शुक्रवार, 28 अक्टूबर 2016

धर्म का झुनझुना

Ram Bahadur Pandey _
🌹प्रायः सभी कथित धर्मों के धर्माचारियों  ने एक अन्धों का समाज निर्मित किया और कहा  कि तुम्हें अपनी आंखों की कोई आवश्यकता नही है| तुम्हें देखने की नहीं, बस भरोसे की ,श्रद्धा की अनुकरण करने की जरूरत है| इन धर्माचारियों ने यह कहते हुए कि तुम सोचोगे ,विचार करोगे और चिन्तन करोगे तो असली मार्ग से भटक जाओगे , सोचने समझने व चिन्तन करने के अधिकार से वंचित कर दिया ।
              ऐसा लगता है कि यह तथाकथित धर्माचारी नही चाहते  किसी की सन्देह की धार तेज हो या बुद्धि पैनी हो । वह यही चाहते हैँ कि सब  मरे मरे से , किसी तरह अपने को घसीटते हुए मन्दबुद्धि और प्रतिभाहीन बने रहें । इन धर्माचारियों ने मन्दबुद्धि बनाने मे सफलता ही नहीं हासिल की बल्कि इनके हाथ मे विश्वास और श्रद्धा नामक झुनझुना भी पकड़ा दिया , जिसे हम आंख बन्द करके बजाते फिर रहे हैँ ।🌷

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें