छत्तीसगढ़ जिला रायगढ़ पुसौर क्षेत्र के गाँव की एक इंटेलिजेंट लड़की के आई टी रायगढ़ से इंजिनियरिंग पढ़कर एक साल अध्यापन की| NIT राउरकेला में पी जी पढ़ाई पूरी कर वह इंजिनियर कॉलेज भुवनेश्वर में प्राध्यापक है|
एक विचारशील सज्जन श्री के एन प्रधान ने उस लड़की की व्यथा सुनाई|
उसके पिता जीअपने कई परिचितों रिश्तेदारों से बोले - "हामर झीअ र लागी पीला देखबअ (हमारी लड़की के लिए लड़का देखेंगे)| समय बीतता रहा| हमारे कोलता समाज का कोई पढ़ा लिखा लड़का उस लड़की को पसंद नहीं किया| क्योंकि वह सुंदर नहीं थी, काली थी| इसके लिए वह स्वयं जिम्मेदार नहीं थी|
शादी की उम्र निकल रही थी | अन्ततः उसने एक विजातीय लड़के से विवाह कर लिया| (उसके इस साहसपूर्ण कदम के लिए मैं बधाई देना चाहता था किंतु मेरे मोबाइल में उसका नम्बर डिलिट हो गया था|) उन्होंने आगे बताया कि उनके गाँव में उस परिवार को जात भात करने, जुर्माना करने, जाति बहिष्कार करने की चर्चा चल रही है| शायद उसके माता पिता को अपनी उस पुत्री को मृत मानकर बिसर खाना पड़ सकता है| जाति समाज को भोज देना पड़ेगा|
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हमारे जाति - समाज द्वारा उस लड़की के लिए सहयोग सहायता कुछ नहीं लेकिन भोज खाएंगे, दंडित करेंगे, उसे मृत मान लेंगे| उस लड़की का अपने माता पिता के घर आना प्रतिबंधित होगा| अन्यथा पूरे परिवार को जाति से बहिष्कार|
वाह! हम और हमारे समाज की यह क्रूरता भी अद्भुत है| हम महान| हमारी संस्कृति महान?
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श्री केदार नाथ प्रधान जी से मैंने कहा कि उस नव दम्पति को रायगढ़ में आशीर्वाद समारोह का आयोजन करना चाहिए|
हमें पहुँचकर उन्हें शुभकामना देनी चाहिए|
मेरे इस विचार से वे सहमत हुए|
सत्य को जानने की कोशिश करनी चाहिए. सत्य जानने के लिए उलट पुलट हर तरह के विचार पढ़ कर सोचना चाहिए. किसी लोखी गई या कही गई बात को आँख बंद कर नहीं मानना चाहिए. सत्य ही सुन्दर है. सत्य ही कल्याणकरी है.
बुधवार, 20 दिसंबर 2017
अंतर्जातीय विवाह पर कठोर दंड
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