समाज सेवा करने के लिए किसी जातीय सामाजिक संगठन का पदाधिकारी होना आवश्यक नहीं है|
शिक्षा के लिए समर्पित छत्तीसगढ़ रायगढ़ पूर्वांचल ग्राम कुकुर्दा के श्री मनोज स्वाईं जो स्कूल शिक्षा सुधार के लिए पागल हो चुके हैं, जो तन मन धन दे रहे हैं, स्कूलों में जाकर बहुत परिश्रम कर रहे हैं|
क्या यह समाज सेवा नहीं है?
सत्य को जानने की कोशिश करनी चाहिए. सत्य जानने के लिए उलट पुलट हर तरह के विचार पढ़ कर सोचना चाहिए. किसी लोखी गई या कही गई बात को आँख बंद कर नहीं मानना चाहिए. सत्य ही सुन्दर है. सत्य ही कल्याणकरी है.
बुधवार, 20 दिसंबर 2017
समाज सेवी श्री मनोज स्वाईं
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