा में घूमते रहते हैं ।
▪वक्रता की गति से प्राप्त बल उन्हें सूर्य से दूर करता है जबकि गुरुत्वाकर्षण ग्रहों को सूर्य की ओर खींचता है।
इन दोनों के बीच संतुलन की वजह से ही ग्रह सूर्य से टकराकर नष्ट नहीं होते बल्कि चारों ओर घूमते रहते हैं ।
यही हाल उन उपग्रहों का भी है वे भी अपने जनक गृह का ऐसे ही चक्कर लगाते हैं और कम अधिक गुरुत्वाकर्षण के बावजूद एक सन्तुलन बनाकर घूमते रहते हैं । चन्द्रमा पृथ्वी के इर्दगिर्द घूमता है और पृथ्वी सूर्य के इर्द गिर्द घुमती है ।
अब घूम फिर कर फिर वही बात सामने आ जाती है कि इन शक्तियों के पीछे कौन हैं ? सीधी सी बात है , इन शक्तियों के पीछे इनकी अपनी सत्ता है और किसी ईश्वरीय सत्य की कल्पना सिर्फ मनुष्य के मानस की उपज है ।
▪तात्पर्य यह कि हमारे सबसे करीब यही ग्रह है जिस पर हम खड़े हैं जिसका सबसे ज्यादा प्रभाव हम पर होता है लेकिन इसका हमारी कुंडली में इस ग्रह का कोई स्थान नहीं है । भूकंप आने पर पृथ्वी हिलती है हमारा सब कुछ बरबाद हो जाता है लेकिन प्रभाव उस शनि का बताया जाता है जो हमसे लाखों किलोमीटर दूर है । हम यह भूल जाते हैं कि ज्योतिषियों द्वारा प्रदत्त यह ज्ञान उस ज़माने का है जब विज्ञान ऐसी गणनाएं करने में असमर्थ था । आज हमारे पास सिर्फ कल्पनाएँ नहीं हैं बल्कि प्रयोगों के आधार पर स्थापित विज्ञान के ठोस सिद्धांत हैं । बहरहाल इतनी कल्पना तो हम कर ही सकते हैं कि वह पिन्ड जिसके आकर्षण के फलस्वरूप हमारे सौरमंडल की उत्पत्ति हुई , हो सकता है अपनी संतानों के साथ बृह्मांड में कहीं विचरण कर रहा हो ।
▪इस प्रकार यह पृथ्वी जन्म लेने के पश्चात प्रारम्भ में विभिन्न प्रकार की गैस से मिलकर बना एक विशालकाय पिंड थी जो अपने अक्ष पर घूमती हुई सूर्य की परिक्रमा कर रही थी । ताप के विकीरण के फलस्वरूप यह पिंड ठंडा हुआ ,द्रव्य व गैसों का शीतलीकरण हुआ तथा तरलीय व अर्धसान्द्रीय अवस्थाओं से होता हुआ वर्तमान अवस्था तक पहुंचा। बाहरी तल से घनीकरण प्रारम्भ हुआ,उपरी सतह पर पपड़ी जमी जो भीतर की ओर मोटी होती गई। गर्भ भाग में सिकुड़ना प्रारंभ हुआ, पपड़ी में झुर्रियाँ व दरारें पड़ीं फलस्वरूप हिमालय जैसे पर्वत और नदियाँ बनीं । यह सब घटित होने में कई करोड़ साल लगे ।
▪दिमाग पर ज़्यादा ज़ोर मत लगाइये चलिए अपने घर में ठंडे होते हुए दूध पर मलाई जमते हुए देखिए और इस पर विचार कीजिए । ठंडी होती हुई पृथ्वी पर समुद्र , पहाड़ , नदियाँ , झीलें , चट्टानें ऐसे ही बनी होंगी ।
▪और किराये की बात भी भूल जाईये यह तो एक बहुत बड़ा बाड़ा है जो जितना पुराना किरायेदार उसका उतना हक़ । वही किरायेदार वही मकान मालिक, जैसे अफ्रिका जैसे बड़े देश और हमारे जैसे छोटे , या फिर अमेरिका जैसे नए किरायेदार जिन्होंने अपनी चालाकी से मकान पर ही कब्ज़ा कर लिया । फिर हर देश में भी कुछ बड़े बड़े धन्ना सेठ और ढेरों हमारे जैसे फुटपाथिये । इस धरती पर रहने की कीमत न वो देते है न हम । अपने बड़े बड़े उद्योगों से प्रदूषण फैलाकर पृथ्वी का सबसे ज्यादा नुकसान वे करते हैं और इलज़ाम हमारे सर पर कि हम प्रदूषण फैलाते हैं ,जंगल काटते हैं, ज़मीन से पानी चूस लेते हैं और नुकसान करते हैं इस पृथ्वी का ।
▪मुम्बई की चालें देखी हैं ना , जब तक धराशायी नहीं होती लोग खाली ही नहीं करते ,फिर कई लोग दब कर मर भी जाते हैं । हालाँकि उनके रहने के लिए और कहीं ठिकाना भी तो नहीं होता सो जाएँ तो जाएँ कहाँ । पीढियां बीत जाती हैं उनकी फुटपाथों पर । यह लोग भी धीरे धीरे पृथ्वी को उसी विनाश की ओर ले जा रहे हैं जहाँ न ये पृथ्वी रहेगी न हम । आप कहेंगे हमें क्या ? हमारी आनेवाली पीढ़ीयाँ जानें । हम तो चैन से रह ही लेंगे अपने जीते जी ।
▪लेकिन ऐसा नहीं है भाई.. आधी रात को जब यह पृथ्वी हिलती है तब समझ में आता है कि कहीं न कहीं कुछ गड़बड़ तो है , या फिर बाढ़ का पानी जब देहरी छूने लगता है और खेतों में फसलों को बर्बाद कर देता है तब लगता है कि ऐसा सोचना सही नहीं है । या फिर भोपाल गैस कांड की तरह आधी रात को उठकर भागना पड़ता है तो पता चलता है कि मल्टी नॅशनल्स की गलतियों का खामियाज़ा हमें भुगतना पड़ रहा है ।
▪हालाँकि यह इतना आसान नहीं है , इसके पीछे एक षडयंत्र भी है जो विकास के नाम पर विश्व की पूंजीपति सरकारें कर रही हैं , बांधों की जरुरत से ज्यादा ऊंचाई , जंगल और जमीन पर मल्टी नेशनल कंपनियों को कारखाने के लिए लाइसेंस , नदियों का जल बेचने की अनुमति , ज़मीन से जल का दोहन विकास के नाम पर आपके खेतों का अधिग्रहण ।
▪यह पृथ्वी न उनकी है न हमारी लेकिन इसके नष्ट होते जाने का दोष सिर्फ हम पर क्यों ? सोचा है कभी ?
NDTV
Mag Tarkasheel_ दस बातें जिनके लिए NDTV इंडिया को बैन किया जाना चाहिए।
1- क्योंकि NDTV इंडिया जादू -टोना , करिश्मा ,चमत्कार जैसी खबरें नहीं दिखाता।
2- क्योंकि NDTV इंडिया चपड़गंजू बाबाओं को लाकर दिन का राशिफल और भविष्य नहीं दिखाता।
3- क्योंकि NDTV इंडिया जब सारे चैनल सास बहू और साज़िस, झगड़े चला रहे होते हैं तो वह देश से जुडी और खबरें चला रहा होता है।
4- क्योंकि NDTV इंडिया इंटरटेंमेंट के किन चैनलों TRP कहाँ पहुंची ,कौन सा सीरियल इस सप्ताह हिट जायेगा ,कौन सा पिछले सप्ताह फ्लॉप रहा ,ये सब नहीं दिखता।
5- क्योंकि NDTV इंडिया आपको सवाल करने को कहता है, किसी भी खबर पर आँख मूदकर भरोसा करने से रोकता है।
6-क्योंकि NDTV इंडिया सरकार की गलत नीतियों को खुलकर बिना चाटुकारिता के दिखाता है।
7- क्योंकि NDTV इंडिया दलितों पर अत्याचार ,आदिवासियों का मुद्दा ,ब्राह्मणवाद और संघ की करतूतों को बेझिझक दिखाता है।
8-क्योंकि NDTV इंडिया आम जनता को(not bhakts) निष्पक्ष चैनल लगता है और सेकुलरिज्म की बात करता है।
9-क्योंकि NDTV कुशवाहा समेत अन्य वंचित वर्गों की वर्तमान स्थिति और जनसँख्या व सम्राट अशोक महान पर डिबेट कराता है l
10- और सबसे अहम् और महत्वपूर्ण ये की NDTV इंडिया के एंकर Ravish kumar को बेस्ट एंकर का अवार्ड मिलता है।