रविवार, 23 अक्टूबर 2016

धर्म

यः धारयते सः धर्मः| जो धारण करने योग्य हो उसे हम धारण करें वही धर्म है| बाकी सब बकवास है|  हमारा धर्म देश दुनियाँ समाज के हित में हो|

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