भीम राव अम्बेडकर महान थे बेशक| लेकिन उन्हें महान साबित करने के लिए ये दिन रात जय भीम का नारा लगाने वाले सच के साथ कुछ झूठ मिलाकर अफवाह फैला रहे हैं| यह घटिया हथकंडा अपना रहे हैं|
एक पोस्ट में इसी तरह कोई गधा श्रीराम चंद्र के साथ किसी दलित नेता की तुलना क्का था शायद भीम जी के साथ| मूर्खता है यह| दोनों एक साथ होते तो कोई प्रतियोगिता करा देते कि कौन महान है ज्यादा कम!
सत्य को जानने की कोशिश करनी चाहिए. सत्य जानने के लिए उलट पुलट हर तरह के विचार पढ़ कर सोचना चाहिए. किसी लोखी गई या कही गई बात को आँख बंद कर नहीं मानना चाहिए. सत्य ही सुन्दर है. सत्य ही कल्याणकरी है.
शनिवार, 22 अक्टूबर 2016
जय भीम
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