पश्चिमी देशों में मांसाहारी अधिक हैं| हमारे देश में कुछ मांस शाकाहारी हैं और कुछ शाकाहारी| कहते हैं जैसा आहार वैसा विचार, वैसा ही व्यवहार होगा|
तो क्या हमारे देश में पश्चिम की अपेक्षा इंसानियत अधिक है?
क्या मांसाहारी क्रूर चोर डाकू घटिया भ्रष्ट कपटी बेइमान जलनखोर स्वार्थी .... ... होते हैं?
तो क्या हमारे देश में पश्चिम की अपेक्षा इंसानियत अधिक है?
क्या मांसाहारी क्रूर चोर डाकू घटिया भ्रष्ट कपटी बेइमान जलनखोर स्वार्थी .... ... होते हैं?
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